मंडला की निवास और बिछिया नगर परिषद की करोड़ों की रकम से एफडी बनाकर किया गबन, EOW ने दर्ज किया मामला
Neel Tiwari | Oct 01, 2025, 23:00 IST
mandla-bichhiya-council-fd-fraud
मध्यप्रदेश के मंडला जिले में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। नगर परिषद की करोड़ों रुपए की राशि निजी खातों में ट्रांसफर कर हड़प ली गई। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने तत्कालीन सीएमओ और अधिकारियों के खिलाफ गबन का केस दर्ज किया है।
JABALPUR. मध्यप्रदेश के मंडला जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। EOW जबलपुर ने नगर परिषद निवास और बिछिया क्षेत्र के तत्कालीन सीएमओ और अधिकारियों के साथ एक निजी संस्था के खिलाफ करोड़ों रुपए के गबन का केस दर्ज किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि परिषद की करोड़ों की राशि को बैंक एफडी के नाम पर निजी खातों में ट्रांसफर किया गया और ब्याज में मिली लाखों की रकम हड़प ली गई। इस घोटाले में परिषद के तत्कालीन जिम्मेदार अफसरों और निजी संस्था की मिलीभगत सामने आई है।
ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार नगर परिषद निवास के तत्कालीन प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश मार्को और प्रभारी लेखापाल शिव कुमार झारिया ने परिषद की सरकारी राशि से 3 करोड़ 80 लाख रुपए की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) कराई। इसके लिए आरोपी शिवकुमार झरिया के द्वारा बनाई गई नोट शीट को राजेश मार्को ने अप्रूव किया और यह एफडी राष्ट्रीयकृत बैंक की जगह एक निजी संस्था शिवांशी इंडिया निधि लिमिटेड मंडला के एक्सिस बैंक खाते में करा दी गई। इस 3.80 करोड़ की राशि पर मिलने वाला ब्याज 15,50,892 रुपए था।
जांच में पाया गया कि यह ब्याज परिषद के खाते में जमा करने की बजाय अधिकारियों और निजी संस्था के कब्जे में ही रहा। यानी मूल राशि का इस्तेमाल कर उसका ब्याज हड़प लिया गया। नियमों के मुताबिक, सरकारी विभाग की राशि केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही जमा हो सकती है, लेकिन आरोपियों ने जानबूझकर नियमों को तोड़ा। इस तरह जनता के विकास कार्यों के लिए आई निधि को सीधे निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया।
ये भी पढ़ें...पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारों से साठगांठ के बेहिसाब मामले लेकिन सरकार को फुरसत ही नहीं
जांच में यह भी सामने आया कि परिषद द्वारा की गई नीलामी की 1,73,82,448 रुपए की राशि का भी दुरुपयोग किया गया। इस रकम को भी फर्जी नोटशीट जारी कर शिवांशी इंडिया निधि लिमिटेड बिछिया के axis बैंक के खाते में डाल दिया गया। इस मामले में कुल दो एफडी कराई गई थी। यह पूरा फर्जीवाड़ा प्रभारी लेखापाल शिव कुमार झारिया, राजेश मार्को और परिषद के ग्रेड-3 कर्मचारी दीपक राज ने मिलकर किया। इन दोनों FD की रकम पर ब्याज के रूप में 44,023 रुपए मिले लेकिन यह रकम कभी परिषद को वापस नहीं की गई।
![256a1533-eea]()
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की जांच रिपोर्ट ने साफ किया कि यह पूरा खेल आरबीआई के नियमों का खुला उल्लंघन है। रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरकारी राशि केवल अधिकृत बैंकों में ही जमा की जा सकती है। बावजूद इसके, नगर परिषद की रकम को एक निजी संस्था के खाते में डाला गया। जांच में यह भी सामने आया कि इस शिवांशी इंडिया निधि लिमिटेड ने इन पैसों का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में ऋण वितरण और ऊंची ब्याज दर पर कारोबार करने में किया। यानी परिषद की राशि का सीधे निजी धंधे में दुरुपयोग हुआ।
ये भी पढ़ें...एमपी में 60 हजार की रिश्वत लेते डीपीसी और पत्नी गिरफ्तार, EOW ने रंगे हाथ पकड़ा
गौरतलब है कि जनपद परिषद को मिलने वाली यह राशि सरकार की योजनाओं और ग्रामीण विकास के कार्यों के लिए होती है। लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और निजी संस्था ने मिलकर इस पैसे को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। करोड़ों की इस रकम से मिलने वाले ब्याज को हजम कर आरोपियों ने न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है बल्कि ग्रामीण जनता की उम्मीदों और विकास कार्यों को भी गहरी चोट पहुंची।
ये भी पढ़ें...OBC आरक्षण केस के पहले बड़ा विवाद, रिपोर्ट के पन्ने सामने आए तो सरकार ने दी चेतावनी
ईओडब्ल्यू ने इस मामले में गंभीर अपराध की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी राजेश मार्को सहित दीपक रजक और शिव कुमार झारिया पर धारा 409 भा.दं.सं. (आपराधिक विश्वासघात),धारा 120-बी भा.दं.सं. (आपराधिक षड्यंत्र),भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी) इन धाराओं के तहत केस दर्ज करने के बाद अब आरोपियों की संपत्ति और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
ये भी पढ़ें...21 साल से कम उम्र वालों की बार में एंट्री बैन, CCTV कैमरा लगाना जरूरी, पुलिस रखेगी रिकॉर्डिंग
अनुमान है कि यह मामला केवल कुछ करोड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच में और भी गड़बड़ियों का पर्दाफाश हो सकता है। अधिकारियों और निजी संस्था की मिलीभगत से किए गए इस खेल में कई फर्जीवाड़े और नाम सामने आने की संभावना है।
3 करोड़ 80 लाख की राशि निजी संस्था में ट्रांसफर
जांच में पाया गया कि यह ब्याज परिषद के खाते में जमा करने की बजाय अधिकारियों और निजी संस्था के कब्जे में ही रहा। यानी मूल राशि का इस्तेमाल कर उसका ब्याज हड़प लिया गया। नियमों के मुताबिक, सरकारी विभाग की राशि केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही जमा हो सकती है, लेकिन आरोपियों ने जानबूझकर नियमों को तोड़ा। इस तरह जनता के विकास कार्यों के लिए आई निधि को सीधे निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया।
ये भी पढ़ें...पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारों से साठगांठ के बेहिसाब मामले लेकिन सरकार को फुरसत ही नहीं
दूसरा मामला: नीलामी की रकम से खेल
256a1533-eea
रिजर्व बैंक के नियमों की हुई अनदेखी
ये भी पढ़ें...एमपी में 60 हजार की रिश्वत लेते डीपीसी और पत्नी गिरफ्तार, EOW ने रंगे हाथ पकड़ा
जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका
ये भी पढ़ें...OBC आरक्षण केस के पहले बड़ा विवाद, रिपोर्ट के पन्ने सामने आए तो सरकार ने दी चेतावनी
तीन आरोपियों पर दर्ज हुई FIR
ये भी पढ़ें...21 साल से कम उम्र वालों की बार में एंट्री बैन, CCTV कैमरा लगाना जरूरी, पुलिस रखेगी रिकॉर्डिंग
आगे और खुलासे की उम्मीद
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava