किशोर वाधवानी की केस से बचने की शातिर चाल, जज के मृत पिता को बताया अपना दोस्त

Sanjay Gupta | Feb 06, 2026, 21:13 IST
Share
kishore wadhwani
kishore wadhwani

गुटखा किंग किशोर वाधवानी ने केस सुनवाई से बचने के लिए चाल चली। उसने न्यायाधीश शुभ्रा सिंह के स्वर्गीय पिता से संबंध का हवाला दिया। न्यायाधीश शुभ्रा सिंह ने इस दावे को खारिज किया।

INDORE. गुटखा किंग किशोर वाधवानी ने केस सुनवाई से बचने के लिए शातिर चाल चली। वाधवानी ने चार सौ बीसी के केस की सुनवाई कर रही न्यायाधीश शुभ्रा सिंह की कोर्ट से केस ट्रांसफर के लिए आवेदन लगा दिया। इस आवेदन में लिखा कि न्यायाधीश सिंह के स्वर्गीय पिता न्यायमूर्ति शंभू सिंह से उनके करीबी संबंध रहे हैं।

ऐसे में पीठासीन अधिकारी पर कोई आरोप नहीं लगे। इसके लिए वह चाहते हैं कि यह केस अन्य कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए। लेकिन खुद न्यायाधीश शुभ्रा सिंह ने वाधवानी की पोल खोल दी।

ये भी पढ़ें...गुटखा किंग किशोर वाधवानी ईडी से बचने हाईकोर्ट में, अंतिम फैसले पर रोक लेकिन कार्रवाई पर नहीं

वाधवानी ने आवेदन में यह लिखा

वाधवानी ने सत्र न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव के पास अपने विरूद्ध चल रहे केस 536/25 की सुनवाई अन्य कोर्ट में शिफ्ट करने का आवेदन लगाया। यह केस 26वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह के यहां लगा है। यह केस तुकोगंज थाने में धारा 420, 467, 468 का है।

वाधवानी ने कहा कि न्यायाधीश शुभ्रा सिंह के पिता शंभू सिंह का निधन हो गया है। लेकिन उनका आवेदक से घनिष्ठ संबंध था। पीठासीन अधिकारी पर कोई आरोप नहीं लगे, इसलिए यह केस निष्पक्ष सुनवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया जाए।



ये भी पढ़ें...इंदौर ED में फंसे गुटखा किंग किशोर वाधवानी, पत्नी, सीईओ और दबंग दुनिया कंपनी

ये भी पढ़ें...इंदौर में यूरिया को दो करोड़ की ड्रग्स बताने के केस में 3 IPS की कार्य़शैली पर उठे सवाल, HC में याचिका

न्यायधीश शुभ्रा सिंह ने इस तरह खोली पोल

शुभ्रा सिंह ने इस मामले में कोर्ट में अपनी टिप्पणी रखी जिससे वाधवानी की पोल खुल गई। उन्होंने कोर्ट में बताया कि उनके पिता न्यायमूर्ति सिंह का इसआवेदक से कोई संबंध नहीं रहा है। उनकी मृत्यु तक उन्होंने कभी भी पिता के मुंह से इनके बारे में नहीं सुना। न ही कभी इन्हें पिता के निवास पर आते-जाते देखा। यह भी बताया कि इसके पहले भी वह एक अन्य केस में इनके केस की सुनवाई कर चुकी है। तब वह सीबीआई में विशेष न्यायाधीश के तौर पर 2009 से 2012 तक थी। इस दौरान इस तरह की आपत्ति कभी नहीं लगी।

ये भी पढ़ें...CM डॉ.मोहन यादव डीजीपी मकवाना से नाराज, मध्यप्रदेश के नौ IPS अफसरों की ट्रेनिंग अधर में

वाधवानी सुनवाई बढ़वाने के लिए ये कर रहे

न्यायाधीश सिंह ने यह भी कोर्ट को बताया कि वह लगातार कोर्ट में इस केस की सुनवाई कर रही है। इसमें बार-बार आरोपों पर बहस के लिए जोर दे रहे थी, लंबी तारीख नहीं दी जा रही थी। इसलिए यह केस ट्रांसफर का आवेदन लगाया गया है। सभी तर्कों के सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ने वाधवानी की याचिका सिरे से खारिज कर दी।



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • इंदौर
  • न्यायाधीश
  • किशोर वाधवानी
  • गुटखा किंग किशोर वाधवानी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा