जिस पुलिसकर्मी के साथ नेताओं ने किया दुर्व्यवहार उस पर ही FIR, थाना प्रभारी तलब, एसपी और प्रभात साहू को नोटिस
Neel Tiwari | Jan 08, 2026, 14:22 IST
jabalpur high court notice former mayor Prabhat Sahu
जबलपुर में पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा के पूर्व महापौर प्रभात साहू द्वारा पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने और गाली-गलौज के बावजूद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
जबलपुर से एक राजनीतिक दबाव का मामला सामने आया था, जिसमें भाजपा के पूर्व महापौर ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वाहन चेकिंग के दौरान एक पुलिसकर्मी से हाथापाई की थी। उसकी वर्दी तक फाड़ दी। इसके बाद भी पुलिस पर दबाव डालकर पुलिसकर्मी के खिलाफ ही नामजद FIR दर्ज कर दी गई।
हालांकि, पुलिसकर्मी की शिकायत पर नेताओं के खिलाफ अज्ञात में मामला दर्ज किया गया। जबलपुर के अधिवक्ता मोहित वर्मा ने इस मामले को जनहित याचिका के जरिए हाईकोर्ट में पहुंचाया। हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
![WhatsApp Image 2026-01-08 at 1.11.32 PM]()
जबलपुर में भाजपा नेता प्रभात साहू और उनके समर्थकों ने पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की थी। इस मामले में शहर के वकील मोहित वर्मा ने याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने कहा कि शहर में आम लोगों के लिए तो नियम हैं, लेकिन नेताओं के लिए कोई नियम नहीं है। कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों को देखने के बाद कोर्ट ने कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
![668bf9e1-475]()
कुछ महीने पहले, 18 सितंबर 2025 को, जब प्रभात साहू को हेलमेट चेकिंग के दौरान रोका गया, तो उन्होंने अपने समर्थकों के साथ हंगामा कर दिया था। इस घटना के वीडियो भी वायरल हुए थे, जिसमें पूर्व महापौर साहू पुलिसकर्मियों को गालियां देते हुए नजर आए थे। वो पुलिसकर्मियों से भिड़ते हुए उनके कपड़े तक फाड़ रहे थे। उस वक्त भाजपा के कार्यकर्ता, क्षेत्रीय विधायक और सांसद भी मौके पर पहुंच गए। दबाव के चलते पुलिस ने उस पुलिसकर्मी के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया, जिसने अपनी ड्यूटी निभाई थी।
![WhatsApp Image 2026-01-08 at 1.12.48 PM (1)]()
यहां हैरानी की बात यह थी कि जब पुलिसकर्मी ने शिकायत की, तो उसकी शिकायत में यह साफ लिखा थाकि महापौर प्रभात साहू एवं अन्य ने उसके साथ मारपीट की। लेकिन पुलिस ने यह FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ कायम की। वीडियो वायरल होने और आरोपियों की पूरी जानकारी होने के बाद भी पुलिस उनका नाम तक लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी।
हाईकोर्ट ने अधिवक्ता मोहित वर्मा के द्वारा फाइल किए गए दस्तावेजों में जब दोनों FIR देखीं तो जज भी हैरान रह गए। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए पूछा की कौन है यह थाना प्रभारी जिसके थाने में पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं है। क्या वहां अपने पद पर बने रहने के लायक है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे हालातो में पुलिसकर्मी कैसे अपनी ड्यूटी निभाएंगे और ऐसे मामले पूरे पुलिस विभाग का मॉराल डाउन करते हैं।
पुलिस कर्मी की शिकायत में यह साफ लिखा हुआ था कि उसके साथ बदसलूकी किन लोगों ने की है। उसके बाद भी FIR में किसी भी नेता या कार्यकर्ता का नाम दर्ज नहीं किया गया। अज्ञात में FIR दर्ज की गईं।
![WhatsApp Image 2026-01-08 at 1.12.48 PM (2)]()
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजनल बेंच ने इस मामले में हैरानी जताते हुए कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई में थाना प्रभारी खुद कोर्ट में मौजूद होगा और दोनों FIR की केस डायरी कोर्ट के सामने पेश करनी होगी। इसके साथ ही जबलपुर के पुलिस अधीक्षक और पूर्व महापौर प्रभात साहू को भी कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट के रुख ने आज यह तो साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भाजपा के पूर्व महापौर प्रभात साहू की मुश्किलें बढ़ने वाली है। अगली सुनवाई में लॉर्ड गंज के थाना प्रभारी कोर्ट में खुद उपस्थित होकर सफाई देंगे। इस तरह की गलत कार्यवाही के चलते जबलपुर के पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
जबलपुर में पूर्व महापौर प्रभात साहू और ट्रैफिक पुलिसकर्मी भिड़े, कार्यकर्ता निलंबन पर अड़े
जबलपुर के पूर्व महापौर प्रभात साहू और रायसेन जिले के राकेश शर्मा बीजेपी के जिलाध्यक्ष नियुक्त
कांकेर में शव दफन को लेकर बवाल; ग्रामीणों ने चर्च में लगाई आग, 2 पक्षों में मारपीट, पुलिसकर्मी भी घायल
फर्जी FIR से एक करोड़ वसूलने की कोशिश, RPS का प्लान हो गया चौपट
हालांकि, पुलिसकर्मी की शिकायत पर नेताओं के खिलाफ अज्ञात में मामला दर्ज किया गया। जबलपुर के अधिवक्ता मोहित वर्मा ने इस मामले को जनहित याचिका के जरिए हाईकोर्ट में पहुंचाया। हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
WhatsApp Image 2026-01-08 at 1.11.32 PM
क्या है पूरा मामला
668bf9e1-475
कुछ महीने पहले, 18 सितंबर 2025 को, जब प्रभात साहू को हेलमेट चेकिंग के दौरान रोका गया, तो उन्होंने अपने समर्थकों के साथ हंगामा कर दिया था। इस घटना के वीडियो भी वायरल हुए थे, जिसमें पूर्व महापौर साहू पुलिसकर्मियों को गालियां देते हुए नजर आए थे। वो पुलिसकर्मियों से भिड़ते हुए उनके कपड़े तक फाड़ रहे थे। उस वक्त भाजपा के कार्यकर्ता, क्षेत्रीय विधायक और सांसद भी मौके पर पहुंच गए। दबाव के चलते पुलिस ने उस पुलिसकर्मी के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया, जिसने अपनी ड्यूटी निभाई थी।
WhatsApp Image 2
WhatsApp Image 2026-01-08 at 1.12.48 PM (1)
यहां हैरानी की बात यह थी कि जब पुलिसकर्मी ने शिकायत की, तो उसकी शिकायत में यह साफ लिखा थाकि महापौर प्रभात साहू एवं अन्य ने उसके साथ मारपीट की। लेकिन पुलिस ने यह FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ कायम की। वीडियो वायरल होने और आरोपियों की पूरी जानकारी होने के बाद भी पुलिस उनका नाम तक लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी।
कौन है यह थाना प्रभारी जिसके थाने में पुलिस नहीं सुरक्षित
पुलिस कर्मी की फाड़ी वर्दी फिर भी आरोपी अज्ञात
WhatsApp Image 2026-01-08 at 1.12.17 PM
WhatsApp Image 2026-01-08 at 1.12.48 PM (2)
थाना प्रभारी तलब, SP और प्रभात साहू को नोटिस
हाईकोर्ट के रुख ने आज यह तो साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भाजपा के पूर्व महापौर प्रभात साहू की मुश्किलें बढ़ने वाली है। अगली सुनवाई में लॉर्ड गंज के थाना प्रभारी कोर्ट में खुद उपस्थित होकर सफाई देंगे। इस तरह की गलत कार्यवाही के चलते जबलपुर के पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
जबलपुर में पूर्व महापौर प्रभात साहू और ट्रैफिक पुलिसकर्मी भिड़े, कार्यकर्ता निलंबन पर अड़े
जबलपुर के पूर्व महापौर प्रभात साहू और रायसेन जिले के राकेश शर्मा बीजेपी के जिलाध्यक्ष नियुक्त
कांकेर में शव दफन को लेकर बवाल; ग्रामीणों ने चर्च में लगाई आग, 2 पक्षों में मारपीट, पुलिसकर्मी भी घायल
फर्जी FIR से एक करोड़ वसूलने की कोशिश, RPS का प्लान हो गया चौपट
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman