भोपाल-देवास टोल कंपनी को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने 11 करोड़ लौटाने के दिए आदेश
Neel Tiwari | Jul 18, 2026, 08:45 IST
Photograph: (THESOOTR)
JABALPUR. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोपाल-देवास फोरलेन पर फास्टैग के जरिए अधिक टोल वसूली को गलत माना है। कोर्ट ने करीब 11 करोड़ रुपए सभी प्रभावित वाहन मालिकों को लौटाने के निर्देश दिए।
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल-देवास फोरलेन पर फास्टैग से तीन एक्सल बसों से ज्यादा टोल वसूला गया।
- टोल कंपनी ने बसों को मल्टी एक्सल वाहन मानकर अधिक राशि काटी।
- एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने अतिरिक्त रकम लौटाने का आदेश दिया था।
- कंपनी ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी।
- हाई कोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर रिफंड के आदेश बरकरार रखे।
अब करीब 11 करोड़ रुपए सभी प्रभावित वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों को लौटाने होंगे। कोर्ट ने कंपनी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा होगी।
क्यों खारिज की टोल कंपनी की दलील
सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने की। अदालत ने माना कि कंपनी अपने रियायत समझौते की शर्तों से बंधी हुई थी। इसलिए तय टोल दर से अधिक वसूली का जिम्मा कंपनी से नहीं हटाया जा सकता।
फास्टैग सिर्फ भुगतान का तरीका है
हाई कोर्ट ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया। अदालत ने साफ कहा कि फास्टैग केवल भुगतान का माध्यम है। यह टोल की नई दर तय नहीं करता। टोल हमेशा रियायत समझौते और सरकारी अधिसूचना के अनुसार ही लिया जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि तकनीक सुविधा देती है। वह अनुबंध की शर्तें नहीं बदल सकती। यदि सॉफ्टवेयर में गलत मैपिंग हुई है तो उसकी जिम्मेदारी टोल संचालक की होगी।
2007 के समझौते ने तय की टोल व्यवस्था
कोर्ट ने पाया कि समझौते में कहीं भी तीन एक्सल बस को मल्टी एक्सल ट्रक मानने की अनुमति नहीं थी। बसों के लिए अलग टोल दर पहले से तय थी। इसके बावजूद कंपनी ने फास्टैग सिस्टम में अलग वर्गीकरण लागू कर दिया।
अदालत ने कहा कि सॉफ्टवेयर को समझौते के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए था। यदि प्रोग्रामिंग से ज्यादा टोल वसूला गया तो यह अनुबंध का उल्लंघन माना जाएगा।
कोर्ट ने उदाहरण देकर समझाया पूरा मामला
कोर्ट फीस की दर नहीं बदलती। इसी तरह फास्टैग आने से केवल टोल वसूली का तरीका बदला। टोल की दर और वाहन की श्रेणी वही रहेगी जो समझौते में तय है।
अप्रैल 2022 से हुई अतिरिक्त वसूली
सभी वाहन मालिकों को मिलेगा पैसा
अब कैसे तय होगी लौटाई जाने वाली रकम
25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
फैसले का क्या असर होगा
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