एमपी में नहीं लगेंगे स्मार्ट मीटर, गलत रीडिंग की शिकायत और विरोध के बाद फैसला
Sandeep Kumar | Oct 03, 2025, 23:30 IST
madhya-pradesh-smart-meters
मध्यप्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का विरोध बढ़ा था। इसके बाद राज्य विद्युत नियामक आयोग ने तारीख बढ़ा दी। अब स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता 31 मार्च 2028 तक होगी।
BHOPAL. मध्यप्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का विरोध बढ़ा था। इसके चलते राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इसे अनिवार्य करने की तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2028 कर दी है। पहले यह 2025 तक अनिवार्य करने का फैसला था। अब इसे तीन साल बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान फिलहाल रुक गया है।
राज्य में स्मार्ट मीटर के बढ़े हुए बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में लगातार शिकायतें थीं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों दोनों में लोग इससे परेशान थे, क्योंकि मीटरों की गलत रीडिंग और बढ़े हुए बिलों ने समस्याएं उत्पन्न कर दी थीं। इसके बाद राज्य विद्युत नियामक आयोग (SERC) ने इन समस्याओं को देखते हुए स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता की तारीख बढ़ाने का फैसला लिया।
ये भी पढ़ें...स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, बढ़े बिजली बिल और देश की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
प्रदेश की तीन प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों ने आयोग से स्मार्ट मीटर के कार्यान्वयन के लिए समय बढ़ाने की मांग की थी। कंपनियों ने तर्क दिया कि स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली मापने का यंत्र नहीं है, बल्कि इसके लिए एक मजबूत नेटवर्क, डेटा मैनेजमेंट, बिलिंग और सर्वर का सही एकीकरण आवश्यक है। इसके अलावा, कंपनियों के पास इस बड़े सिस्टम को संभालने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं हैं।
ये भी पढ़ें...एमपी में स्मार्ट मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा 20% छूट का फायदा
अब तीनों कंपनियां पहले अपनी तकनीकी कमजोरियों को दूर करेंगी और नए प्रशिक्षित कर्मचारियों को भर्ती करेंगी। इसके बाद ही स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। आयोग ने इस बार तकनीकी तैयारी और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए समय बढ़ाया है, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो और मीटर सही तरीके से काम करें।
ये भी पढ़ें...जूली बोले-केंद्र की पर्ची की मार जनता पर भारी, प्रदेश में स्मार्ट मीटर जबरन थोप रही सरकार
कंपनियों ने आयोग को बताया कि पूरे देश में स्मार्ट मीटर की कमी बनी हुई है और आरडीएसएस योजना के तहत मीटरिंग प्रोजेक्ट में कई समस्याएं आ रही हैं। इसके अलावा, टेंडर प्रक्रिया में भी देरी हो रही है, जिससे मीटर लगाने का काम सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है।
ये भी पढ़ें...विजयादशमी कार्यक्रम में बोलीं रेणुका सिंह, सरकार में भी रावण हैं इनके अंत का संकल्प जरूरी
इस फैसले से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। शहरी क्षेत्रों में, अगर स्मार्ट मीटर उपलब्ध नहीं हैं, तो सामान्य मीटर लगाए जा सकते हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में नॉन-स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं और पुराने, खराब या जले हुए मीटर 31 मार्च 2028 तक बदले जा सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को बिजली की नियमित आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं होगी।
MP में कुल 1.37 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इनमें से 38.47 लाख मीटर पहले चरण में स्वीकृत हैं, जबकि दूसरे चरण में 99.22 लाख मीटर की स्वीकृति दी गई है। अब तक 12.56 लाख मीटर तीनों डिस्काम (बिजली कंपनी) द्वारा लगाए जा चुके हैं।
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं की परेशानियां
ये भी पढ़ें...स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, बढ़े बिजली बिल और देश की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
क्यों बढ़ाई गई तारीख?
ये भी पढ़ें...एमपी में स्मार्ट मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा 20% छूट का फायदा
कब लगेंगे स्मार्ट मीटर?
ये भी पढ़ें...जूली बोले-केंद्र की पर्ची की मार जनता पर भारी, प्रदेश में स्मार्ट मीटर जबरन थोप रही सरकार
देश में मीटर की कमी
ये भी पढ़ें...विजयादशमी कार्यक्रम में बोलीं रेणुका सिंह, सरकार में भी रावण हैं इनके अंत का संकल्प जरूरी
उपभोक्ताओं को राहत
स्मार्ट मीटर की कुल संख्या
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava