घोटाले, जमीन और मुआवजा..एमपी विधानसभा में सरकार चार मोर्चों पर घिरी

Ramanand Tiwari | Jul 22, 2026, 23:29 IST
Share
एमपी विधानसभा में सरकार चार मोर्चों पर घिरी
एमपी विधानसभा में सरकार चार मोर्चों पर घिरी

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार घिरती दिखाई दी। विपक्ष ने चार अलग मुद्दों पर जवाब मांगा। आदिवासी जमीन, केन-बेतवा मुआवजा और सिंचाई योजना उठी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • आदिवासी जमीनों के कथित अवैध हस्तांतरण का मुद्दा सदन में उठा।
  • सरकार ने पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया।
  • केन-बेतवा परियोजना के मुआवजे पर विपक्ष ने सवाल उठाए।
  • मुख्यमंत्री ने एक महीने में समाधान कराने का आश्वासन दिया।
  • सिंचाई परियोजना और विश्वविद्यालय विधेयक पर विपक्ष ने विरोध जताया।
एमपी विधानसभा केमानसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने सिर्फ NEET ही नहीं, बल्कि आदिवासी जमीन, केन-बेतवा परियोजना, चंबल सूक्ष्म सिंचाई योजना और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। कई मामलों में सरकार को जांच और कार्रवाई का भरोसा देना पड़ा।

आदिवासी जमीन पर सरकार से जवाब

कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने आदिवासी जमीनों के कथित अवैध हस्तांतरण का मामला उठाया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी और कानून के अनुसार भूमि पुनर्बहाली भी होगी।

केन-बेतवा परियोजना पर उठे सवाल

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि कई प्रभावित परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यदि कोई पात्र व्यक्ति छूटा है या कहीं अनियमितता हुई है तो एक महीने के भीतर जांच कर समाधान किया जाएगा।

सिंचाई परियोजना पर भी विवाद

कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। मंत्री कृष्णा गौर ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे मामले की विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए।

शिक्षा विधेयक पर नई बहस

निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष ने सरकार पर शिक्षा के निजीकरण और छात्रों के भविष्य से समझौता करने का आरोप लगाया। सरकार की ओर से विधेयक को आवश्यक सुधार बताया गया, जबकि विपक्ष इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती मान रहा है।

सरकार को घेरने की रणनीति

इस बार विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दों को जोड़कर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। जमीन, मुआवजा, सिंचाई और शिक्षा जैसे विषयों को एक साथ उठाकर जवाबदेही की मांग की गई। सरकार ने अधिकांश मामलों में जांच और समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन राजनीतिक बहस अभी थमती नहीं दिख रही।

ये भी पढ़ें...

केन-बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध में अनशन तेज, महिलाओं ने शुरू की चूल्हाबंदी

जबलपुर में बैठेगी राज्य महिला आयोग की संयुक्त बेंच, 4 और 5 अगस्त को होगी सुनवाई

मध्य प्रदेश में पायलट भर्ती घोटाला: 4 लाख की पोस्ट पर 29 लाख खर्च करने को तैयार सरकार...आखिर क्यों?

वरिष्ठ आईएएस अशोक बर्णवाल बने मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव

Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • मानसून सत्र
  • उमंग सिंघार
  • NEET
  • एमपी विधानसभा
  • केन-बेतवा परियोजना
  • हीरालाल अलावा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज