मीनाक्षी नटराजन की चुनाव याचिका पर HC ने दिया सरकार को नोटिस, 11 को अगली सुनवाई
Neel Tiwari | Aug 04, 2026, 17:25 IST
Photograph: (THESOOTR)
राज्यसभा चुनाव में नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन की चुनाव याचिका पर जबलपुर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 11 को होगी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव में नामांकन रद्द होने को चुनौती दी है।
- नटराजन का कहना है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों का पालन किए बिना नामांकन खारिज किया।
- नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल और महेश केवल निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए।
- हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, रिटर्निंग ऑफिसर और सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।
- अब इस चुनाव विवाद पर अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को होगी।
जस्टिस बीपी शर्मा की एकल पीठ ने राज्य सरकार, रिटर्निंग ऑफिसर और सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी से जवाब मांगा है। अब इस हाई प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को होगी।
meenakshi rs election petition-notice
राज्यसभा चुनाव का विवाद आखिर है क्या
इसके बाद चुनाव मैदान में केवल भाजपा के तीन उम्मीदवार रह गए। इनमें राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, उद्योगपति रजनीश कुमार अग्रवाल और भाजपा नेता महेश केवल शामिल थे। तीनों को 11 जून 2026 को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। कांग्रेस ने इसी पूरी प्रक्रिया को चुनौती दी है।
यह था नामांकन रद्द करने का आधार
अधिकारी ने इसे अधूरी जानकारी मानते हुए नामांकन निरस्त कर दिया। इसी आदेश के बाद राज्यसभा चुनाव में मुकाबला खत्म हो गया। भाजपा के तीनों उम्मीदवार बिना मतदान के ही विजयी घोषित हो गए।
मीनाक्षी नटराजन की याचिका में क्या दलील है
याचिका में यह भी कहा गया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने बिना उचित अवसर दिए नामांकन रद्द कर दिया। इससे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का भी पालन नहीं हुआ। कांग्रेस का दावा है कि पूरी कार्रवाई चुनाव नियमों के विपरीत रही।
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ
प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने मामले को विचार योग्य माना। इसके बाद राज्य सरकार, रिटर्निंग ऑफिसर और सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए गए।
किन लोगों को बनाया गया है प्रतिवादी
इसके साथ ही निर्विरोध चुने गए भाजपा के तीनों राज्यसभा सदस्य भी प्रतिवादी हैं। इनमें तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल और महेश केवल शामिल हैं। हाई कोर्ट ने सभी को अपना जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। अब सभी पक्ष अगली सुनवाई में अपना पक्ष अदालत के सामने रखेंगे।
निर्विरोध निर्वाचन पर भी उठाए गए सवाल
कुछ हलफनामों में कथित कमियों के बावजूद उनके नामांकन स्वीकार किए गए। इसी आधार पर पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं।
11 अगस्त की सुनवाई होगी अहम
यदि कोर्ट को पहली नजर में नियमों के उल्लंघन के पर्याप्त आधार मिलते हैं, तो आगे की सुनवाई और भी महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल हाई कोर्ट ने केवल नोटिस जारी किया है। अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
इस मामले पर सभी की नजर
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