125 लोगों का हत्यारा डाकू पंचम सिंह फिर से सुर्खियों में, जानिए क्या है मामला ?
Sandeep Kumar | Feb 28, 2024, 11:38 IST
ब्रह्माकुमारी संस्था पर लगाए गंभीर आरोप
ग्वालियर-चंबल में कभी खूंखार डकैती के लिए फेमस पूर्व डाकू पंचम सिंह के बेटे ने ब्रह्माकुमारी संस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पंचम सिंह के बेटे का आरोप है कि ब्रह्माकुमारी संस्था ने पिता को बंधक बनाया है ।
BHOPAL. चंबल के खूंखार डाकू रहे पंचम सिंह ( Former dacoit Pancham Singh ) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनके बेटे ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि पिता पंचम को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था ( Brahmakumari organization ) ने बंधक बना लिया है। दबाव डालकर उनसे वीडियो बनवाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, ब्रह्माकुमारी संस्था ( Brahmakumari organization ) का दावा है कि पंचम सिंह का बेटा अनर्गल आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। उसकी मंशा पैसे ऐंठने की है। बेटे ने अभी तक पुलिस में इसकी शिकायत नहीं की है। वहीं, संस्था ने इस आरोप के बाद पंचम सिंह को दो सहयोगियों के साथ उनके घर के लिए रवाना कर दिया है।
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चंबल की घाटी अपनी जिस खूबसूरती के लिए प्रसिध्द है, उससे कही ज्यादा अधिक ये इलाका डकैती के लिए फेमस रहा है । यहां पर वैसे तो कई डाकू आए और गए, इन्ही डाकुओं में एक था डाकू पंचम सिंह, ( Dacoit Pancham Singh ) जिसके नाम से करीब 1960 के दशक में पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल था । 100 साल के पंचम सिंह ने 1960 के दशक में 125 से ज्यादा लोगों की जान ली थी। उसकी गैंग में 500 से ज्यादा डकैत थे। 50 साल पहले पंचम सिंह पर दो करोड़ का इनाम रखा गया था। उसने साल 1972 में इंदिरा गांधी की सरकार ( Indira Gandhi government ) के सामने इस शर्त पर आत्मसमर्पण (Surrender ) किया था कि उसे मौत की सजा नहीं दी जाएगी। समय ने करवट बदली और डाकू पंचम ने डकैती छोड़कर समाजसेवा के काम लग गया था । समाजसेवा करने के लिए उसने सामाजिक सस्था ब्रह्माकुमारी संस्था के साथ जुड़ा ।
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पूर्व डाकू पंचम सिंह के बेटे संतोष चौहान निवासी लहार ने ब्रह्माकुमारी संस्था माउंट आबू के सदस्यों पर पिता को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मेरे पिता को संस्था वाले घर नहीं भेजना चाहते हैं। आशंका है कि उनके साथ कोई अनहोनी न हो जाए। संतोष चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरी बहन की शादी वर्ष 1985 में हुई थी। ब्रह्मकुमारी आश्रम के लोगों का मेरे घर आना-जाना था। आश्रम के लोगों ने मेरी बहन का ब्रेनवाश कर संस्था में शामिल कर लिया। इसके बाद उसके सोने-चांदी की जेवर हड़प लिए। इतना ही नहीं लहार के मेन बाजार में हमारी जमीन पर ब्रह्मकुमारी आश्रम खोलकर कब्जा कर लिया। संतोष के मुताबिक करीब आठ माह पहले ब्रह्मकुमारी आश्रम हरियाणा से रामफल और भरत भूषण भाई आए और मेरे पिता और मुझसे बोले-संस्था के द्वारा आपके साथ बहुत गलत किया है।
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इंदिरा गांधी सरकार ने कराया था आत्मसमर्पण
चंबल की घाटी अपनी जिस खूबसूरती के लिए प्रसिध्द है, उससे कही ज्यादा अधिक ये इलाका डकैती के लिए फेमस रहा है । यहां पर वैसे तो कई डाकू आए और गए, इन्ही डाकुओं में एक था डाकू पंचम सिंह, ( Dacoit Pancham Singh ) जिसके नाम से करीब 1960 के दशक में पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल था । 100 साल के पंचम सिंह ने 1960 के दशक में 125 से ज्यादा लोगों की जान ली थी। उसकी गैंग में 500 से ज्यादा डकैत थे। 50 साल पहले पंचम सिंह पर दो करोड़ का इनाम रखा गया था। उसने साल 1972 में इंदिरा गांधी की सरकार ( Indira Gandhi government ) के सामने इस शर्त पर आत्मसमर्पण (Surrender ) किया था कि उसे मौत की सजा नहीं दी जाएगी। समय ने करवट बदली और डाकू पंचम ने डकैती छोड़कर समाजसेवा के काम लग गया था । समाजसेवा करने के लिए उसने सामाजिक सस्था ब्रह्माकुमारी संस्था के साथ जुड़ा ।
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क्या है पंचम के बेटे का आरोप ?
पूर्व डाकू पंचम सिंह के बेटे संतोष चौहान निवासी लहार ने ब्रह्माकुमारी संस्था माउंट आबू के सदस्यों पर पिता को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मेरे पिता को संस्था वाले घर नहीं भेजना चाहते हैं। आशंका है कि उनके साथ कोई अनहोनी न हो जाए। संतोष चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरी बहन की शादी वर्ष 1985 में हुई थी। ब्रह्मकुमारी आश्रम के लोगों का मेरे घर आना-जाना था। आश्रम के लोगों ने मेरी बहन का ब्रेनवाश कर संस्था में शामिल कर लिया। इसके बाद उसके सोने-चांदी की जेवर हड़प लिए। इतना ही नहीं लहार के मेन बाजार में हमारी जमीन पर ब्रह्मकुमारी आश्रम खोलकर कब्जा कर लिया। संतोष के मुताबिक करीब आठ माह पहले ब्रह्मकुमारी आश्रम हरियाणा से रामफल और भरत भूषण भाई आए और मेरे पिता और मुझसे बोले-संस्था के द्वारा आपके साथ बहुत गलत किया है।
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