Ida ने 80 करोड़ का स्नेहधाम क्या कंपनी को बिना बैंक गारंटी के दिया, कैसे हुआ ठेका
Sanjay Gupta | Feb 07, 2026, 15:24 IST
ida snehdham indore balaji company controversy old age home
इंदौर में 80 करोड़ की लागत से बने स्नेहधाम बुजुर्गों के निवास को लेकर विवाद बढ़ गया है। निजी कंपनी को बिना बैंक गारंटी के ठेका देने पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, अब बुजुर्गों को बाहर करने का नोटिस जारी किया गया है।
INDORE. इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के जरिए बुजुर्गों के लिए बनाई गई स्नेहधाम योजना पर द सूत्र की खबर के बाद हंगामा मच गया है। इस योजना के संचालन का ठेका लेने वाली कंपनी बालाजी ने अब हाथ खड़े कर दिए हैं। साथ ही, यहां रहने वाले बुजुर्गों को जगह खाली करने का नोटिस दे दिया है।
वहीं, आईडीए ने आरोप लगा दिए कि उसने पहले ही कंपनी को ठेका निरस्त करने का नोटिस भेजा था, क्योंकि उसने शर्तें पूरी नहीं की थीं। अब सवाल यह उठता है कि क्या 80 करोड़ की प्रॉपर्टी आईडीए ने कंपनी को ऐसे ही दे दी थी।
स्कीम 134 के पास एक ऐसा प्लॉट है, जिसकी कीमत 50-60 करोड़ रुपए है। इस पर 20,000 वर्गफीट एरिया में छह मंजिला भवन 18 करोड़ की लागत से बना है। यहां 32 फ्लैट्स हैं, जिसमें 108 बुजुर्गों के रहने की जगह है। इस स्नेहधाम के संचालन का ठेका आईडीए ने बालाजी कंपनी को दिया था।
बदले में कंपनी को ये छूट दी गई थी कि वह यहां रहने वाले बुजुर्गों से राशि ले सकती है। कंपनी यहां रहने वालों से दो लाख रुपए रिफंडेबल डिपॉजिट और 35 हजार रुपए महीने का किराया ले रही है। इस स्नेहधाम का उद्घाटन 25 जून 2025 को खुद सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया था।
![ida-snehdham-indore-balaji-company-controversy-old-age-home]()
कंपनी ने फरवरी में आर्थिक परेशानी का हवाला देते हुए बुजुर्गों को नोटिस थमा दिया है। इसमें कहा गया है कि उन्हें 28 फरवरी तक स्नेहधाम को खाली करना होगा। इस पर आईडीए ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि एजेंसी ने निविदा की शर्तों के तहत बैंक गारंटी जमा नहीं की थी। इस वजह से उन्हें नोटिस दिया गया था। वहीं, गारंटी नहीं जमा करने पर कंपनी को अनुबंध निरस्त करने का नोटिस भी भेजा गया है।
आईडीए की तरफ से यह सफाई दी जा रही है कि उन्होंने बुजुर्गों को कोई नोटिस नहीं दिया है। दरअसल, वहां रहने का करार कंपनी और बुजुर्गों के बीच हुआ था। कंपनी ने ही नोटिस दिया है और अब वह अपने उद्देश्य से भटककर बुजुर्गों को हटाना चाहती है। आईडीए के सीईओ डॉ. परिक्षित झाड़े ने कहा कि अनुबंध निरस्त होने पर नया करार तक सारी व्यवस्था आईडीए एनजीओ या संस्था के जरिए संभालेगा। किसी बुजुर्ग को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
उधर कंपनी के डायरेक्टर विवेक तिवारी ने द सूत्र को बताया कि पूरा करार आईडीए के साथ हुआ है। इसमें कई काम संचालन की बात थी, इसी के तहत बैंक गारंटी समायोजन की भी बात थी। मेरे पास सभी दस्तावेज हैं, मैं आईडीए के पास यह बातें रखूंगा।
इंदौर न्यूज: IDA के स्नेहधाम से बुजुर्गों को हटाने का नोटिस, सीएम मोहन यादव ने किया था शुरू
MP News: IDA स्कीम 171 को मुक्त करने का लाएगा प्रस्ताव, ACS की नसीहत- भूमाफियाओं से निपट लेगा प्रशासन
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से, 18 को पेश होगा बजट
द सूत्र सर्वे: मध्यप्रदेश के 83 फीसदी लोगों ने माना कि उनके जिले का कलेक्टर भ्रष्ट है...
वहीं, आईडीए ने आरोप लगा दिए कि उसने पहले ही कंपनी को ठेका निरस्त करने का नोटिस भेजा था, क्योंकि उसने शर्तें पूरी नहीं की थीं। अब सवाल यह उठता है कि क्या 80 करोड़ की प्रॉपर्टी आईडीए ने कंपनी को ऐसे ही दे दी थी।
क्या है 80 करोड़ का स्नेहधाम
बदले में कंपनी को ये छूट दी गई थी कि वह यहां रहने वाले बुजुर्गों से राशि ले सकती है। कंपनी यहां रहने वालों से दो लाख रुपए रिफंडेबल डिपॉजिट और 35 हजार रुपए महीने का किराया ले रही है। इस स्नेहधाम का उद्घाटन 25 जून 2025 को खुद सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया था।
ida-snehdham-indore-balaji-company-controversy-old-age-home
क्या बोल रहा है आईडीए
बुजुर्गों को हटाने का नोटिस तो कंपनी ने दिया
कंपनी का यह है तर्क
आईडीए की कार्यशैली कठघरे में
- इस पूरी घटना में पहला सवाल है कि आईडीए को जब बैंक गारंटी कंपनी से नहीं मिली यानी करार शर्तें नहीं पूरी हुई तो 80 करोड़ की प्रॉपर्टी कैसे संचालन के लिए दे दी। जून 2025 से अभी तक सात महीने नोटिस-नोटिस ही क्यों करते रहे।
- कंपनी बालाजी ने आईडीए से करार पूरा नहीं किया फिर उसे बुजुर्गों से करार कर इतनी बड़ी राशि (दो लाख डिपॉजिट और 35 हजार प्रति माह) लेने का अधिकार कैसे मिल गया।
- कंपनी ने जब बुजुर्गों को हटाने का नोटिस दिया तो फिर आईडीए पल्ला कैसे झाड़ सकता है कि यह मामला तो कंपनी और बुजुर्गों के बीच करार का है, प्रॉपर्टी यानी स्नेहधाम तो आखिरकार आईडीए का है। उद्घाटन भी सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया।
- बुजुर्गों को नोटिस की द सूत्र की खबर के बाद ही आईडीए को क्यों अनुबंध निरस्ती की बात याद आई।
- वहीं आईडीए के पास एक हजार करोड़ की एफडी है, जिसका ब्याज ही 70 करोड़ से ज्यादा का आता है। फिर बुजुर्गों से इतनी बड़ी राशि लेकर क्यों आईडीए निजी कंपनी से आर्थिक लाभ लेकर संचालन करा रहा है, क्या खुद कंपनी नियुक्त कर खर्चा नहीं उठा सकता है।
इंदौर न्यूज: IDA के स्नेहधाम से बुजुर्गों को हटाने का नोटिस, सीएम मोहन यादव ने किया था शुरू
MP News: IDA स्कीम 171 को मुक्त करने का लाएगा प्रस्ताव, ACS की नसीहत- भूमाफियाओं से निपट लेगा प्रशासन
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से, 18 को पेश होगा बजट
द सूत्र सर्वे: मध्यप्रदेश के 83 फीसदी लोगों ने माना कि उनके जिले का कलेक्टर भ्रष्ट है...
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj