निलंबित IAS रानू साहू की बढ़ी मुश्किलें, PWD करेगा संपत्ति की जांच, ACB ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
Krishna Kumar Sikander | Aug 26, 2025, 13:13 IST
Suspended IAS Ranu Sahu troubles increased the sootr
छत्तीसगढ़ की निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहले से ही कोयला और डीएमएफ (जिला खनिज निधि) घोटाले की जांच का सामना कर रहीं रानू साहू की अब रायपुर के तुलसी गांव में स्थित संपत्तियों की भी जांच होगी।
छत्तीसगढ़ की निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कोयला घोटाले और डीएमएफ (जिला खनिज निधि) घोटाले में पहले से ही जांच के घेरे में रहीं रानू साहू की रायपुर के तुलसी गांव में स्थित संपत्तियों की अब लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा गहन जांच की जाएगी।
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने PWD मुख्यालय से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद PWD रायपुर संभाग क्रमांक-2 को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। यह जांच रानू साहू के स्वामित्व वाली संपत्तियों, जिसमें मकान, फार्म हाउस और दुकान शामिल हैं, के निर्माण, लागत और वैधता पर केंद्रित होगी।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ DMF घोटाला: अफसरों में बंटा करोड़ों का कमीशन, रानू साहू ने बटोरे 57.85 करोड़
PWD की जांच टीम को रानू साहू के तुलसी गांव में स्थित मकान और फार्म हाउस की हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया है। जांच में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
निर्माण का समय और लागत : मकान और फार्म हाउस का निर्माण कब हुआ और इस पर कितना खर्च आया।
निर्माण सामग्री और डिजाइन : भवन में उपयोग किए गए दरवाजे, खिड़कियां, फॉल सीलिंग, प्लाई वर्क, इंटीरियर डेकोरेशन, मॉड्यूलर किचन, बाथरूम फिटिंग्स (नल, शावर, बेसिन, बाथटब), कपबोर्ड, ग्रिल्स, रेलिंग, और वार्डरोब की लागत।
इलेक्ट्रिकल और अन्य उपकरण : इलेक्ट्रिक इंस्टालेशन, झूमर, पंखे, एयर कंडीशनर, कूलर, लाइट्स, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी, होम थिएटर, और सबमर्सिबल पंप (ड्रिलिंग और मशीन) जैसे उपकरणों और फर्नीचर फिक्स्चर्स की कीमत और मजदूरी खर्च।
बाउंड्री वॉल और लॉन : बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, और लॉन के निर्माण पर हुए खर्च का मूल्यांकन।
कृषि भूमि पर निर्माण की वैधता : मकान कृषि भूमि पर बना है, इसलिए यह जांचा जाएगा कि इसके लिए गांव के सरपंच से अनुमति ली गई थी या नहीं।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ DMF घोटाला: अफसरों में बंटा करोड़ों का कमीशन, रानू साहू ने बटोरे 57.85 करोड़
तुलसी गांव में रानू साहू से संबंधित संपत्तियां खसरा नंबर 398/1 (0.1410 हेक्टेयर), 407/1 (0.0710 हेक्टेयर), 407/2, और 407/3 (0.4100 हेक्टेयर) पर दर्ज हैं। ये संपत्तियां अरुण कुमार साहू और लक्ष्मी साहू, निवासी पांडुका, छुरा, गरियाबंद के नाम पर हैं। PWD को जांच से पहले पंचनामा तैयार करना होगा, जिसके आधार पर संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़ें... निलंबित IAS रानू साहू, समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया जेल से रिहा
रानू साहू, 2010 बैच की छत्तीसगढ़ कैडर की IAS अधिकारी, को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 22 जुलाई 2023 को कोयला घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद, डीएमएफ घोटाले में उनकी संलिप्तता सामने आने पर 17 अक्टूबर 2024 को ED ने उन्हें फिर से हिरासत में लिया। ED की जांच में सामने आया कि रानू साहू ने कोरबा (मई 2021-जून 2022) और रायगढ़ में कलेक्टर के रूप में कार्यकाल के दौरान डीएमएफ फंड में अनियमितताएं कीं और ठेकेदारों से भारी रिश्वत ली।
ये खबर भी पढ़ें... सुप्रीम कोर्ट ने रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया को दी सशर्त अंतरिम जमानत
ED ने कोयला घोटाले में दावा किया कि रानू साहू ने सूर्यकांत तिवारी जैसे मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर कोयला परिवहन से प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की, जिससे 16 महीनों में लगभग 540 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई। इस राशि का उपयोग संपत्ति खरीदने, रिश्वत देने, और चुनावी खर्चों में किया गया।
इसके अलावा, छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रानू साहू, उनके पति IAS जयप्रकाश मौर्य, और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में FIR दर्ज की है। EOW की जांच में सामने आया कि रानू साहू और उनके परिवार ने उनकी सेवा अवधि के दौरान 4 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं।
रानू साहू को कोयला घोटाले में 3 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी थी। कोर्ट ने शर्त रखी कि वे अगले आदेश तक छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगी और केवल जांच एजेंसी या ट्रायल कोर्ट के बुलावे पर ही राज्य में प्रवेश करेंगी। जमानत के बावजूद, ACB और EOW की जांच ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
ACB वर्तमान में रानू साहू के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और डीएमएफ घोटाले की जांच कर रही है। EOW ने भी कोयला घोटाले में 35 लोगों, जिसमें रानू साहू, समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, और सूर्यकांत तिवारी शामिल हैं, के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन जांचों में सामने आया कि एक संगठित गिरोह ने कोयला परिवहन और डीएमएफ फंड का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की।
PWD की जांच से यह स्पष्ट होगा कि रानू साहू की संपत्तियों का निर्माण वैध आय से हुआ या अवैध तरीकों से अर्जित धन का उपयोग किया गया। ACB और EOW की संयुक्त कार्रवाई से इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या रानू साहू के पति जयप्रकाश मौर्य की इन संपत्तियों में कोई भूमिका है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
पीडब्ल्यूडी जांच | फार्म हाउस की जांच
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने PWD मुख्यालय से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद PWD रायपुर संभाग क्रमांक-2 को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। यह जांच रानू साहू के स्वामित्व वाली संपत्तियों, जिसमें मकान, फार्म हाउस और दुकान शामिल हैं, के निर्माण, लागत और वैधता पर केंद्रित होगी।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ DMF घोटाला: अफसरों में बंटा करोड़ों का कमीशन, रानू साहू ने बटोरे 57.85 करोड़
संपत्ति जांच का दायरा
निर्माण का समय और लागत : मकान और फार्म हाउस का निर्माण कब हुआ और इस पर कितना खर्च आया।
निर्माण सामग्री और डिजाइन : भवन में उपयोग किए गए दरवाजे, खिड़कियां, फॉल सीलिंग, प्लाई वर्क, इंटीरियर डेकोरेशन, मॉड्यूलर किचन, बाथरूम फिटिंग्स (नल, शावर, बेसिन, बाथटब), कपबोर्ड, ग्रिल्स, रेलिंग, और वार्डरोब की लागत।
इलेक्ट्रिकल और अन्य उपकरण : इलेक्ट्रिक इंस्टालेशन, झूमर, पंखे, एयर कंडीशनर, कूलर, लाइट्स, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी, होम थिएटर, और सबमर्सिबल पंप (ड्रिलिंग और मशीन) जैसे उपकरणों और फर्नीचर फिक्स्चर्स की कीमत और मजदूरी खर्च।
बाउंड्री वॉल और लॉन : बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, और लॉन के निर्माण पर हुए खर्च का मूल्यांकन।
कृषि भूमि पर निर्माण की वैधता : मकान कृषि भूमि पर बना है, इसलिए यह जांचा जाएगा कि इसके लिए गांव के सरपंच से अनुमति ली गई थी या नहीं।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ DMF घोटाला: अफसरों में बंटा करोड़ों का कमीशन, रानू साहू ने बटोरे 57.85 करोड़
तुलसी गांव में रानू साहू से संबंधित संपत्तियां खसरा नंबर 398/1 (0.1410 हेक्टेयर), 407/1 (0.0710 हेक्टेयर), 407/2, और 407/3 (0.4100 हेक्टेयर) पर दर्ज हैं। ये संपत्तियां अरुण कुमार साहू और लक्ष्मी साहू, निवासी पांडुका, छुरा, गरियाबंद के नाम पर हैं। PWD को जांच से पहले पंचनामा तैयार करना होगा, जिसके आधार पर संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
जांच की प्रक्रिया और समयसीमा PWD अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम अगले एक-दो दिनों में तुलसी गांव में मौके पर पहुंचकर संपत्तियों का निरीक्षण शुरू करेगी। यह जांच न केवल निर्माण की लागत, बल्कि उसकी वैधता और नियमों के अनुपालन पर भी केंद्रित होगी। ACB ने PWD से इस संबंध में जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
रानू साहू का घोटालों से कनेक्शन
ये खबर भी पढ़ें... सुप्रीम कोर्ट ने रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया को दी सशर्त अंतरिम जमानत
ED ने कोयला घोटाले में दावा किया कि रानू साहू ने सूर्यकांत तिवारी जैसे मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर कोयला परिवहन से प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की, जिससे 16 महीनों में लगभग 540 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई। इस राशि का उपयोग संपत्ति खरीदने, रिश्वत देने, और चुनावी खर्चों में किया गया।
इसके अलावा, छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रानू साहू, उनके पति IAS जयप्रकाश मौर्य, और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में FIR दर्ज की है। EOW की जांच में सामने आया कि रानू साहू और उनके परिवार ने उनकी सेवा अवधि के दौरान 4 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं।
सुप्रीम कोर्ट से जमानत, लेकिन शर्तें लागू
ACB और EOW की सक्रियता
संयुक्त कार्रवाई से खुलासे होने की संभावना
FAQ
- PWD को रानू साहू की संपत्तियों की जांच के लिए किन बिंदुओं पर ध्यान देना है?
PWD को रानू साहू की रायपुर के तुलसी गांव स्थित संपत्तियों की जांच के दौरान निर्माण की समय-सीमा, लागत, उपयोग की गई सामग्री और डिज़ाइन, इलेक्ट्रिक उपकरणों, फर्नीचर, बाउंड्री वॉल, और कृषि भूमि पर निर्माण की वैधता जैसे बिंदुओं पर गहराई से जानकारी एकत्र करनी है। मकान और फार्म हाउस की पूरी लागत और वैधानिकता की जांच ACB के निर्देश पर की जा रही है। - रानू साहू को किन घोटालों में आरोपी बनाया गया है और उन पर क्या आरोप हैं?
रानू साहू पर मुख्य रूप से कोयला घोटाले और डीएमएफ (जिला खनिज निधि) घोटाले में शामिल होने का आरोप है। ED की जांच के अनुसार, उन्होंने कोरबा और रायगढ़ में कलेक्टर रहते हुए रिश्वत लेकर ठेके दिए, और सूर्यकांत तिवारी जैसे आरोपियों के साथ मिलकर कोयला परिवहन से प्रति टन ₹25 की अवैध वसूली की। इससे 16 महीनों में लगभग ₹540 करोड़ की अवैध कमाई हुई, जिसका उपयोग संपत्ति खरीदने और चुनावी खर्चों में किया गया। - रानू साहू को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत में क्या शर्तें लागू की गई हैं?
रानू साहू को 3 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली, जिसमें शर्त रखी गई कि वे छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगी और केवल जांच एजेंसी या ट्रायल कोर्ट के बुलावे पर ही राज्य में प्रवेश करेंगी। हालांकि जमानत मिलने के बावजूद, ACB और EOW की जांच जारी है और उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
पीडब्ल्यूडी जांच | फार्म हाउस की जांच
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari