कालरा कांड में बीजेपी से बाहर हुए पार्षद जीतू यादव की वापसी, निष्कासन खत्म
Sanjay Gupta | Aug 18, 2026, 19:19 IST
Photograph: (THESOOTR)
INDORE. इंदौर के चर्चित पार्षद कमलेश कालरा-एमआईसी मेंबर जीतू यादव (जाटव) विवाद के बाद पार्टी से 6 साल के जीतू को बाहर कर दिया था। लेकिन 19 माह बाद अब उनकी वापसी हो गई है।
विधानसभा चार में विधायक मालिनी गौड़ के करीबी पार्षद कमलेश कालरा के घर पर हुए हमले के बाद एमआईसी मेंबर वा वार्ड 24 के पार्षद जीतू यादव को पार्टी से बाहर कर दिया गया था।
जनवरी 2025 में जीतू पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी। लेकिन हाल ही में जीतू को पुलिस जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिली थी। इसके बाद अब पार्टी ने उनका निष्कासन खत्म करने का पत्र लिखा है।
वहीं, नजरें अब इस बात पर भी है कि क्या वह फिर से एमआईसी में शामिल होंगे। उनके निष्कासन के बाद से ही एमआईसी में एक पद रिक्त है।
प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने निष्कासन समाप्त करने के लिए नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि पुलिस जांच में जीतू यादव को क्लीन चिट मिली है। ऐसे में उनकी प्राथमिक सदस्यता से किया गया निष्कासन समाप्त किया जा रहा है।
![Jeetu Yadav returns BJP]()
दरअसल वार्ड 65 में एक नोटिस के ममले में पार्षद कमलेश कालरा ने निगम के एक कर्मचारी को फोन किया। उसके द्वारा जीतू यादव की बात कही गई, इस पर कालरा ने जीतू को लेकर कुछ शब्द कहे।
यह आडियो बाहर आई इसके बाद जीतू के समर्थक नाराज हो गए और चार जनवरी को कालरा के घर पर 30-40 समर्थकों ने हमला कर दिया। इसके बाद विधायक गौड़ व उनके समर्थकों ने पार्टी दफ्तर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। इस पर जीतू को 11 जनवरी 2025 को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
इसके साथ ही उन्हें एमआईसी सदस्यता से भी बाहर कर दिया गया, लेकिन हाल ही में पुलिस ने चालान पेश किया, इसमें जीतू को क्लीन चिट दी है और कहा है कि यह उनके समर्थकों ने नाराज होकर किया था. इसमें जीतू की भूमिका नहीं थी।
![councilor-jeetu-yadav]()
इस पूरे मामले में विधानसभा दो और चार की लड़ाई के तौर पर देखा गया। इसमें एक और विधायक गौड़़ थीं दूसरी ओर मंत्री गुट था। इसमें तब गौड की चली और पार्टी की छवि खराब होते देखे जीतू को बाहर कर दिया गया>
अब 19 माह बाद जीतू की वापसी हो गई है। इसमें मंत्री गुट कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला के साथ ही विधायक गोलू शुक्ला और नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा की भूमिका अहम मानी जा रही है।
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जनवरी 2025 में जीतू पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी। लेकिन हाल ही में जीतू को पुलिस जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिली थी। इसके बाद अब पार्टी ने उनका निष्कासन खत्म करने का पत्र लिखा है।
वहीं, नजरें अब इस बात पर भी है कि क्या वह फिर से एमआईसी में शामिल होंगे। उनके निष्कासन के बाद से ही एमआईसी में एक पद रिक्त है।
यह पत्र लिखा गया
Jeetu Yadav returns BJP
क्या हुआ था घटनाक्रम
यह आडियो बाहर आई इसके बाद जीतू के समर्थक नाराज हो गए और चार जनवरी को कालरा के घर पर 30-40 समर्थकों ने हमला कर दिया। इसके बाद विधायक गौड़ व उनके समर्थकों ने पार्टी दफ्तर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। इस पर जीतू को 11 जनवरी 2025 को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
इसके साथ ही उन्हें एमआईसी सदस्यता से भी बाहर कर दिया गया, लेकिन हाल ही में पुलिस ने चालान पेश किया, इसमें जीतू को क्लीन चिट दी है और कहा है कि यह उनके समर्थकों ने नाराज होकर किया था. इसमें जीतू की भूमिका नहीं थी।
councilor-jeetu-yadav
विधानसभा दो और चार के बीच विवाद
अब 19 माह बाद जीतू की वापसी हो गई है। इसमें मंत्री गुट कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला के साथ ही विधायक गोलू शुक्ला और नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा की भूमिका अहम मानी जा रही है।
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