MP Asha Bhosle National Award: अब प्रदेश में दिया जाएगा आशा भोसले राष्ट्रीय पुरस्कार
Manya Jain | Apr 15, 2026, 16:23 IST
MP Asha Bhosle National Award
दिग्गज गायिका आशा भोसले की याद में एमपी सरकार ने 'आशा भोसले राष्ट्रीय पुरस्कार' शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। गीत जगत में बड़ा काम करने वाले कलाकारों को यह मिलेगा।
सुरीली आवाज की मलिका आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल 2026 हो गया। उन्होंने 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। आशा ताई का निधन म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए दुखद है।
उनकी जादुई आवाज ने आठ दशकों तक दिलों पर राज किया। उनकी यादों को संजोने के लिए एमपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक नए 'राष्ट्रीय पुरस्कार' का ऐलान किया है। अब आशा भोसले के नाम पर संगीत का सम्मान दिया जाएगा। संगीत जगत में बड़ा काम करने वाले कलाकारों को यह मिलेगा।
मध्य प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि आशा ताई भारतीय संस्कृति की एक अनमोल रत्न थीं। लता मंगेशकर के बाद अब आशा भोसले के नाम पर पुरस्कार शुरू करना राज्य के लिए गर्व की बात है।
प्रस्तावित 'आशा भोसले एक्सीलेंस अवॉर्ड' केवल एक सम्मान मात्र नहीं होगा, बल्कि इसके कई उद्देश्य तय किए गए हैं।
आशा भोसले (Asha Bhosle) का जन्म 8 सितंबर 1933 को हुआ था। संगीत उन्हें विरासत में मिला था। उन्होंने मात्र 10 साल की उम्र (1943) में अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था। तब से लेकर 2026 तक उनका सफर निरंतर जारी रहा।
आशा ताई के नाम कई ऐसे कीर्तिमान हैं, जो किसी भी कलाकार के लिए एक सपना होते हैं:
मध्य प्रदेश सरकार पहले से ही इंदौर में जन्मी स्वर कोकिला लता मंगेशकर के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार देती है। अब उनकी छोटी बहन आशा भोसले के नाम पर पुरस्कार (National Award) की शुरुआत करेगी।
संस्कृति मंत्री लोधी के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ अंतिम चर्चा के बाद इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया और पुरस्कार राशि की औपचारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। यह कदम मध्य प्रदेश को देश की 'सांस्कृतिक राजधानी' के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
आज भी बरकरार है आशा भोंसले की आवाज का जादू, इनके नाम दर्ज है ये रिकॉर्ड
संगीतकार खय्याम: लोग बदकिस्मत कहते थे, उमराव में इसलिए आशा भोंसले से गवाया
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उनकी जादुई आवाज ने आठ दशकों तक दिलों पर राज किया। उनकी यादों को संजोने के लिए एमपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक नए 'राष्ट्रीय पुरस्कार' का ऐलान किया है। अब आशा भोसले के नाम पर संगीत का सम्मान दिया जाएगा। संगीत जगत में बड़ा काम करने वाले कलाकारों को यह मिलेगा।
मध्य प्रदेश सरकार की अनूठी पहल
पुरस्कार की खासियत
- नकद इनाम और सम्मान: अनुभवी संगीतकारों को उनके जीवनभर के योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
- नए गायकों को मौका: नए और युवा गायकों के लिए एक खास श्रेणी होगी, जिसमें उन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी।
- गुरु-शिष्य कार्यक्रम: पुरस्कार पाने वालों को संगीत के बड़े कलाकारों से सीखने और मार्गदर्शन लेने का मौका मिलेगा।
- सांस्कृतिक उन्नति: इस पहल के जरिए मध्य प्रदेश सरकार राज्य के संगीतकारों को दुनियाभर में पहचान दिलाना चाहती है।
आठ दशकों का सुरीला सफर और विश्व रिकॉर्ड
आशा ताई की उपलब्धियां और सम्मान
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (
Guinness World Record ): उन्होंने विभिन्न भाषाओं में 12 हजार से अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। - बहुमुखी गायकी: शास्त्रीय संगीत से लेकर गजल, कव्वाली, भजन, पॉप और कैबरे तक, उन्होंने हर विधा में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
- राष्ट्रीय सम्मान: साल 2000 में उन्हें फिल्म जगत के सर्वोच्च सम्मान 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार' और 2008 में 'पद्म विभूषण' से नवाजा गया।
लता और आशा: संगीत की दो अमर बहनें
संस्कृति मंत्री लोधी के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ अंतिम चर्चा के बाद इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया और पुरस्कार राशि की औपचारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। यह कदम मध्य प्रदेश को देश की 'सांस्कृतिक राजधानी' के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
आशा भोसले का संगीत योगदान
- कुल गीत: 12,000 से अधिक रिकॉर्डेड ट्रैक।
- भाषाएं: हिंदी, मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल और कई अन्य भाषाएं।
- लोकप्रिय विधाएं: गजल (उमराव जान), आर.डी. बर्मन के साथ पॉप और रॉक संगीत।
- प्रभाव: उनकी आवाज ने भारतीय सिनेमा के संगीत को आधुनिक बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
आज भी बरकरार है आशा भोंसले की आवाज का जादू, इनके नाम दर्ज है ये रिकॉर्ड
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