कर्मचारियों के विरोध के संक्रमण से घिरा मेडिकल कॉलेज जिनके भरोसे कॉलेज वे भी वेतन के लिए हड़ताल करने मजबूर
Sanjay Sharma | Jan 06, 2026, 10:29 IST
khandwa medical college outsource staff strike
खंडवा मेडिकल कॉलेज में सोमवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। नियमित वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी नाराज हैं। इस हड़ताल से ओपीडी और वार्डों में मरीजों को परेशानी हुई।
5 पॉइंट में पूरा मामला समझें...
कई दिनों से वेतन भुगतान न होने से नाराज चल रहे आउटसोर्स स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल ने खंडवा मेडिकल कॉलेज में उपचार व्यवस्था को सोमवार को ठप कर दिया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी, आईपीडी सहित वार्डों में मरीजों पर इस हड़ताल का असर नजर आया।
व्यवस्थाएं बिगड़ने की स्थिति से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन भी दौड़-भाग करता नजर आया। वहीं आउटसोर्सकर्मी मेडिकल कॉलेज के मेन गेट के बाहर धरना देकर वेतन भुगतान की मांग पर अड़े रहे। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन को आउटसोर्स कंपनी के अधिकारियों से मध्यस्थता करनी पड़ी।
![khandwa medical college outsource staff strike]()
प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज में मैन पावर के लिए निजी कंपनियों से अनुबंध किया गया है। ऐसे में इन स्वास्थ्य संस्थानों में आधा से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी, लैब टेक्नीशियन, सफाईकर्मी और सुरक्षा गार्ड आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे हैं। खंडवा में भी इसी व्यवस्था पर मेडिकल कॉलेज का संचालन हो रहा है।
यहां काम करने वाले आउटसोर्सकर्मी कंपनी द्वारा नियमित वेतन न देने से बीते कई महीनों से नाराज चल रहे हैं। कर्मचारियों को कंपनी की ओर से समय पर वेतन न देने की कई शिकायतें प्रबंधन तक पहुंची हैं इसके बावजूद कंपनी का ढर्रा नहीं बदला है। इसको लेकर आउटसोर्सकर्मियों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को काम बंद करने की चेतावनी दी थी।
आउटसोर्सकर्मी कंपनी और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा नियमित वेतन की मांग को अनसुना करने नाराज होकर बाहर आ गए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर में मेन गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। इससे वार्ड, ओपीडी, आईपीडी, पैथोलॉजी लैब की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गईं। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तक यह सूचना पहुंचने के बाद अधीक्षक डॉ रंजीत बडोले अन्य डॉक्टरों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे।
इस धरने के संबंध में डीन डॉ.संजय कुमार दादू को भी सूचना भेजी गई। आउटसोर्सकर्मियों ने वेतन समय पर नहीं मिलने से हो रही दिक्कतों से अवगत कराया। वहीं उन्होंने निर्धारित से ज्यादा घंटे काम कराने पर भी नाराजगी जताई। कर्मचारियों के काम बंद करने और मरीजों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रबंधन ने निजी कंपनी के प्रबंधक को मौके पर बुलाया। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच चर्चा होती रही।
कॉलेज प्रबंधन की मध्यस्थता के बाद आउटसोर्स कर्मचारीकाम पर लौटने तैयार हुए। हांलाकि इस दौरान आधे दिन तक व्यवस्थाएं गड़बड़ाई रहीं। आउटसोर्सकर्मियों का कहना था कि प्रबंधन ने उनकी वेतन नियमित न मिलने की समस्या पर गंभीरता नहीं दिखाई इस वजह से उन्हें मजबूर होकर ऐसा करना पड़ा।
वे मरीजों को मुश्किल में नहीं डालना चाहते लेकिन कंपनी उन पर काम का दबाव बनाती है लेकिन वेतन समय पर नहीं देती। उन्हें महीना पूरा होने के बाद कई बार कंपनी के अधिकारियों के चक्कर काटकर गुहार लगानी पड़ती है। स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अधीक्षक द्वारा कंपनी प्रबंधन को नियमित वेतन भुगतान की चेतावनी दी गई।
ये खबरें भी पढ़िए...
देशभर में 27 जनवरी को बैंकों की हड़ताल, लगातार 3 दिन बंद रहेगी बैंक, आज ही निपटाएं काम
नए साल से भोपाल सहित पांच मेडिकल कॉलेजों में होगा कैंसर का इलाज, महंगे इलाज से मिलेगी मुक्ति
धार में बनेगा देश का पहला प्राइवेट-पब्लिक मेडिकल कॉलेज, जेपी नड्डा और सीएम ने दी 260 करोड़ रुपए की सौगात
डॉक्टर्स फ्री में सीख सकेंगे मेडिकल एआई, एक्सपर्ट देंगे ट्रेनिंग
- खंडवा मेडिकल कॉलेज में सोमवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया।
- कर्मचारियों ने पहले ही काम बंद करने की चेतावनी दी थी।
- कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज के मेन गेट पर धरना दिया।
- खंडवा मेडिकल कॉलेज में सोमवार को कामकाज भी ठप रहा।
- मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को व्यवस्था संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
कई दिनों से वेतन भुगतान न होने से नाराज चल रहे आउटसोर्स स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल ने खंडवा मेडिकल कॉलेज में उपचार व्यवस्था को सोमवार को ठप कर दिया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी, आईपीडी सहित वार्डों में मरीजों पर इस हड़ताल का असर नजर आया।
व्यवस्थाएं बिगड़ने की स्थिति से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन भी दौड़-भाग करता नजर आया। वहीं आउटसोर्सकर्मी मेडिकल कॉलेज के मेन गेट के बाहर धरना देकर वेतन भुगतान की मांग पर अड़े रहे। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन को आउटसोर्स कंपनी के अधिकारियों से मध्यस्थता करनी पड़ी।
khandwa medical college outsource staff strike
नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने बंद किया काम
यहां काम करने वाले आउटसोर्सकर्मी कंपनी द्वारा नियमित वेतन न देने से बीते कई महीनों से नाराज चल रहे हैं। कर्मचारियों को कंपनी की ओर से समय पर वेतन न देने की कई शिकायतें प्रबंधन तक पहुंची हैं इसके बावजूद कंपनी का ढर्रा नहीं बदला है। इसको लेकर आउटसोर्सकर्मियों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को काम बंद करने की चेतावनी दी थी।
व्यवस्था गड़बड़ाने पर जागा प्रबंधन
इस धरने के संबंध में डीन डॉ.संजय कुमार दादू को भी सूचना भेजी गई। आउटसोर्सकर्मियों ने वेतन समय पर नहीं मिलने से हो रही दिक्कतों से अवगत कराया। वहीं उन्होंने निर्धारित से ज्यादा घंटे काम कराने पर भी नाराजगी जताई। कर्मचारियों के काम बंद करने और मरीजों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रबंधन ने निजी कंपनी के प्रबंधक को मौके पर बुलाया। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच चर्चा होती रही।
वेतन के लिए चक्कर लगवा रही कंपनी
वे मरीजों को मुश्किल में नहीं डालना चाहते लेकिन कंपनी उन पर काम का दबाव बनाती है लेकिन वेतन समय पर नहीं देती। उन्हें महीना पूरा होने के बाद कई बार कंपनी के अधिकारियों के चक्कर काटकर गुहार लगानी पड़ती है। स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अधीक्षक द्वारा कंपनी प्रबंधन को नियमित वेतन भुगतान की चेतावनी दी गई।
ये खबरें भी पढ़िए...
देशभर में 27 जनवरी को बैंकों की हड़ताल, लगातार 3 दिन बंद रहेगी बैंक, आज ही निपटाएं काम
नए साल से भोपाल सहित पांच मेडिकल कॉलेजों में होगा कैंसर का इलाज, महंगे इलाज से मिलेगी मुक्ति
धार में बनेगा देश का पहला प्राइवेट-पब्लिक मेडिकल कॉलेज, जेपी नड्डा और सीएम ने दी 260 करोड़ रुपए की सौगात
डॉक्टर्स फ्री में सीख सकेंगे मेडिकल एआई, एक्सपर्ट देंगे ट्रेनिंग
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari