सत्ता का रिपोर्ट कार्ड ऑपरेशन शुरू! MP में मंत्री कुर्सियों पर मंथन तेज, संगठन ने लगा दी अंतिम मुहर
Ramanand Tiwari | May 13, 2026, 22:35 IST
ministerial changes report
मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक संतुलन पर जोर दिया जा रहा है। भाजपा संगठन ने मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया और मई के अंत तक बड़े बदलावों की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश की राजनीति में अब सिर्फ मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा नहीं है, बल्कि भाजपा संगठन और सत्ता के भीतर परफॉर्मेंस बनाम पॉलिटिकल बैलेंस का बड़ा खेल शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार के आधे कार्यकाल के बाद अब संगठन ने मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड खोल दिया है। सूत्रों के मुताबिक मई के अंत तक मंत्रिमंडल विस्तार और बड़े स्तर पर राजनीतिक संतुलन साधने की कवायद को अंतिम रूप दिया जा सकता है। सबसे अहम बात यह है कि इस बार सिर्फ खाली पद भरने की कवायद नहीं होगी, बल्कि कई मंत्रियों के विभाग बदलने, कुछ चेहरों की छुट्टी और नए समीकरणों को साधने की तैयारी भी तेज हो गई है।
सरकार का आधा कार्यकाल निकल चुका है। अब भाजपा की पूरी रणनीति 2027 के नगरीय निकाय चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। यही वजह है कि संगठन और सरकार दोनों अब “मैदान में असर दिखाने वाले चेहरों” पर फोकस कर रहे हैं। दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर तेज है और हर गुट अपने समर्थकों को मंत्री पद दिलाने के लिए ताकत झोंक रहा है।
कैबिनेट में फिलहाल 4 पद खाली हैं। लेकिन भाजपा के भीतर मंत्री बनने की लाइन इससे कहीं ज्यादा लंबी है। सूत्रों की मानें तो ग्वालियर-चंबल, महाकौशल, मालवा, विंध्य और बुंदेलखंड समेत कई क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग लंबे समय से चल रही है। क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और चुनावी प्रभाव—तीनों को साधने की कोशिश हो रही है। अब देखना यह है कि किस क्षेत्र की “लॉटरी” खुलती है और किसे इंतजार करना पड़ता है।
इस बार मामला सिर्फ नए चेहरों को शामिल करने तक सीमित नहीं है। भाजपा संगठन मंत्रियों के कामकाज, विभागीय प्रदर्शन और राजनीतिक सक्रियता का अलग-अलग आकलन कर रहा है। कुछ मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी की चर्चा है, जबकि कुछ विवादों ने भी संगठन की चिंता बढ़ाई है।
विजय शाह एवं प्रतिमा बागरी के विवादित बयान से लेकर अन्य नेताओं से जुड़े मामलों तक, कई मुद्दों की फाइलें फिर खुल गई हैं। कैलाश विजयवर्गीय पहले ही सार्वजनिक तौर पर मंत्रिमंडल में नहीं रहने की बात कह चुके हैं। ऐसे में बदलाव की चर्चाओं को और हवा मिल रही है।
भाजपा के अंदर फिलहाल सबसे ज्यादा हलचल खेमेबाजी को लेकर मानी जा रही है।संगठन, सत्ता और बड़े नेताओं के बीच अपने-अपने समर्थकों को एडजस्ट कराने की कोशिशें तेज हैं। भोपाल से दिल्ली तक लगातार लॉबिंग जारी है। सूत्र बताते हैं कि कई नेता अपने करीबी विधायकों और समर्थकों को मंत्री या निगम-मंडल में जगह दिलाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। यही वजह है कि मंत्रिमंडल विस्तार बार-बार टलता रहा।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर भी लंबे समय से ब्रेक लगा हुआ है। दरअसल, हर गुट चाहता है कि उसके समर्थकों को राजनीतिक एडजस्टमेंट मिले। लेकिन अंदरूनी खींचतान के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। अब माना जा रहा है कि पहले मंत्रिमंडल विस्तार होगा, उसके बाद निगम-मंडलों में बाकी नियुक्तियों का रास्ता साफ किया जाएगा।
21 से 23 मई के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों के साथ अलग-अलग चर्चा करेंगे। इन बैठकों में चुनावी घोषणाओं की प्रगति, विभागीय योजनाओं की जमीनी स्थिति और आगामी चुनावी तैयारी पर बातचीत होगी। बैठकों में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहेंगे। इसी समीक्षा को अब संभावित फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा के अंदर जो नेता या विधायक पिछले कुछ समय से नाराज दिखाई दे रहे थे, वे भी फिलहाल शांत नजर आ रहे हैं।
कारण साफ है सबकी नजर मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी है। कई नेताओं को उम्मीद है कि इस बार उन्हें मौका मिल सकता है। लेकिन अगर नाम कटे या उम्मीदें टूटीं, तो विस्तार के बाद अंदरूनी असंतोष फिर खुलकर सामने आ सकता है। मई अंत तक मंत्रिमंडल विस्तार की प्रबल संभावना
कुछ मंत्रियों की छुट्टी और विभाग बदलने की चर्चा हो रही है। संगठन ने मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है। 2027 के निकाय चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव पर फोकस किया जा रहा है। ग्वालियर, महाकौशल, बिन्ध्य, निमाड़ मालवा, बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों को वेटेज मिलने की चर्चा है। निगम-मंडलों की नियुक्तियां भी जल्द संभव हैं। दिल्ली से भोपाल तक लॉबिंग और खेमेबाजी तेज हो गई है। मंत्रियों के साथ वन-टू-वन समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
भाजपा अब सिर्फ सरकार चलाने के मोड में नहीं है। पार्टी अगले ढाई साल को चुनावी तैयारी के “फाइनल फेज” की तरह देख रही है। यही वजह है कि अब मंत्रिमंडल विस्तार को राजनीतिक संदेश, संगठन संतुलन और चुनावी रणनीति तीनों से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की टीम में कौन टिकेगा, कौन बाहर होगा और किस नए चेहरे की एंट्री सत्ता के समीकरण बदल देगी।
एमपी में बदले सर्विस नियम: अब दो से ज्यादा बच्चों पर नहीं जाएगी नौकरी, जानें पूरी डिटेल
NSCB Medical College Vacancy: एमपी में बिना परीक्षा सरकारी नौकरी, 15 मई को इंटरव्यू
एमपी में आज भी बोझ हैं बेटियां! बच्चों को त्यागने और भ्रूण हत्या के मामले में मध्यप्रदेश नंबर एक पर
एमपी सरकार फिर ले रही 1800 करोड़ का लोन, कुल कर्ज पहुंचा 4.14 लाख करोड़ के पार
भाजपा में अब ढाई साल वाला मोड ऑन
4 सीटें खाली, लेकिन दावेदार दर्जनों
कुर्सी समीक्षा अभियान भी जारी
विजय शाह एवं प्रतिमा बागरी के विवादित बयान से लेकर अन्य नेताओं से जुड़े मामलों तक, कई मुद्दों की फाइलें फिर खुल गई हैं। कैलाश विजयवर्गीय पहले ही सार्वजनिक तौर पर मंत्रिमंडल में नहीं रहने की बात कह चुके हैं। ऐसे में बदलाव की चर्चाओं को और हवा मिल रही है।
संगठन और सत्ता के बीच चल रहा सेटिंग संतुलन
निगम-मंडलों की नियुक्तियां भी अटकीं
मंत्रियों से होगी वन-टू-वन चर्चा
विरोधी सुर क्यों हुए शांत?
कारण साफ है सबकी नजर मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी है। कई नेताओं को उम्मीद है कि इस बार उन्हें मौका मिल सकता है। लेकिन अगर नाम कटे या उम्मीदें टूटीं, तो विस्तार के बाद अंदरूनी असंतोष फिर खुलकर सामने आ सकता है। मई अंत तक मंत्रिमंडल विस्तार की प्रबल संभावना
कैबिनेट में फिलहाल 4 पद खाली
भाजपा का असली लक्ष्य क्या?
ये भी पढ़ें...
NSCB Medical College Vacancy: एमपी में बिना परीक्षा सरकारी नौकरी, 15 मई को इंटरव्यू
एमपी में आज भी बोझ हैं बेटियां! बच्चों को त्यागने और भ्रूण हत्या के मामले में मध्यप्रदेश नंबर एक पर
एमपी सरकार फिर ले रही 1800 करोड़ का लोन, कुल कर्ज पहुंचा 4.14 लाख करोड़ के पार
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari