IAS संतोष वर्मा केस में पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमन भूरिया मुख्य षड़यंत्रकारी, जमानत खारिज
Sanjay Gupta | Apr 29, 2026, 12:15 IST
ias santosh verma case INDORE MP
आईएएस संतोष वर्मा केस में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इंदौर जिला कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमन सिंह भूरिया को इस मामले का मुख्य षड़यंत्रकारी बताया है। इसके बाद जिला कोर्ट ने उनकी जमानत की याचिका खारिज कर दी।
आईएएस संतोष वर्मा केस के फर्जी कोर्ट आदेश मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मामले में पहले ही संतोष वर्मा और एडीजे विजेंद्र सिंह रावत फंसे हुए थे। अब पुलिस ने इंदौर जिला कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अमन सिंह भूरिया को इस षड़यंत्र का मुख्य आरोपी बता दिया है।
इंदौर पुलिस ने 17 अप्रैल को भूरिया को नोटिस भेजा था। इसके बाद 28 अप्रैल को उन्हें मोबाइल के साथ पेश होने के लिए कहा गया था। इसके जवाब में भूरिया ने जिला कोर्ट में जमानत की याचिका लगाई थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें डर है कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। एमजी रोड थाने में दर्ज किए गए केस में उन्हें आरोपी बनाया गया है। वहीं उन्होंने कहा कि पुलिस जो मोबाइल मांग रही है वो उनका नहीं है।
असल में मामला यह है कि लसूडिया थाने में संतोष वर्मा के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ था। इस केस का चालान जिला कोर्ट में पेश किया गया था।
इस केस में एडीजे विजेंद्र सिंह रावत ने जून 2021 में एमजी रोड थाने में एक आवेदन दिया था। उन्होंने बताया था कि उनकी कोर्ट से 6 अक्टूबर 2020 को जो आदेश जारी हुआ, वह कूटरचित है। उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था।
बता दें कि यह आदेश संतोष वर्मा को लसूडिया केस में बरी करने का था। इससे पहले एक और आदेश आया था, जिसमें बताया गया था कि महिला और संतोष वर्मा के बीच राजीनामा हुआ था।
रावत के आवेदन पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। इसके बाद इस केस में संतोष वर्मा के अलावा एडीजे रावत और लिपिक नीतू सिंह चौहान को भी आरोपी बना दिया गया।
पुलिस का कहना है कि रावत और वर्मा ने मिलकर यह आदेश बनाया था। अब इस मामले में मुख्य षड़यंत्रकारी के रूप में अमन सिंह भूरिया का नाम सामने आया है।
पुलिस ने अहम खुलासा करते हुए बताया कि भूरिया ने ही अपने चेंबर में संतोष वर्मा और विजेंद्र सिंह रावत की मुलाकात करवाई थी। पुलिस ने केस डायरी में बताया है कि संतोष वर्मा और विजेंद्र रावत दोनों के बयान ले लिए गए हैं। दोनों ने इस मुलाकात को सही बताया है।
![a8c5db03-fa5]()
इस केस को लेकर संतोष वर्मा और उनके बीच लगातार बात होती रही है, वो भी दो मोबाइल नंबरों से। 16 सितंबर 2020 से 22 जून 2021 तक दोनों के बीच 32 बार बातचीत हुई थी। वह भी न्यायिक काम के बाद रात में। जानकारी के अनुसार, जब 30 सितंबर को केस रावत की कोर्ट में षड़यंत्र के तहत शिफ्ट किया गया, उस दिन भी दोनों के बीच 8 बार बात हुई थी।
फिर 1 अक्टूबर को रात 8:38 बजे भी दोनों के बीच चर्चा हुई। वहीं 16 सितंबर से 25 सितंबर तक सुबह 10:52 से लेकर रात 10:35 तक भी बातचीत होती रही। इसके बाद 30 सितंबर को जेएमएफसी अरविंद गुर्जर की कोर्ट से केस रावत की कोर्ट में ट्रांसफर हुआ। दोनों के बीच की व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है।
![4e5ef1fa-782]()
सभी तर्कों को सुनने के बाद जिला कोर्ट ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। संतोष वर्मा के जमानत मामले से कहीं ज्यादा गंभीर है। कूटरचना और कोर्ट के दस्तावेज में हेरफेर गंभीर अपराध माना जाता है। इसलिए जमानत की याचिका खारिज कर दी गई।
ये खबरें भी पढ़ें...
अजाक्स विवाद में बड़ा अलर्ट: IAS संतोष वर्मा की शिकायत- 16 अप्रैल को हमले की साजिश, पुलिस की भूमिका पर भी सवाल
आईएएस संतोष वर्मा केस में जज विजेंद्र सिंह रावत और बाबू के खिलाफ चालान पेश
IAS संतोष वर्मा को थाने में देना होंगे हस्ताक्षर के नमूने, जिला कोर्ट से आदेश
संतोष वर्मा कैसे बने IAS? सीएम मोहन यादव ने खुद किया खुलासा
ias santosh verma
भूरिया ने यह कहकर लगाई याचिका
यह है पूरा केस
इस केस में एडीजे विजेंद्र सिंह रावत ने जून 2021 में एमजी रोड थाने में एक आवेदन दिया था। उन्होंने बताया था कि उनकी कोर्ट से 6 अक्टूबर 2020 को जो आदेश जारी हुआ, वह कूटरचित है। उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था।
बता दें कि यह आदेश संतोष वर्मा को लसूडिया केस में बरी करने का था। इससे पहले एक और आदेश आया था, जिसमें बताया गया था कि महिला और संतोष वर्मा के बीच राजीनामा हुआ था।
रावत के आवेदन पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। इसके बाद इस केस में संतोष वर्मा के अलावा एडीजे रावत और लिपिक नीतू सिंह चौहान को भी आरोपी बना दिया गया।
पुलिस का कहना है कि रावत और वर्मा ने मिलकर यह आदेश बनाया था। अब इस मामले में मुख्य षड़यंत्रकारी के रूप में अमन सिंह भूरिया का नाम सामने आया है।
भूरिया ने ही रावत और वर्मा को मिलवाया था
a8c5db03-fa5
वर्मा और भूरिया के बीच में लगातार फोन कॉल
फिर 1 अक्टूबर को रात 8:38 बजे भी दोनों के बीच चर्चा हुई। वहीं 16 सितंबर से 25 सितंबर तक सुबह 10:52 से लेकर रात 10:35 तक भी बातचीत होती रही। इसके बाद 30 सितंबर को जेएमएफसी अरविंद गुर्जर की कोर्ट से केस रावत की कोर्ट में ट्रांसफर हुआ। दोनों के बीच की व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है।
4e5ef1fa-782
इस आधार पर जमानत खारिज
ये खबरें भी पढ़ें...
अजाक्स विवाद में बड़ा अलर्ट: IAS संतोष वर्मा की शिकायत- 16 अप्रैल को हमले की साजिश, पुलिस की भूमिका पर भी सवाल
आईएएस संतोष वर्मा केस में जज विजेंद्र सिंह रावत और बाबू के खिलाफ चालान पेश
IAS संतोष वर्मा को थाने में देना होंगे हस्ताक्षर के नमूने, जिला कोर्ट से आदेश
संतोष वर्मा कैसे बने IAS? सीएम मोहन यादव ने खुद किया खुलासा
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman