केन-बेतवा लिंक परियोजना: बुंदेलखंड के सैकड़ों गांवों की बुझेगी प्यास, सुधरेगा भूजल स्तर
Anjali Dwivedi | Apr 05, 2026, 15:16 IST
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केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड की सभी छोटी नदियां, तालाब और बड़े बांधों को नहरों के जरिए जोड़ा जाएगा। इससे मध्य प्रदेश के 10 जिलों के 1900 से अधिक गांवों की 8.11 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 44 लाख आबादी को जल संकट से राहत मिलेगी।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड की सभी छोटी नदियां, तालाब और बड़े बांध जुड़ेंगे।
- मुख्य नहर करीब 222 किलोमीटर लंबी होगी।
- मध्य प्रदेश के 10 जिलों के 1900 से अधिक गांवों को सीधा फायदा मिलेगा।
- 44 लाख लोगों की प्यास बुझेगी और 8.11 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी।
- बारिश का पानी रोककर भूजल स्तर सुधारना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है।
बुंदेलखंड को मिलेगी जल संकट से राहत
इस परियोजना से बुंदेलखंड की सभी छोटी नदियों, तालाबों और बड़े बांधों को छोटी-छोटी नहरों के जरिए मुख्य नहर से जोड़ा जाएगा। केन-बेतवा की मुख्य नहर से सभी जलाशयों तक बारिश का पानी पहुंचाने का काम भी इसी परियोजना से होगा।
222 किलोमीटर लंबी होगी मुख्य नहर
इस परियोजना के शुरू होने से मध्य प्रदेश के 10 जिलों को लाभ होगा, जिनमें छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर शामिल हैं। इन जिलों के 1900 से अधिक गांवों की 8.11 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इतनी बड़ी जमीन पर खेती से किसानों की आय में सीधा बदलाव आएगा।
भूजल सुधारना है असली मकसद
परियोजना के सीईओ प्रशस्त कुमार दीक्षित ने बताया कि बुंदेलखंड के छोटे से लेकर बड़े-बड़े बांधों और जलाशयों को केन-बेतवा की मुख्य नहर से जोड़ा जाएगा। इससे मुख्य नहर पर किसानों की निर्भरता कम होगी और बारिश के पानी को ज्यादा से ज्यादा रोका जा सकेगा।
44 लाख लोगों की प्यास बुझेगी
कृषि और रोजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा
यह खबर क्यों जरूरी है
बुंदेलखंड भारत के सबसे ज्यादा सूखा प्रभावित इलाकों में से एक है। यहां की 44 लाख आबादी सालों से पानी की कमी से जूझ रही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन के अधिकार की गारंटी देता है और स्वच्छ पेयजल इसका अनिवार्य हिस्सा है। केन-बेतवा लिंक परियोजना न सिर्फ जल संकट का समाधान है बल्कि यह कृषि, रोजगार और भूजल सुधार की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। 10 जिलों और 1900 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली यह परियोजना बुंदेलखंड के विकास की दिशा बदल सकती है। इस खबर को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह सीधे आम किसान और आम नागरिक की जिंदगी से जुड़ी है।
FAQ
- केन-बेतवा लिंक परियोजना क्या है और इससे बुंदेलखंड को कैसे फायदा होगा?
केन-बेतवा लिंक परियोजना एक नदी जोड़ो परियोजना है जिसमें केन नदी के पानी को बेतवा नदी से जोड़ा जाएगा। इससे बुंदेलखंड की सभी छोटी नदियों, तालाबों और बड़े बांधों को करीब 222 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर से जोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश के 10 जिलों के 1900 से अधिक गांवों की 8.11 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 44 लाख आबादी को पेयजल मिलेगा।
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