जबलपुर क्रूज हादसा: जांच आयोग में सनसनीखेज याचिका: लाइफ जैकेट-विंड मीटर नहीं, सबूत भी मिटाए!
Neel Tiwari | Jun 01, 2026, 20:27 IST
Photograph: (thesootr)
जबलपुर क्रूज हादसे में 13 मौत के बाद जांच आयोग में याचिका दायर की गई। याचिका में लाइफ जैकेट, विंड मीटर की कमी और हादसे के बाद सबूत मिटाने का आरोप लगाया गया।
समझें पूरा मामला...
- बरगी क्रूज हादसे की जांच के लिए आयोग के समक्ष विस्तृत याचिका दायर।
- याचिका में 14 मौतों को "मानव निर्मित त्रासदी" बताया गया।
- लाइफ जैकेट, विंड मीटर और प्रशिक्षित बचाव दल की अनुपस्थिति के आरोप।
- हादसे के बाद क्रूज को डिसमंटल कर सबूत मिटाने की आशंका जताई गई।
- मृतकों के परिजनों को मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग।
हादसे को बताया मानव निर्मित त्रासदी
याचिकाकर्ता अखिलेश त्रिपाठी ने दावा किया है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, मौसम संबंधी चेतावनियों पर समय रहते कार्रवाई होती और आपदा प्रबंधन की तैयारी होती, तो 14 लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
मौसम खराब था फिर भी चलाया क्रूज
सवाल उठाया गया है कि क्या भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कोई चेतावनी जारी की थी और यदि की थी तो क्या उसे पर्यटन विभाग, बरगी बांध प्राधिकरण और क्रूज संचालक तक समय पर पहुंचाया गया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि प्रतिकूल मौसम के बावजूद यात्रियों को जलाशय में भेजना अपने आप में गंभीर लापरवाही थी।
लाइफ जैकेट नहीं बांटी गईं, बचाव के इंतजाम भी नहीं थे
इतना ही नहीं, क्रूज शुरू होने से पहले यात्रियों को किसी प्रकार की सुरक्षा ब्रीफिंग या आपातकालीन निर्देश भी नहीं दिए गए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यदि सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई होती तो मौतों की संख्या काफी कम हो सकती थी।
विंड मीटर नहीं होने से नहीं मिल सकी समय पर चेतावनी
दावा किया गया है कि यदि जलाशय पर हवा की गति मापने वाले उपकरण लगे होते तो खतरे का आकलन समय रहते किया जा सकता था और क्रूज संचालन रोका जा सकता था। आयोग से मांग की गई है कि बरगी, भेड़ाघाट, ग्वारीघाट, भोपाल, मंडला सहित सभी प्रमुख जल निकायों में विंड मीटर लगाना अनिवार्य किया जाए।
बचाव अभियान पर भी उठाए गए सवाल
याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि पर्यटन गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होने के बावजूद घटनास्थल पर प्रशिक्षित बचाव दल और त्वरित प्रतिक्रिया टीम की व्यवस्था नहीं थी। एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
सबसे बड़ा आरोप- हादसे के बाद क्रूज को तोड़ दिया
इससे हादसे के वास्तविक कारणों की जांच प्रभावित हो सकती है। याचिका में इसे प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ बताते हुए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
फिटनेस सर्टिफिकेट , इंजन क्षमता की जांच की मांग
यह भी जांचने की मांग की गई है कि कहीं हादसे के समय क्रूज में निर्धारित सीमा से अधिक यात्री तो सवार नहीं थे। याचिकाकर्ता ने स्वतंत्र नौसेना इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के पैनल से जांच कराने की मांग रखी है।
परिजन को अब तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
आयोग से अनुरोध किया गया है कि वह उचित मुआवजे की राशि तय कर राज्य सरकार और क्रूज ऑपरेटर को तत्काल भुगतान के निर्देश देने की सिफारिश करे।
15 बड़े सवालों के जवाब तलाशेगा आयोग
अब इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि बरगी क्रूज हादसा एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना था या फिर लापरवाही और प्रशासनिक विफलताओं से जन्मी एक ऐसी त्रासदी, जिसने कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी।
ये खबरें भी पढ़ें...
जबलपुर क्रूज हादसा: द सूत्र की खबर पर लगी मुहर, गोपनीय पत्र बना जांच का अहम सबूत
जबलपुर क्रूज हादसा: सरकार ने न्यायिक जांच आयोग बनाया, तीन माह में रिपोर्ट देगा, SOP और QRT भी बनेगी
जबलपुर क्रूज हादसा : हाई-लेवल कमेटी की जांच शुरू होते ही उठे सवाल, कबाड़ बन चुके क्रूज से आखिर कैसे निकलेगा सच?
जबलपुर क्रूज हादसा: बिना बीमा और मंजूरी के चल रही थी मौत की सवारी, जांच में खुलासा
MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2022: हाईकोर्ट ने एप्लाइड डिग्री को माना वैध, नियुक्ति का रास्ता साफ
By Neel Tiwari
कांग्रेस समाज में फूट डालकर सत्ता की लूट करना चाहती है, सुधांशु बोले, भूपेश बघेल को पंजाब से भगाकर गुवाहाटी में पटका
By Arun Tiwari
मंत्रालय से बाहर फिर हो सकती है मोहन कैबिनेट की बैठक, गांधी सागर में 17 नवंबर की तारीख प्रस्तावित
By Amresh Kushwaha
अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?
By Atul Dwivedi
शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?
By Mukesh Sharma
बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार
By Harrison Masih
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार
By Neel Tiwari