अंबेडकर विवाद: ग्वालियर हाईकोर्ट ने पूर्व बार अध्यक्ष अनिल मिश्रा को दी जमानत
Ramanand Tiwari | Jan 07, 2026, 17:19 IST
Photograph: (the sootr)
ग्वालियर हाईकोर्ट ने अंबेडकर की फोटो जलाने के मामले में पूर्व बार अध्यक्ष अनिल मिश्रा को जमानत दे दी है। कोर्ट ने पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर कड़े सवाल उठाए।
GWALIOR. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर के फोटो को जलाने के विवाद में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा को जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि इस मामले में दर्ज एफआईआर प्रथम दृष्टया वैध है। लेकिन पुलिस द्वारा की गई हिरासत की प्रक्रिया गंभीर सवालों के घेरे में है। कोर्ट ने माना कि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया।
यह खबरें भी पढ़ें...
ग्वालियर में अंबेडकर विवाद: कोर्ट ने अनिल मिश्रा सहित चार को भेजा जेल
ग्वालियर में जलाई बाबा साहब की फोटो, वकील अनिल मिश्रा सहित 8 पर केस
सुनवाई के दौरान डबल बेंच ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि जब अंबेडकर का चित्र जलाया जा रहा था। उस समय घटना स्थल के सामने ही एसपी और आईजी कार्यालय मौजूद थे। इसके बावजूद पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप क्यों नहीं किया, यह समझ से परे है।
हाईकोर्ट ने कहा कि SC/ST एक्ट के मामलों में गिरफ्तारी से पहले नोटिस देने का स्पष्ट प्रावधान है। ऐसे में पुलिस चाहती तो आरोपी को नोटिस देकर छोड़ सकती थी। कोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी अंतिम विकल्प होना चाहिए था।
अनिल मिश्रा की ओर से अदालत में दलील दी गई कि पहले उन्हें हिरासत में लिया गया और बाद में एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही, गिरफ्तारी की सूचना परिवार को भी समय पर नहीं दी गई। कोर्ट ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
अनिल मिश्रा को 1 जनवरी की रात अंबेडकर पोस्टर जलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ग्वालियर साइबर पुलिस ने इस मामले में कुल 8 लोगों को आरोपी बनाया था। घटना के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी।
यह पहला मौका नहीं है जब ग्वालियर में अंबेडकर से जुड़े मुद्दों पर सामाजिक तनाव देखने को मिला हो। पूर्व में भी प्रतीकात्मक विरोध और पोस्टर विवादों के चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी थी। इसी पृष्ठभूमि में यह मामला और संवेदनशील बन गया।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े किसी भी तरह के जुलूस, प्रदर्शन या उकसावे वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
इस आदेश के बाद संभावना जताई जा रही है कि इस केस में गिरफ्तार अन्य आरोपियों को भी निचली अदालत से जमानत मिल सकती है। वहीं, एफआईआर को रद्द कराने के लिए अलग से कानूनी प्रक्रिया अपनाने की तैयारी भी की जा रही है।
2 जनवरी को अंबेडकर की तस्वीर जलाए जाने के विरोध में ग्वालियर में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था। भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी और अन्य दलित संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर करीब ढाई घंटे तक धरना दिया था।
यह खबरें भी पढ़ें...
ग्वालियर में मुर्गा विवाद : वकील और दुकानदार भिड़े, थाने में हंगामा
मध्यप्रदेश में राज्य पुलिस सेवा के 64 अफसरों के तबादले
प्रदर्शनकारियों ने एफआईआर को अपर्याप्त बताते हुए मुख्य आरोपी अनिल मिश्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की मांग की थी। इस मांग ने मामले को और ज्यादा राजनीतिक व सामाजिक रूप से संवेदनशील बना दिया।
हाईकोर्ट का यह फैसला न सिर्फ अनिल मिश्रा को राहत देता है, बल्कि पुलिस कार्रवाई की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में यह मामला सिर्फ अदालत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और सामाजिक संतुलन की कसौटी भी बनेगा।
हाईकोर्ट ने FIR को सही, हिरासत को बताया गलत
यह खबरें भी पढ़ें...
ग्वालियर में अंबेडकर विवाद: कोर्ट ने अनिल मिश्रा सहित चार को भेजा जेल
ग्वालियर में जलाई बाबा साहब की फोटो, वकील अनिल मिश्रा सहित 8 पर केस
कोर्ट का सवाल: सामने SP-IG दफ्तर, फिर भी नहीं रोका
नोटिस देकर छोड़ा जा सकता था आरोपी
पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल
1 जनवरी की रात हुई थी गिरफ्तारी
पुरानी घटनाओं का हवाला भी आया सामने
जुलूस और गतिविधियों पर रोक
अन्य आरोपियों को भी मिल सकती है राहत
प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव
यह खबरें भी पढ़ें...
ग्वालियर में मुर्गा विवाद : वकील और दुकानदार भिड़े, थाने में हंगामा
मध्यप्रदेश में राज्य पुलिस सेवा के 64 अफसरों के तबादले
NSA लगाने की मांग
निष्कर्ष
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari