राज्यसभा विवाद पर बोले सीएम, नामांकन रद्द कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा
Ramanand Tiwari | Jun 10, 2026, 22:19 IST
Photograph: (the sootr)
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर पार्टी की अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक कमजोरी को जिम्मेदार ठहराया। भोपाल के गुफा मंदिर से दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कांग्रेस पर तीखे सवाल उठाए।
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के मंदिर परिसर से बाहर निकलते ही उनका अंदाज पूरी तरह राजनीतिक हो गया। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए इसे पार्टी की "लापरवाही नहीं, बल्कि अंदरूनी संघर्ष का परिणाम" बताया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर राज्यसभा सीट को लेकर खींचतान चल रही थी और इसी वजह से नामांकन प्रक्रिया में गंभीर चूक हुई। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य गलती नहीं थी, बल्कि पार्टी की अव्यवस्था और नेतृत्व संकट का संकेत है।
उनके मुताबिक, जिस पार्टी को अपने उम्मीदवार का नामांकन तक सही तरीके से दाखिल कराना नहीं आता, वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गंभीरता को कैसे समझेगी, यह बड़ा सवाल है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि गांव स्तर के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार भी अपने नामांकन पत्रों में आवश्यक जानकारी सावधानी से भरते हैं।
उन्होंने कहा कि कई चुनाव लड़ चुके अनुभवी नेताओं से ऐसी चूक होना साधारण बात नहीं मानी जा सकती। राज्यसभा जैसे प्रतिष्ठित चुनाव में आवश्यक सूचनाएं छूट जाना कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
सीएम ने यह भी कहा कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान संबंधित पक्षों ने जानकारी अधूरी होने की बात स्वीकार की है, तो फिर इसका राजनीतिक दोषारोपण दूसरों पर करना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर आपसी अविश्वास का माहौल है और यही कारण है कि नेताओं को अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर कमजोर हो चुकी है और उसका असर चुनावी तैयारियों में भी दिखाई दे रहा है।
सीएम ने कहा कि इस पूरे विवाद को महिला सम्मान से जोड़ना तथ्यों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उनके अनुसार, किसी भी उम्मीदवार को मैदान में उतारने से पहले उससे जुड़े सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की जांच करना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोपरि होना चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कई जनकल्याणकारी योजनाएं लागू हुई हैं और देश ने निर्णायक नेतृत्व देखा है। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि आने वाले वर्षों में भी देश को मजबूत नेतृत्व मिलता रहे और विकास की गति बनी रहे।
एमपी राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, द सूत्र ने पहले ही बताया था संकट में मीनाक्षी
राज्यसभा चुनाव : विधायक कमलेश्वर डोडियार बोले- 18 को बताऊंगा किसे दिया वोट
MP राज्यसभा चुनाव: मोहन-हेमंत का कद और उमंग-जीतू की साख दांव पर
राज्यसभा चुनाव में 5 करोड़ का ऑफर! कांग्रेस बोली- हमारे विधायक बिकाऊ नहीं
सीएम का आरोप: कांग्रेस ने हार से पहले ही मान ली थी हार
उनके मुताबिक, जिस पार्टी को अपने उम्मीदवार का नामांकन तक सही तरीके से दाखिल कराना नहीं आता, वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गंभीरता को कैसे समझेगी, यह बड़ा सवाल है।
'पंच-सरपंच भी फॉर्म ध्यान से भरते हैं', सीएम का तंज
उन्होंने कहा कि कई चुनाव लड़ चुके अनुभवी नेताओं से ऐसी चूक होना साधारण बात नहीं मानी जा सकती। राज्यसभा जैसे प्रतिष्ठित चुनाव में आवश्यक सूचनाएं छूट जाना कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
सीएम ने यह भी कहा कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान संबंधित पक्षों ने जानकारी अधूरी होने की बात स्वीकार की है, तो फिर इसका राजनीतिक दोषारोपण दूसरों पर करना उचित नहीं है।
'अपने विधायकों पर ही भरोसा नहीं', गुटबाजी पर साधा निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर कमजोर हो चुकी है और उसका असर चुनावी तैयारियों में भी दिखाई दे रहा है।
'महिला सम्मान का मुद्दा नहीं, उम्मीदवार चयन पर उठे सवाल'
पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना, 2029 को लेकर जताई उम्मीद
मुख्य बातें एक नजर में
- मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली रवाना होने से पहले भोपाल के गुफा मंदिर पहुंचे।
- पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने राज्यसभा चुनाव विवाद पर कांग्रेस को घेरा।
- सीएम ने दावा किया कि नामांकन विवाद कांग्रेस की आंतरिक खींचतान का परिणाम है।
- उन्होंने कहा कि अनुभवी नेताओं से ऐसी चूक गंभीर सवाल खड़े करती है।
- कांग्रेस की गुटबाजी और विधायकों पर भरोसे की कमी का भी आरोप लगाया।
- विवाद को महिला सम्मान से जोड़ने पर आपत्ति जताई।
एमपी राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, द सूत्र ने पहले ही बताया था संकट में मीनाक्षी
राज्यसभा चुनाव : विधायक कमलेश्वर डोडियार बोले- 18 को बताऊंगा किसे दिया वोट
MP राज्यसभा चुनाव: मोहन-हेमंत का कद और उमंग-जीतू की साख दांव पर
राज्यसभा चुनाव में 5 करोड़ का ऑफर! कांग्रेस बोली- हमारे विधायक बिकाऊ नहीं
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari