कैंसर-टीबी रिसर्च के नाम पर वेटरनरी यूनिवर्सिटी में करोड़ों रुपए की बर्बादी
Neel Tiwari | Jan 09, 2026, 18:26 IST
Panchgavya Research
पंचगव्य रिसर्च के नाम पर जबलपुर में सरकारी फंड की बर्बादी हुई है। 3 करोड़ रुपए का फंड हवाई यात्रा, कार खरीदने और अन्य खर्चों में खर्च कर दिया गया। जांच जारी है।
JABALPUR. रिसर्च के लिए पंचगव्य को वैज्ञानिक आधार देने की योजना में बड़ी हेराफेरी सामने आई है। साल 2012 से 2018 के बीच इस योजना के तहत रिसर्च के लिए मिले फंड को जिम्मेदारों ने अपने निजी शौक और सैर सपाटे पर उड़ा दिया।
प्रशासनिक जांच में जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान कॉलेज में गोबर और गौमूत्र से कैंसर- टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए हुई रिसर्च कटघरे में है।
![Panchagavya]()
योजना के तहत करीब तीन करोड़ की सरकारी राशि के दुरुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं जांच में सामने आया है कि जिम्मेदारों ने रिसर्च फंड को हवाई यात्राओं, वाहन और फर्नीचर खरीदी पर खर्च कर दिया। इस वजह से रिसर्च हो पाई और न इसके परिणाम सामने आ सके।
इंदौर भागीरथपुरा कांड में शहर की छवि से लेकर निगम, प्रशासन को डैमेज करने की साजिश की आशंका
![Panchagavya]()
कलेक्टर के आदेश पर दो सदस्यीय टीम ने जांच की। टीम में अपर कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी और जिला कोषालय अधिकारी विनायकी लकरा थे।
रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 1.92 करोड़ रुपए गोबर-गौमूत्र, कच्चे पदार्थ, गमले और मशीनों की खरीदी में खर्च दिखाया गया। वहीं बाजार में इन मशीनों की अनुमानित कीमत मात्र 15 से 20 लाख रुपए बताई जा रही है।
इसके अलावा रिसर्च फंड से गोवा, बेंगलुरु समेत देश के कई शहरों की 24 हवाई यात्राएं की गईं। करीब साढ़े सात लाख रुपए की कार खरीदी गई, पेट्रोल- डीजल और मेंटनेंस पर भी लाखों रुपए फूंक दिए गए। फर्नीचर, टेबल और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर करीब 15 लाख रुपए खर्च कर दिए। वहीं लेबर भुगतान पर भी लाखों रुपए खर्च बताया गया।
एमपी में अब 3 दिन में जारी होगा तबादला आदेश, अटकेंगी नहीं फाइलें, CMO की रहेगी नजर
![Panchagavya]()
जांच के दौरान सामने आया कि कई अहम दस्तावेज या तो नष्ट कर दिए गए या जानबूझकर उपलब्ध नहीं कराए गए। यशपाल साहनी, सचिन कुमार जैन, गिरिराज सिंह सहित अन्य लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं। साथ ही विश्वविद्यालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को भी संदिग्ध माना गया है। जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है और सूत्रों के अनुसार आगे एफआईआर दर्ज होने और पुलिस जांच की पूरी संभावना है।
![Panchagavya]()
वहीं विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आरोपों से इनकार किया है। कुलगुरु मनदीप शर्मा ने कहा कि पंचगव्य योजना 2012 से 2017-18 तक चली। सभी तकनीकी और वित्तीय रिपोर्ट समय पर फंडिंग एजेंसी को दी गई थीं और वे ऑडिटेड थीं। प्रारंभिक स्तर पर कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई शासन और प्रशासन तय करेगा।
RSS के 100 साल पुराने ढांचे में होगा बदलाव, खत्म होगा प्रांत प्रचारक का पद
![Panchagavya]()
मध्यप्रदेश की हवा पर NGT सख्त, भोपाल-इंदौर समेत 8 शहरों में प्रदूषण को बताया गंभीर संकट
एक ओर पंचगव्य जैसे पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक आधार देने का अवसर था। लेकिन जिम्मेदारों ने इसे निजी ऐशो-आराम और सरकारी पैसों से हवाई यात्रा का जरिया बना लिया। अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद इस रिसर्च का ठोस लाभ कहां है? जांच की अगली कड़ी पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं।
प्रशासनिक जांच में जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान कॉलेज में गोबर और गौमूत्र से कैंसर- टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए हुई रिसर्च कटघरे में है।
Panchagavya
योजना के तहत करीब तीन करोड़ की सरकारी राशि के दुरुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं जांच में सामने आया है कि जिम्मेदारों ने रिसर्च फंड को हवाई यात्राओं, वाहन और फर्नीचर खरीदी पर खर्च कर दिया। इस वजह से रिसर्च हो पाई और न इसके परिणाम सामने आ सके।
इंदौर भागीरथपुरा कांड में शहर की छवि से लेकर निगम, प्रशासन को डैमेज करने की साजिश की आशंका
Panchagavya
हजारों की खरीदी पर 1.92 करोड़ रुपए खर्च
रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 1.92 करोड़ रुपए गोबर-गौमूत्र, कच्चे पदार्थ, गमले और मशीनों की खरीदी में खर्च दिखाया गया। वहीं बाजार में इन मशीनों की अनुमानित कीमत मात्र 15 से 20 लाख रुपए बताई जा रही है।
इसके अलावा रिसर्च फंड से गोवा, बेंगलुरु समेत देश के कई शहरों की 24 हवाई यात्राएं की गईं। करीब साढ़े सात लाख रुपए की कार खरीदी गई, पेट्रोल- डीजल और मेंटनेंस पर भी लाखों रुपए फूंक दिए गए। फर्नीचर, टेबल और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर करीब 15 लाख रुपए खर्च कर दिए। वहीं लेबर भुगतान पर भी लाखों रुपए खर्च बताया गया।
एमपी में अब 3 दिन में जारी होगा तबादला आदेश, अटकेंगी नहीं फाइलें, CMO की रहेगी नजर
Panchagavya
दस्तावेज गायब, जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध
Panchagavya
यूनिवर्सिटी का पक्ष: पुरानी योजना, सब ऑडिटेड
RSS के 100 साल पुराने ढांचे में होगा बदलाव, खत्म होगा प्रांत प्रचारक का पद
Panchagavya
मध्यप्रदेश की हवा पर NGT सख्त, भोपाल-इंदौर समेत 8 शहरों में प्रदूषण को बताया गंभीर संकट
परंपरागत ज्ञान के नाम पर सवालों का बोझ
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman