योजनाओं की मंजूरी मिली, बजट भी पहुंचा..फिर आखिर क्यों अटके हजारों निर्माण कार्य?

Ramanand Tiwari | Jul 08, 2026, 23:00 IST
Share
budget-approved-work-pending-deadline-15-july
Photograph: (the sootr)

सरकारी योजनाओं का बजट जारी होने के बाद भी हजारों निर्माण काम ठप पड़े है। सरकार ने अब इसे लेकर सख्त रुख अपना लिया है। शासन ने 15 जुलाई तक काम शुरू करने की सख्त डेडलाइन दी है।

ऐसे समझें पूरे मामले को

  • पिछले तीन वर्षों में 9,449 आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत।
  • 3,724 भवनों का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ।
  • पीएम जनमन और धरती आबा योजना में भी धीमी प्रगति।
  • 13,982 बाल शौचालयों में केवल 1,442 का निर्माण पूरा।
  • 15 जुलाई तक लंबित कार्य शुरू कराने के निर्देश जारी।
सरकारी योजनाओं में स्वीकृति और बजट के बाद भी हजारों निर्माण कार्य जमीन पर शुरू नहीं हो सके। अब लंबित परियोजनाओं को तय समय में शुरू कराने के लिए 15 जुलाई की डेडलाइन तय कर दी गई है।

सरकारी योजनाओं में अक्सर सबसे बड़ी चुनौती मंजूरी नहीं, बल्कि उन्हें जमीन तक पहुंचाना होती है। प्रदेश में कई निर्माण कार्यों की मौजूदा स्थिति इसी सवाल को फिर सामने ला रही है। फाइलों में स्वीकृति मिलने के बावजूद हजारों परियोजनाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकीं। ऐसे में अब प्रशासन ने लंबित कामों को तेजी से शुरू कराने के लिए सभी जिला पंचायतों को सख्त हिदायत दी गई हैं।

जमीन पर क्यों नहीं दिख रहा काम?

पिछले तीन वर्षों में प्रदेशभर में 9,449 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 3,724 भवनों का निर्माण अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है।

यानी बड़ी संख्या में स्वीकृत परियोजनाएं अभी भी शुरुआती चरण तक नहीं पहुंच सकी हैं। यही वजह है कि अब इन्हें प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।

कई योजनाओं में एक जैसी तस्वीर

केवल एक योजना ही नहीं, बल्कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं में भी निर्माण कार्यों की गति अपेक्षा से काफी धीमी रही है।

पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत 704 भवनों में केवल 36 का निर्माण शुरू हो सका। वहीं धरती आबा योजना में 66 स्वीकृत भवनों में से 52 पर ही काम शुरू हुआ।

सामान्य योजना के अंतर्गत स्वीकृत 8,679 भवनों में भी 1,685 निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सके।

बच्चों की सुविधाएं भी अधूरी

आंगनबाड़ियों में बच्चों के लिए बनाए जाने वाले 13,982 बाल सुलभ शौचालयों के लिए राशि जारी की गई थी, लेकिन अब तक केवल 1,442 शौचालय ही बन पाए हैं। यानी 10,479 शौचालयों का निर्माण अभी बाकी है।

इसका सीधा असर बच्चों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं पर पड़ रहा है।

15 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 जुलाई 2026 तक जिन निर्माण कार्यों की शुरुआत नहीं हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाए।

साथ ही लंबित परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

यह खबरें भी पढ़ें...

सोशल मीडिया की सियासत तेज: नर्मदा विवाद पर कांग्रेस पर भाजपा का बड़ा हमला

भिलाई OYO होटल में प्रेमी ने प्रेमिका के सामने फांसी लगाकर दी जान

वक्फ बोर्ड विवाद और गहराया, भोपाल के निकाह काजी नदवी का इस्तीफा, मुफ्ती भी नाराज

एक पंचायत में खुली पोल... अब सवाल, कितना गहरा है लापरवाही का जाल?

    गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
    20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

    By Neel Tiwari

    20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
    छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

    By Arun Tiwari

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

    By Sandeep Kumar

    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
    IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

    By VINAY VERMA

    IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
    राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

    By Ashish Bhardwaj

    राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
    पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

    By Arun Tiwari

    पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
    भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

    By Jitendra Shrivastava

    भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच