“नियम जरूरी, पर फैसला न्यायपूर्ण हो”: सिविल सेवा दिवस पर सीएस अनुराग जैन का स्पष्ट संदेश
Ramanand Tiwari | Apr 21, 2026, 22:25 IST
Photograph: (the sootr)
सिविल सेवा दिवस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रशासनिक अफसरों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण फैसलों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन हर निर्णय में निष्पक्षता दिखनी चाहिए।
भोपाल में सिविल सेवा दिवस के मौके पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रशासनिक अफसरों को साफ संदेश दिया कि शासन का मकसद सिर्फ नियम लागू करना नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण और संवेदनशील तरीके से निर्णय लेना है। उन्होंने कहा कि हर फैसले में पारदर्शिता दिखनी चाहिए और जनता तक यह भरोसा पहुंचना चाहिए कि प्रशासन उनके हित में काम कर रहा है।
सीएस का फोकस: नियमों के साथ
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि सिविल सर्विस का मूल उद्देश्य जनहित है। नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन हर निर्णय में निष्पक्षता और संवेदनशीलता झलकनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन की कार्यशैली ऐसी हो, जिससे लोगों में विश्वास बने और हर कार्रवाई स्पष्ट और पारदर्शी नजर आए।
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सीएस ने अफसरों को संकेत दिया कि नियमों को बिना सोचे-समझे लागू करना सही नहीं है। अगर कोई प्रावधान समय के साथ लोगों के लिए परेशानी बन रहा है, तो उसमें सुधार की पहल भी प्रशासन को ही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फाइल के पीछे की वास्तविक स्थिति को समझना ही प्रभावी प्रशासन की पहचान है।
अनुराग जैन ने युवाअधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि सिविल सेवा की ट्रेनिंग के बाद किसी तरह का अहंकार नहीं होना चाहिए। अफसरों को हमेशा जनसेवा के भाव से काम करना चाहिए और हर निर्णय में नियमों के साथ न्याय और संतुलन बनाए रखना चाहिए।
प्रभारी मंत्री चेतन्य कश्यप ने कहा कि मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत है और अफसरों से अपेक्षा है कि वे संवेदनशीलता के साथ काम जारी रखें। उन्होंने कहा कि कानून का पालन तय प्रक्रिया के तहत हो, लेकिन उसमें मानवीय दृष्टिकोण बना रहना चाहिए।
कश्यप ने कहा कि हर बार नया प्रयोग जरूरी नहीं होता। ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मौजूदा सेवाएं लगातार बेहतर गुणवत्ता के साथ लोगों तक पहुंचें। उनके अनुसार किसी योजना को कुछ समय तक प्रभावी ढंग से चलाना आसान है, लेकिन उसी स्तर को लगातार बनाए रखना ही असली प्रशासनिक कसौटी है।
कार्यक्रम में कश्यप ने पूर्व मुख्य सचिव सुशील चंद्र वर्मा का उदाहरण साझा किया, जिसमें उन्होंने खर्च का पूरा हिसाब लौटाकर पारदर्शिता की मिसाल पेश की। इससे प्रशासन में जवाबदेही और ईमानदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।
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बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों को सम्मान-
10,000 से अधिक लोकसेवक श्रेणी:
- प्रथम: जनजातीय कार्य विभाग
- द्वितीय: उच्च शिक्षा विभाग
- तृतीय: स्कूल शिक्षा विभाग
1,000 से 10,000 श्रेणी:
- प्रथम: आयुष विभाग
- द्वितीय: तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग
- तृतीय: जेल विभाग
1,000 से कम श्रेणी:
- प्रथम: पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
- द्वितीय: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग
- तृतीय: जनसंपर्क विभाग
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