टामन ने रिश्तेदारों को पहले ही दे दिया पेपर, फिर करोड़ों में किया लीक
Kanak Durga Jha | Jan 18, 2025, 18:03 IST
file photo
छत्तीसगढ़ में हुए CGPSC गड़बड़ी मामले की चार्जशीट सामने आने पर कई बड़े खुलासे हुए हैं। सीबीआई ने खुलासा किया कि टामन ने अपने रिश्तेदारों को पहले ही प्रश्न पत्र दे दिए थे।
छत्तीसगढ़ में हुए CGPSC गड़बड़ी मामले की चार्जशीट सामने आने पर कई बड़े खुलासे हुए हैं। CBI द्वारा पेश की गई इस पूरी चार्जशीट में CGPSC ऑफिस में कार्यरत 7 कर्मचारियों समेत करीब 41 लोगों को गवाह बनाया गया है, लेकिन 5 ऐसे लोगों के बयान दर्ज नहीं कर पाई जो कि इस पूरे मामले के या तो जांचकर्ता हैं या इस गड़बडी के अंदर तक जुड़े हैं।
चार्जशीट के मुताबिक जुलाई 2020 को प्रश्न पत्र प्रकाशन को लेकर टामन सिंह और परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक ने मे. एकेडी प्रिंटर प्रा. लि. के अरुण कुमार द्विवेदी के साथ रायपुर में मीटिंग की उसके बाद दोनों के बीच 17 अगस्त 2020 को ही अनुबंध हुआ कि 2 प्रश्न-पत्र सेट करने की सहमति बनी।
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17 अगस्त 2020 से जनवरी 2022 तक अनुबंध के तहत मे. एकेडी प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड कलकत्ता ने दोनों प्रश्न-पत्रों में 50-50 प्रश्न दिए, जिसमें सामान्य अध्ययन पेपर-1 के लिए 55 और एप्टीट्यूड टेस्ट पेपर-2 के लिए 82 प्रश्न आरती वासनिक को प्रत्येक पेपर में 100 प्रश्नों की समीक्षा करने और उन्हें अंतिम रूप देने के लिए सीलबंद लिफाफे में फर्म के कर्मचारी महेश दास ने जनवरी 2022 में रायपुर भेजे।
CBI ने अपनी चार्जशीट में छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (सीजीपीएससी) 2021 के प्रश्न-पत्र लीक होने का खुलासा करते हुए लीक करने वाले सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को बताया है। इस साजिश में उनके साथ तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर शामिल थे।
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सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि ये पर्चे सोनवानी ने अपने भतीजे नितेश और साहिल को दिए, जो बाद में डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी बने। इस पूरे मामले में बचाव पक्ष के वरिष्ठ वकील का कहना है कि जो चार्जशीट पेश की गई है, वह दिशाहीन है सीबीआई क्या कहना चाहती है? क्या आरोप लगाना चाहती है, यह स्पष्ट नहीं है। अभ्यर्थियों का चयन हुआ और 4 दिन में उनके खिलाफ चालान पेश कर दिया, किसी को खुश करने के लिए चार्जशीट बनाई गई है।
छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (सीजीपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने भतीजे- भतीजियों का चयन करवाने के लिए बड़ी साजिश रची थी। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में जो पर्चे लीक हुए, वे 4 नहीं, और कई अभ्यर्थियों को मुहैया करवाए गए थे। इसे लेकर जांच चल रही है। सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि इसके लिए उसने सबसे पहले नियम बदलवाए।
'रिलेटिव' की जगह 'फैमिली' लिखवाया, और फैमिली से भतीजा शब्द हटवा दिया। साजिश को अंजाम देने की शुरुआत 14 जुलाई 2021 को हुई। उस दिन सोनवानी के ही निर्देश पर रिलेटिव (रिश्तेदार) के स्थान पर फैमिली (परिवार) शब्द को बदलने का प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया।
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चार्जशीट के मुताबिक जुलाई 2020 को प्रश्न पत्र प्रकाशन को लेकर टामन सिंह और परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक ने मे. एकेडी प्रिंटर प्रा. लि. के अरुण कुमार द्विवेदी के साथ रायपुर में मीटिंग की उसके बाद दोनों के बीच 17 अगस्त 2020 को ही अनुबंध हुआ कि 2 प्रश्न-पत्र सेट करने की सहमति बनी।
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CBI ने किया खुलासा
CBI ने अपनी चार्जशीट में छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (सीजीपीएससी) 2021 के प्रश्न-पत्र लीक होने का खुलासा करते हुए लीक करने वाले सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को बताया है। इस साजिश में उनके साथ तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर शामिल थे।
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सोनवानी ने अपने भतीजे को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी बनाया
भतीजे- भतीजियों को अफसर बनाने टामन ने ऐसे रची साजिश
'रिलेटिव' की जगह 'फैमिली' लिखवाया, और फैमिली से भतीजा शब्द हटवा दिया। साजिश को अंजाम देने की शुरुआत 14 जुलाई 2021 को हुई। उस दिन सोनवानी के ही निर्देश पर रिलेटिव (रिश्तेदार) के स्थान पर फैमिली (परिवार) शब्द को बदलने का प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया।
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FAQ
- सीजीपीएससी गड़बड़ी मामले में चार्जशीट में कौन-कौन लोग शामिल हैं?
सीबीआई की चार्जशीट में सीजीपीएससी के 7 कर्मचारी और 41 लोग गवाह के रूप में शामिल हैं, हालांकि 5 ऐसे लोग हैं जिनके बयान अब तक दर्ज नहीं किए जा सके, जो इस मामले के जांचकर्ता या गड़बड़ी में शामिल थे। - चार्जशीट के अनुसार, प्रश्न-पत्र लीक होने की साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे?
चार्जशीट के अनुसार, सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने मिलकर प्रश्न-पत्र लीक करने की साजिश रची। - सीबीआई जांच में किसने भतीजों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया था?
सीबीआई जांच में यह खुलासा हुआ कि सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने भतीजों नितेश और साहिल को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी के पदों पर नियुक्त किया।
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