लॉ कॉलेजों ने बिना मंजूरी लिए दाखिले, जहां छात्र 0, वहां भी बंट रहा लाखों का वेतन!
Amresh Kushwaha | Aug 23, 2026, 12:17 IST
लॉ कॉलेजों में CAG की रिपोर्ट में भारी अनियमितताएं
जीवाजी विवि से जुड़े भिंड, मुरैना और दतिया के लॉ कॉलेजों में CAG रिपोर्ट में गड़बड़ी मिली है। बिना BCI मंजूरी 238 छात्रों को प्रवेश दिया गया। दतिया के बैसली कॉलेज में छात्र शून्य होने के बावजूद शिक्षकों को 34 लाख रुपए से ज्यादा बांटे गए।
समझें क्या है पूरा मामला...
- जीवाजी विवि से जुड़े कॉलेजों में CAG रिपोर्ट में बड़ी गड़बड़ी मिली है।
- भिंड, मुरैना और दतिया के लॉ कॉलेजों में बिना मंजूरी दाखिले हुए हैं।
- 238 छात्रों को BCI की मंजूरी के बिना ही प्रवेश दे दिया गया।
- दतिया के बैसली कॉलेज में छात्र शून्य फिर भी शिक्षकों को लाखों दिए गए।
- मुरैना में 305 छात्रों पर सिर्फ 2 शिक्षक हैं, जबकि 7 चाहिए।
CAG रिपोर्ट में क्या सामने आया
रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी छात्रों के भविष्य के प्रति लापरवाह रहे। सरकारी खजाने के इस्तेमाल में भी बड़ी लापरवाही बरती गई। बिना बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI (Bar Council of India) की मंजूरी के छात्रों को प्रवेश दिया गया।
विवि के निर्देश थे कि BCI की अनुमति के बाद ही प्रवेश दिया जाए। लेकिन लॉ कॉलेज दतिया, शिवपुरी और मुरैना ने बिना अनुमति के ही 238 छात्रों को दाखिला दे दिया।
भिंड में सीटें आधी से कम हुईं
मुरैना में शिक्षकों की भारी कमी
दतिया में प्राचार्य को खुद पढ़ानी पड़ रही क्लास
छात्र शून्य, फिर भी बांटे 34 लाख रुपए
पूरे कॉलेज में कला और विज्ञान संकाय मिलाकर सिर्फ 45 छात्र ही थे। इसके बावजूद कॉलेज ने 13 अतिथि शिक्षक रख लिए। इन शिक्षकों को एक साल में 34.78 लाख रुपए का मानदेय बांट दिया गया। नियम के तहत 2020 से शिक्षण डायरी रखना अनिवार्य है। लेकिन बिना शिक्षण डायरी के ही तत्कालीन प्राचार्य ने आंखें मूंदकर बिल पास कर दिए।
नैक ग्रेडिंग तक नहीं है
जिम्मेदारों ने क्या कहा
वहीं लॉ कॉलेज मुरैना की प्रिंसिपल अंजलि मुदगल ने भी जानकारी दी। उनके मुताबिक मुरैना में 2017 से 2022 तक BCI की मंजूरी नहीं होने से एनरोलमेंट बंद रहा। उन्होंने इसे BCI की देरी से जुड़ा मामला बताया। उनका कहना है कि अब मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन नैक ग्रेडिंग अब तक नहीं हुई है।
ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ राजकुमार आचार्य ने भी इस पर बयान दिया। उनके मुताबिक BCI का पत्र आ चुका है। उन्होंने बताया कि सभी लॉ कॉलेजों के निरीक्षण की प्रक्रिया की जा रही है।
FAQ
- जीवाजी विवि के लॉ कॉलेजों में क्या गड़बड़ी मिली है?
CAG रिपोर्ट 2026 के मुताबिक भिंड, मुरैना और दतिया के लॉ कॉलेजों में बिना BCI मंजूरी 238 छात्रों को प्रवेश दिया गया। शिक्षकों की भारी कमी भी सामने आई है। मुरैना में 305 छात्रों पर सिर्फ 2 शिक्षक हैं, जबकि दतिया में 140 छात्रों पर भी सिर्फ 2 शिक्षक तैनात हैं।
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