भोपाल में मकान में दुकानों पर नहीं रुकेगी कार्यवाही, HC से भी नहीं मिली राहत
Neel Tiwari | Aug 01, 2026, 17:17 IST
Photograph: (THESOOTR)
JABALPUR. भोपाल में मकानों में बिना अनुमति चल रही दुकानों पर कार्रवाई अब बिना रुके जारी रहेगी। द सूत्र की मुहिम और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई अवैध अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलती रहेगी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल में रहवासी मकानों में बिना अनुमति दुकानें चलाने पर कार्रवाई हो रही है।
- नगर निगम ने कई भवनों को मूल स्वरूप में लाने के आदेश दिए हैं।
- एक भवन मालिक ने राहत के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
- हाई कोर्ट ने फिलहाल कार्रवाई पर रोक देने से इनकार कर दिया।
- कोर्ट ने कहा कि नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के तय नियमों का पालन करते हुए कार्रवाई करे।
अदालत ने साफ कहा कि नगर निगम वैधानिक प्रक्रिया अपनाकर आगे की कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
यह आदेश जस्टिस मनिंदर एस. भट्टी की एकलपीठ ने साजिद मोहम्मद और अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त 2026 को होगी।
पहले के आदेश को चुनौती ही नहीं दी गई
नगर निगम की ओर से अदालत को बताया गया कि 22 अप्रैल 2026 का विस्तृत स्पीकिंग ऑर्डर पहले ही पारित किया जा चुका है। उस आदेश में अवैध निर्माण हटाकर भवन को मूल स्थिति में लाने का निर्देश दिया गया था।
सबसे अहम बात यह रही कि याचिकाकर्ता ने उसी आदेश को कभी चुनौती नहीं दी। मौजूदा याचिका में भी उस आदेश को चुनौती नहीं दी गई। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने माना कि नगर निगम उस आदेश को लागू करने के लिए स्वतंत्र है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना होगा
स्पीकिंग ऑर्डर में सामने आई पूरी कहानी
नगर निगम के अनुसार भवन का नक्शा 7 मई 2023 को स्वीकृत हुआ था। बाद में जांच में पाया गया कि स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया। ग्राउंड फ्लोर पर व्यावसायिक दुकानें बना दी गईं और भवन का उपयोग अनुमति से अलग तरीके से होने लगा। निरीक्षण के बाद नगर निगम ने कई बार नोटिस जारी किए। भवन मालिक ने जवाब भी दिया। इसके बाद भी कथित अवैध निर्माण नहीं हटाया गया।
ग्लोबल ऑटो पार्ट्स नाम से चल रही थी दुकान
लोकायुक्त कार्यालय में भी इस संबंध में शिकायत पहुंची थी। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम ने पूरे मामले की जांच की। नगर निगम ने अपने अंतिम आदेश में साफ कहा कि सात दिन के भीतर भवन को स्वीकृत नक्शे के अनुसार मूल स्वरूप में लाया जाए। ऐसा नहीं होने पर दुकान सील करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
भोपाल में तेज हुई अवैध दुकानों पर कार्रवाई
अब हाई कोर्ट के इस आदेश को भी इसी अभियान की अहम कड़ी माना जा रहा है। अदालत ने यह जरूर कहा कि कार्रवाई कानून के मुताबिक होनी चाहिए, लेकिन फिलहाल नगर निगम की कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई।
bhopal residential house shop-hc order
bhopal residential house shop-hc order (2)
द सूत्र लगातार उठा रहा है यह मुद्दा
जहां रहवासी भवनों का उपयोग नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। हाई कोर्ट का ताजा आदेश इस पूरी कार्रवाई को नया कानूनी आधार देता दिखाई दे रहा है।
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