निर्माण अनुमति, नक्शे-जमीन के दस्तावेजों में कमी, RERA ने रद्द किए 63 हाउसिंग प्रोजेक्ट
Jitendra Shrivastava | Apr 21, 2024, 22:00 IST
thesootr
मध्यप्रदेश में इससे पहले भी RERA हाउसिंग प्रोजेक्ट में मनमानी करने वाले बिल्डर्स ही नहीं MPHIDB जैसी संस्था को भी सबक सिखा चुका है। फिर भी ये प्राइवेट बिल्डर्स ही नहीं सरकार की संस्थाएं भी गोलमाल से बाज नहीं आ रहीं...
संजय शर्मा . BHOPAL. गाइडलाइन की अनदेखी और दस्तावेजों में गड़बड़ी के चलते RERA ने बिल्डर्स-कॉलोनाइजर्स के 63 हाउसिंग प्रोजेक्ट रद्द कर दिए हैं। इनमें भोपाल के 12 और इंदौर के 18 हाउसिंग प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। भू संपदा विनियामक प्राधिकरण ने जिन प्रोजेक्ट्स को अमान्य किया है उनमें कुछ MPHIDB और नगर निगम जैसी संस्थाओं के भी हैं। इससे पहले भी RERA हाउसिंग प्रोजेक्ट में मनमानी करने वाले बिल्डर्स ही नहीं MPHIDB जैसी संस्था को भी सबक सिखा चुका है। फिर भी लोगों को उनके सपनों का आशियाना बनाकर देने वाले प्राइवेट बिल्डर्स ही नहीं सरकार की संस्थाएं भी गोलमाल से बाज नहीं आ रहीं। बड़े शहरों में अपना मकान लेने का सपना देखने वालों से ठगी की शुरुआत ऐसे ही हाउसिंग प्रोजेक्ट से की जाती रही है। इसलिए RERA ने अपने पोर्टल पर इन प्रोजेक्ट का ब्यौरा अपलोड किया है। साथ ही होम बायर्स को इन प्रोजेक्ट में मकान नहीं खरीदने की समझाइश भी डिसप्ले पर दी है।
होम बायर्स की बढ़ती शिकायतों के चलते RERA ने हाउसिंग प्रोजेक्ट पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। हाउसिंग प्रोजेक्ट की अनुमति के लिए जमा होने वाले दस्तावेजों की भी पड़ताल भी बेहद बारीकी से की जाती है। जो कमियां इस दौरान सामने आती हैं उन्हें दुरुस्त करने का मौका भी बिल्डर्स- कॉलोनाइजर्स को दिया जाता है। सरकारी योजनाओं के तहत हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने वाले MPHIDB, नगरीय निकाय और विकास प्राधिकरणों को दस्तावेजों की कमी को पूरा करने और त्रुटियों को सुधारने के कई अवसर दिए गए। बार- बार सुनवाई के बाद भी इन संस्थाओं और बिल्डर्स ने सुधार नहीं किया तो RERA को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। साल 2024 में RERA के पास अनुमति के लिए पहुंचे ऐसे ही 63 हाउसिंग प्रोजेक्ट को लाल झंडी दिखाई गई है। मतलब साफ़ है की RERA ने कंस्ट्रक्शन कंपनियों के इन प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है।
ये खबरें भी पढ़े...
student suicide case में दो साल बाद Sage University के डायरेक्टर, NSUI President सहित अन्य पर केस
निगम बिल घोटाले में शामिल 31 अधिकारी-कर्मचारियों की व्यापमं घोटाले की तरह हो सकती है मौत, कांग्रेस ने पीएम और डीजीपी को लिखा पत्र
प्राइवेट बिल्डर्स-कॉलोनाइजर्स पर तो प्रोजेक्ट को लेकर तमाम आरोप लगते रहते हैं। अपने मुनाफे के लिए होम बायर्स को झूठा भरोसा दिलाकर गड़बड़ी की शिकायतें भी आम हो चुकी हैं। लेकिन RERA के पास पहुंच रहे सरकारी संस्थाओं के हाउसिंग प्रोजेक्ट में भी गोलमाल सामने आ रहा है। अधिकारी इस पर चिंता भी जाता चुके हैं लेकिन धड़ाधड़ प्रोजेक्ट लांच करने की जल्दबाजी ने MPHIDB और नगरीय निकाय जैसी संस्थाओं को भी बिल्डर्स- कॉलोनाइजर्स की कतार में खड़ा कर दिया है।
साल 2024 में जनवरी से मार्च माह के बीच प्रदेश में RERA ने कुल 63 हाउसिंग प्रोजेक्ट रद्द किये हैं। इनमें भोपाल में शुरू होने वाले तीन प्रोजेक्ट MPHIDB का खजुरी कलां में 147 रो-हाउस, नगर निगम और BDA के दो हाउसिंग फॉर ऑल भी हैं। वहीं जबलपुर में दमोह रोड पर JDA के ISBT काम्प्लेक्स को भी अनुमति नहीं मिली है। ग्वालियर सहित अन्य शहरों में भी MPHIDB, स्थानीय नगरीय निकाय और विकास प्राधिकरणों के प्रोजेक्ट अमान्य किये गए हैं। दस्तावेजों की कमी, त्रुटिपूर्ण जानकारी, कंस्ट्रक्शन साइट के प्लान और जमीन के भ्रामक नक़्शे- खसरों के कारण रद्द किये गए हैं।
इंदौर -18
63 हाउसिंग प्रोजेक्ट को दिखाई लाल झंडी
होम बायर्स की बढ़ती शिकायतों के चलते RERA ने हाउसिंग प्रोजेक्ट पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। हाउसिंग प्रोजेक्ट की अनुमति के लिए जमा होने वाले दस्तावेजों की भी पड़ताल भी बेहद बारीकी से की जाती है। जो कमियां इस दौरान सामने आती हैं उन्हें दुरुस्त करने का मौका भी बिल्डर्स- कॉलोनाइजर्स को दिया जाता है। सरकारी योजनाओं के तहत हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने वाले MPHIDB, नगरीय निकाय और विकास प्राधिकरणों को दस्तावेजों की कमी को पूरा करने और त्रुटियों को सुधारने के कई अवसर दिए गए। बार- बार सुनवाई के बाद भी इन संस्थाओं और बिल्डर्स ने सुधार नहीं किया तो RERA को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। साल 2024 में RERA के पास अनुमति के लिए पहुंचे ऐसे ही 63 हाउसिंग प्रोजेक्ट को लाल झंडी दिखाई गई है। मतलब साफ़ है की RERA ने कंस्ट्रक्शन कंपनियों के इन प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है।
ये खबरें भी पढ़े...
student suicide case में दो साल बाद Sage University के डायरेक्टर, NSUI President सहित अन्य पर केस
निगम बिल घोटाले में शामिल 31 अधिकारी-कर्मचारियों की व्यापमं घोटाले की तरह हो सकती है मौत, कांग्रेस ने पीएम और डीजीपी को लिखा पत्र
बिल्डर्स की राह पर MPHIDB-नगर निगम
प्राइवेट बिल्डर्स-कॉलोनाइजर्स पर तो प्रोजेक्ट को लेकर तमाम आरोप लगते रहते हैं। अपने मुनाफे के लिए होम बायर्स को झूठा भरोसा दिलाकर गड़बड़ी की शिकायतें भी आम हो चुकी हैं। लेकिन RERA के पास पहुंच रहे सरकारी संस्थाओं के हाउसिंग प्रोजेक्ट में भी गोलमाल सामने आ रहा है। अधिकारी इस पर चिंता भी जाता चुके हैं लेकिन धड़ाधड़ प्रोजेक्ट लांच करने की जल्दबाजी ने MPHIDB और नगरीय निकाय जैसी संस्थाओं को भी बिल्डर्स- कॉलोनाइजर्स की कतार में खड़ा कर दिया है।
MPHIDB-BDA और नगर निगम के प्रोजेक्ट रद्द
साल 2024 में जनवरी से मार्च माह के बीच प्रदेश में RERA ने कुल 63 हाउसिंग प्रोजेक्ट रद्द किये हैं। इनमें भोपाल में शुरू होने वाले तीन प्रोजेक्ट MPHIDB का खजुरी कलां में 147 रो-हाउस, नगर निगम और BDA के दो हाउसिंग फॉर ऑल भी हैं। वहीं जबलपुर में दमोह रोड पर JDA के ISBT काम्प्लेक्स को भी अनुमति नहीं मिली है। ग्वालियर सहित अन्य शहरों में भी MPHIDB, स्थानीय नगरीय निकाय और विकास प्राधिकरणों के प्रोजेक्ट अमान्य किये गए हैं। दस्तावेजों की कमी, त्रुटिपूर्ण जानकारी, कंस्ट्रक्शन साइट के प्लान और जमीन के भ्रामक नक़्शे- खसरों के कारण रद्द किये गए हैं।
प्रमुख शहरों में रद्द प्रोजेक्ट की संख्या...
इंदौर -18
भोपाल -12
ग्वालियर - 01
जबलपुर -11
रतलाम- 02
छिंदवाड़ा- 01
देवास- 02
धार- 02
गुना- 01
खरगोन - 01
नीमच - 02
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari