सूदखोर तोमर ब्रदर्स को अंतरिम राहत,हाईकोर्ट ने मकान तोड़ने की कार्रवाई पर लगाई रोक
Harrison Masih | Jul 30, 2025, 16:45 IST
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सूदखोरी के मामलों में चर्चित रायपुर के तोमर बंधुओं को हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने मकान गिराने की प्रशासनिक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सूदखोरी के मामलों में चर्चित रायपुर निवासी तोमर बंधुओं को बड़ी राहत दी है। प्रशासन द्वारा उनके मकान को गिराने की तैयारी पर जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच ने फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है कि आखिर किस आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।
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तोमर बंधुओं पर आरोप है कि वे लंबे समय से सूदखोरी के अवैध धंधे में लिप्त हैं और इसी अवैध कमाई से उन्होंने संपत्तियाँ खड़ी की हैं। प्रशासन ने इन आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने, यहां तक कि उनके रायपुर स्थित निवास व कार्यालय को गिराने की योजना बनाई थी।
रविवार को प्रशासन ने उनके परिसर में बुलडोजर भी चलाया था, जिसे लेकर विवाद और कानूनी चुनौती खड़ी हो गई।
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सूदखोर तोमर ब्रदर्स की ओर से हाई कोर्ट में पेश हुए पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद वर्मा और वरिष्ठ अधिवक्ता सजल गुप्ता ने अदालत के समक्ष दलील दी कि प्रशासन बिना किसी वैध न्यायिक प्रक्रिया के मकान गिरा रहा है, जो प्राकृतिक न्याय और संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध है।
इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि "प्रशासन कानून से ऊपर नहीं हो सकता। मकान गिराने जैसे कदम उचित कानूनी आदेश और प्रक्रिया के बिना मनमानी माने जाएंगे।"
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तोमर ब्रदर्स को हाईकोर्ट से राहत
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तोमर बंधुओं को मिली यह राहत स्थायी नहीं है, लेकिन यह मामला यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक कार्रवाई भी कानूनी प्रक्रिया से बाहर जाकर नहीं की जा सकती। यह केस अब पूरे छत्तीसगढ़ में एक नज़ीर के रूप में देखा जा रहा है, जहां अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई और उसमें कानूनी प्रक्रियाओं का पालन—दोनों एक साथ जांच के घेरे में हैं।
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क्या है मामला?
रविवार को प्रशासन ने उनके परिसर में बुलडोजर भी चलाया था, जिसे लेकर विवाद और कानूनी चुनौती खड़ी हो गई।
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हाई कोर्ट में क्या हुआ?
इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि "प्रशासन कानून से ऊपर नहीं हो सकता। मकान गिराने जैसे कदम उचित कानूनी आदेश और प्रक्रिया के बिना मनमानी माने जाएंगे।"
ये खबर भी पढ़ें... तोमर बंधुओं पर कार्रवाई को लेकर बोले गृहमंत्री: 'विष्णु सरकार में सुशासन भी है और सुदर्शन चक्र भी'
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अंतरिम राहत,अंतिम फैसला बाकी
कोर्ट ने फिलहाल मकान गिराने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई है। लेकिन यह अंतिम निर्णय नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को भी सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा, और आगामी तारीख पर सभी पक्षों को सुनकर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।
तोमर ब्रदर्स कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?सड़क से अंडे की रेहड़ी तक का सफररोहित और वीरेंद्र तोमर ने रायपुर में अंडा बेचने और ऑटो चलाने से शुरुआत की थी, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में कदम रख लिया। अवैध सूदखोरी और जमीन हड़पने के आरोप दोनों भाइयों पर आरोप है कि वे ज़रूरतमंदों को ऊंची दर पर कर्ज़ देकर उनकी ज़मीनें हड़पते थे। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर करोड़ों की अवैध संपत्ति बनाई। कई संगीन अपराधों में लिप्त ब्लैकमेलिंग, मारपीट, ज़मीन कब्जा, एक्सटॉर्शन जैसे कई केस दर्ज हैं। रोहित तोमर को पहले भी गोलीकांड मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की बड़ी कार्रवाई पुलिस ने इनके घर पर छापेमारी कर 37 लाख कैश, सोने-चांदी के जेवर, महंगी गाड़ियाँ, हथियार और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए। फरार हैं दोनों भाई पिछले 5 दिनों से दोनों भाई फरार हैं। पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है और कई पीड़ित अब सामने आकर शिकायत कर रहे हैं। |
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तोमर बंधुओं को मिली यह राहत स्थायी नहीं है, लेकिन यह मामला यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक कार्रवाई भी कानूनी प्रक्रिया से बाहर जाकर नहीं की जा सकती। यह केस अब पूरे छत्तीसगढ़ में एक नज़ीर के रूप में देखा जा रहा है, जहां अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई और उसमें कानूनी प्रक्रियाओं का पालन—दोनों एक साथ जांच के घेरे में हैं।
FAQ
- रोहित और वीरेंद्र तोमर कौन हैं?
रोहित और वीरेंद्र तोमर रायपुर निवासी दो भाई हैं, जिन्होंने अपना करियर अंडा बेचने और ऑटो चलाने से शुरू किया था। बाद में वे अवैध सूदखोरी, जमीन कब्जा और ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों में लिप्त हो गए। रोहित तोमर को रायपुर का टॉप हिस्ट्रीशीटर माना जाता है, जबकि वीरेंद्र करनी सेना का स्वयंभू अध्यक्ष बनकर लोगों पर दबाव बनाता था। दोनों का आपराधिक नेटवर्क रायपुर सहित कई अन्य शहरों तक फैला हुआ था। - तोमर ब्रदर्स पर कौन-कौन से मामले दर्ज हैं?
तोमर ब्रदर्स पर कई संगीन आरोप दर्ज हैं, जिनमें अवैध सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग, एक्सटॉर्शन (जबरन वसूली), जमीन कब्जा, मारपीट और हथियारों की गैरकानूनी रख-रखाव शामिल हैं। रोहित तोमर पहले भी रायपुर के हाइपर क्लब गोलीकांड में गिरफ्तार हो चुका है। हाल ही में एक प्रॉपर्टी डीलर से मारपीट की घटना के बाद इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू हुई। - रायपुर पुलिस ने तोमर ब्रदर्स के घर से क्या-क्या जब्त किया है?
पुलिस ने तोमर ब्रदर्स के आलीशान मकान में छापेमारी कर 37 लाख 10 हजार रुपये नकद, 734 ग्राम सोना, 125 ग्राम चांदी, BMW, थार, फॉर्च्यूनर और ब्रेज़ा जैसी लग्ज़री कारें, ई-स्टांप, जमीन के दस्तावेज़, नोट गिनने की मशीन, 5 तलवारें, 1 पिस्टल, 1 रिवॉल्वर और जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। इन वस्तुओं से उनके अवैध कारोबार और आय के स्रोतों की पुष्टि होती है।
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