हरदा ब्लास्ट के पीड़ित परिवारों को मिलेगा 18 करोड़ का मुआवजा
Siddhi Tamrakar | Dec 28, 2024, 12:45 IST
HARDA BLAST VICTIM FAMILY WILL GET compensation 1
हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुए भयावह धमाकों के 10 महीने बाद भी पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। हालांकि, HC ने हाल ही में इस मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए मुआवजा वितरण पर लगी रोक हटा दी है।
हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुए भयावह धमाकों के 10 महीने बाद भी पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। अब तक न तो मृतकों के परिवारों को राहत राशि मिली है और न ही विस्थापित लोगों को स्थायी आवास। हालांकि, हाईकोर्ट ने हाल ही में इस मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए मुआवजा वितरण पर लगी रोक हटा दी है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) को याचिकाकर्ता की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा राशि तय करने का निर्देश दिया है। इसके बाद एनजीटी ने हरदा जिला प्रशासन से घटना में हुए नुकसान का आकलन कराया। प्रशासन की ओर से गठित समिति ने विस्फोट में मारे गए 13 लोगों और 301 घायलों के लिए कुल 18.23 करोड़ रुपए मुआवजे की सिफारिश की है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मुआवजे की राशि में से लगभग 3 करोड़ रुपए फैक्ट्री मालिक की संपत्तियों की नीलामी से जुटाए जाएंगे, जबकि बाकी राशि राज्य सरकार देगी। इस मामले में फैक्ट्री मालिक की 19 अचल संपत्तियां सीज की गई थीं, जिनकी नीलामी से 2.65 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। हाईकोर्ट की रोक के कारण संपत्तियों की बिक्री और ट्रांसफर रुका हुआ था, जिसे अब एनजीटी से अनुमति लेकर फिर से शुरू किया जाएगा। फैक्ट्री मालिक ने कुर्क संपत्तियां मुक्त कराने के लिए 3 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी रखा है।
यह हादसा हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुआ था, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और 301 लोग घायल हुए थे। विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास के घर और संपत्तियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) को याचिकाकर्ता की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा राशि तय करने का निर्देश दिया है। इसके बाद एनजीटी ने हरदा जिला प्रशासन से घटना में हुए नुकसान का आकलन कराया। प्रशासन की ओर से गठित समिति ने विस्फोट में मारे गए 13 लोगों और 301 घायलों के लिए कुल 18.23 करोड़ रुपए मुआवजे की सिफारिश की है।
इस तरह होगी मुआवजे की व्यवस्था
200 लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर
घटना में प्रभावित 38 परिवारों के लगभग 200 लोग अब भी अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं। इन शिविरों में रह रहे लोगों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है, जिससे उनकी परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। समिति की रिपोर्ट के अनुसार, विस्थापितों को अभी तक स्थायी पुनर्वास नहीं मिला है।
धमाकों में जान-माल का भारी नुकसान
इस तरह तय किया गया है मुआवजा
| तय राशि | पीड़ित संख्या | मुआवजा राशि |
|---|---|---|
| 15 लाख प्रति व्यक्ति | 13 मौतें | 1.95 करोड़ |
| 03 लाख प्रति व्यक्ति | 237 छोटी चोटें | 7.11 करोड़ |
| 05 लाख प्रति व्यक्ति | 64 गंभीर घायल | 3.20 करोड़ |
| 05 लाख प्रति व्यक्ति | 39 बेघर लोग | 1.95 करोड़ |
| 02 लाख प्रति व्यक्ति | 201 घर खाली | 4.02 करोड़ |
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman