तालाब में डूबने से दो स्कूली छात्रों की मौत, लास्ट पेपर के बाद होली की मस्ती में गई जान
Neel Tiwari | Mar 06, 2025, 22:54 IST
सांकेतिक फोटो
जबलपुर के गोपाल बाग तालाब में नहाते के दौरान दो स्कूली बच्चों की डूबने से मौत हो गई। इन बच्चों ने आखिरी पेपर के बाद स्कूल में होली खेली थी और तालाब में नहाने गए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जबलपुर के गोपाल बाग तालाब में नहाने के दौरान दो स्कूली बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में मातम छा गया। 14 साल का पवन कोरी और वैभव बुधवार की शाम तालाब में डूब गए थे, जिनके शव गुरुवार को बरामद किए गए। इस हादसे ने न सिर्फ उनके परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि आखिर कब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी और कब प्रशासन सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर होगा?
दरअसल, बुधवार को जबलपुर के कई स्कूलों में आठवीं कक्षा की संस्कृत की परीक्षा थी। परीक्षा खत्म होने के बाद पवन और वैभव अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ होली खेलने लगे। रंगों से सराबोर इन पांचों बच्चों की मस्ती कुछ देर तक जारी रही, लेकिन जैसे-जैसे शाम ढलने लगी, उन्हें एहसास हुआ कि उनके कपड़े पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। इसी दौरान उनमें से किसी ने सुझाव दिया कि चलो तालाब में जाकर कपड़े साफ कर लेते हैं और साथ में नहा भी लेंगे।
शाम करीब 4 बजे ये पांचों बच्चे गोपाल बाग तालाब पहुंचे। पहले उन्होंने तालाब के किनारे बैठकर अपने कपड़े धोए, फिर नहाने का विचार किया। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक ही नहाने के दौरान वैभव और पवन गहरे पानी में चले गए। तालाब की गहराई और वहां कीचड़ होने की वजह से दोनों खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते पानी में समा गए। यह नज़ारा देखकर उनके बाकी तीन दोस्त बुरी तरह डर गए। बजाय किसी को बुलाने या मदद मांगने के, वे वहां से भाग निकले और किसी को इस घटना के बारे में कुछ नहीं बताया।
ये खबर भी पढ़ें... बैतूल में कोयला खदान की छत ढहने से हादसा, 3 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना के कई घंटे बाद रात करीब 10 बजे कुछ स्थानीय लोगों ने तालाब के पास बच्चों के कपड़े और चप्पलें देखीं। इसके साथ ही वहां एक आठवीं कक्षा का संस्कृत का परीक्षा पेपर भी पड़ा हुआ था। बच्चों के कपड़े और परीक्षा के पेपर देखकर स्थानीय लोग सतर्क हो गए। उन्हें तुरंत किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।
ये खबर भी पढ़ें... Bhopal Metro: खुशखबरी!, भोपाल में इस दिन से फर्राटा भरेगी दौड़ेगी मेट्रो, ये होगा रूट
सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और सघन जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को इस बात की जानकारी मिली कि दिन में कुछ बच्चे यहां नहा रहे थे, लेकिन अब वहां कोई नहीं था। इसके बाद गोताखोरों की मदद से रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। गुरुवार सुबह जब पवन और वैभव के शव तालाब में मिले, तब जाकर इस दर्दनाक घटना का खुलासा हुआ।
ये खबर भी पढ़ें... अयोध्या को बनाया जाए देश की राजधानी, पंडोखर महाराज ने की मांग, कारण भी बताया
इस घटना के बाद स्थानीय लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। स्थानीय निवासी पीहू यादव ने बताया कि उन्होंने खुद अपने दोस्तों से सुना था कि कुछ बच्चे तालाब में नहा रहे थे। जब हादसा हुआ, तो बाकी बच्चे डरकर वहां से भाग गए। उन्होंने कहा कि गोपाल बाग तालाब शहर के बीचों-बीच स्थित है और यहां अक्सर लोग घूमने आते हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तालाब के किनारे कोई गार्ड तैनात होता या सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड लगे होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलस्रोतों के पास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
कोतवाली थाना पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर बच्चे किन परिस्थितियों में तालाब तक पहुंचे थे। क्या वे अपनी मर्जी से नहाने गए थे, या फिर किसी के कहने पर वहां गए थे?
पुलिस उन तीन अन्य बच्चों से भी पूछताछ कर रही है, जो हादसे के वक्त वहां मौजूद थे लेकिन मदद न करने के बजाय मौके से भाग खड़े हुए। पुलिस का मानना है कि यदि वे तुरंत किसी बड़े को बुलाते या पुलिस को सूचना देते, तो शायद बच्चों को बचाने का प्रयास किया जा सकता था।
ये खबर भी पढ़ें... CM की रैली में लगी बसों के डीजल भुगतान मामले में HC नाराज, CM के सचिव को देना पड़ सकता है जवाब
इस घटना ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर के तालाबों और अन्य जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा को लेकर प्रशासन कब गंभीर होगा? शहर में कई ऐसे जलाशय हैं, जहां आए दिन लोग नहाने या घूमने जाते हैं, लेकिन वहां न कोई गार्ड तैनात होता है और न ही कोई सुरक्षा उपाय मौजूद होते हैं।
क्या इस हादसे के बाद प्रशासन जागेगा? क्या गोपाल बाग तालाब के पास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे? या फिर यह भी सिर्फ एक और दर्दनाक हादसे की तरह भुला दिया जाएगा? फिलहाल, होली की मस्ती में डूबे जबलपुर के इस इलाके में अब मातम पसरा हुआ है। दो मासूम जिंदगियों के असमय चले जाने से पूरा शहर स्तब्ध है।
कैसे हुआ हादसा?
तालाब में नहाते समय गहरे पानी में डुबे बच्चे
ये खबर भी पढ़ें... बैतूल में कोयला खदान की छत ढहने से हादसा, 3 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
तालाब किनारे मिले परीक्षा के पेपर और कपड़े
ये खबर भी पढ़ें... Bhopal Metro: खुशखबरी!, भोपाल में इस दिन से फर्राटा भरेगी दौड़ेगी मेट्रो, ये होगा रूट
पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन
ये खबर भी पढ़ें... अयोध्या को बनाया जाए देश की राजधानी, पंडोखर महाराज ने की मांग, कारण भी बताया
आखिर तालाब में सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तालाब के किनारे कोई गार्ड तैनात होता या सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड लगे होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलस्रोतों के पास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस ने शुरू की जांच, किन हालात में गए थे बच्चे तालाब में?
पुलिस उन तीन अन्य बच्चों से भी पूछताछ कर रही है, जो हादसे के वक्त वहां मौजूद थे लेकिन मदद न करने के बजाय मौके से भाग खड़े हुए। पुलिस का मानना है कि यदि वे तुरंत किसी बड़े को बुलाते या पुलिस को सूचना देते, तो शायद बच्चों को बचाने का प्रयास किया जा सकता था।
ये खबर भी पढ़ें... CM की रैली में लगी बसों के डीजल भुगतान मामले में HC नाराज, CM के सचिव को देना पड़ सकता है जवाब
सबक या सिर्फ एक और हादसा?
कब जागेगा प्रशासन?
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari