लाड़ली बहना पर जोर इसलिए लाड़ली लक्ष्मी योजना कमजोर, हजारों बेटियों तक नहीं पहुंची किस्त
Sourabh Bhatnagar | Apr 04, 2025, 12:24 IST
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मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए कई जिलों में बजट की कमी की वजह से ग्वालियर की 36 हजार से अधिक बालिकाओं को पिछली किश्त नहीं मिली।
मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर और स्वास्थ्य में सुधार लाना है। यह योजना विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बालिकाओं के लिए शुरू की गई थी, ताकि उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार हो सके। इसके तहत, योग्य बालिकाओं के खाते में प्रतिवर्ष छह हजार रुपये जमा किए जाते हैं, जो पांच वर्षों तक जारी रहते हैं।
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लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को लेकर समाज में सकारात्मक सोच बढ़ाना, लिंग अनुपात में सुधार करना, और उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था। इस योजना के तहत, प्रत्येक पात्र बालिका के खाते में प्रतिवर्ष छह हजार रुपये जमा किए जाते हैं। 21 वर्ष की आयु में, इस राशि में ब्याज जुड़कर बालिका को कुल एक लाख 43 हजार रुपये मिलते हैं।
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लाड़ली लक्ष्मी योजना के बजट का एक अलग पूल है, और प्रत्येक वर्ष शासन स्तर से यह राशि जिलों को आवंटित की जाती है। आमतौर पर यह बजट 20 से 31 मार्च के बीच जारी किया जाता है, लेकिन इस वर्ष अप्रैल के पहले सप्ताह तक कई जिलों में यह राशि जारी नहीं की जा सकी है। इससे कई बालिकाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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मध्य प्रदेश में संबल योजना के तहत भी लाड़ली लक्ष्मी योजना के मद से राशि ली गई थी, जो बाद में वापस नहीं की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह राशि इसलिए ली जा सकी, क्योंकि लाड़ली लक्ष्मी योजना के पूल में बड़ी राशि मौजूद है, और शासन के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध थी।
कई जिलों में योजना का बजट ही नहीं
हालांकि, कई जिलों में इस योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष की किश्तें अब तक नहीं दी जा सकी हैं। इन जिलों में ग्वालियर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, और झाबुआ प्रमुख हैं। बताया जा रहा है कि इन जिलों में बजट की कमी के कारण पैसे जारी नहीं हो पाए हैं। विशेषकर ग्वालियर में 36 हजार से अधिक बालिकाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है, और यहां के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि शासन स्तर से जल्द ही राशि जारी करने का आश्वासन दिया गया है।
यह था लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य
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नहीं मिल पा रहा योजना का लाभ
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संबल योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का संबंध
FAQ
- 1. लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य क्या है?
लाड़ली लक्ष्मी योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के शैक्षिक स्तर और स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इसके तहत बालिकाओं को 6 हजार रुपये प्रति वर्ष की राशि दी जाती है, जो 21 वर्ष की आयु में एक लाख 43 हजार रुपये बन जाती है। - 2. लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी बच्ची के जन्म के समय पंजीकरण कराया जाता है। पात्र बालिकाओं के खाते में प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये जमा किए जाते हैं, जो पांच वर्षों तक जारी रहते हैं। - 3. मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत किस वजह से बजट में देरी हुई है?
मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए बजट आवंटन में देरी होने के कारण 36 हजार से अधिक बालिकाओं को पिछली किश्तें नहीं मिल पाई हैं। इसके पीछे बजट की कमी और योजना के लिए आवंटित राशि का समय पर वितरण न हो पाना कारण बताए जा रहे हैं।
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