कांग्रेस के प्रत्याशी बनने में लगे मोती सिंह को अंतिम झटका, सुप्रीम कोर्ट से भी याचिका खारिज
Pratibha ranaa | May 10, 2024, 14:59 IST
Moti Singh
कांग्रेस नेता मोती सिंह पटेल के वकील विभोर खंडेलवाल ने बताया इंदौर में चौथे चरण में लोकसभा चुनाव है। यहां 13 मई को वोटिंग है, इससे पहले मामले की सुनवाई होना थी। हमने पहले इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
संजय गुप्ता, INDORE. अक्षय कांति बम ( Akshay Kanti Bam ) के पर्चा वापस लेने के बाद सामने आए सब्सीट्यूट प्रत्याशी के तौर पर उतरे मोती सिंह पटेल ( Moti Singh ) की सुप्रीम कोर्ट से भी याचिका खारिज हो गई है। इस मामले में शुक्रवार ( 10 मई )को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और बेंच ने कहा कि इस मामले में आप लेट हो चुके हैं, डाक मत पत्र के वोट भी डल चुके हैं, ऐसे में चुनाव में हिस्सा लेने की मंजूरी नहीं दी जा सकती है। पटेल की ओर से SC में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी।
कांग्रेस नेता मोती सिंह पटेल के वकील विभोर खंडेलवाल ने बताया इंदौर में चौथे चरण में लोकसभा चुनाव है। यहां 13 मई को वोटिंग है, इससे पहले मामले की सुनवाई होना थी। हमने पहले इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। वहां से हमें चुनाव याचिका दायर करने की सलाह दी गई थी। क्योंकि, चुनाव याचिका इलेक्शन होने के बाद ही दायर हो सकती है, हमारे लिए यह अभी संभव नहीं है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी।
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खंडेलवाल ने कहा कि हम तो मौजूदा चुनाव में ही अपनी हिस्सेदारी की मांग कर रहे थे क्योंकि कांग्रेस ने B फॉर्म में मुख्य प्रत्याशी अक्षय के साथ सब्स्टीट्यूट के रूप में मोतीसिंह पटेल का नाम था। इसके बावजूद उनका फॉर्म B के साथ निर्दलीय की तरह 10 प्रस्तावक नहीं होने के आधार पर रद्द किया गया। हमारा कहना था कि जब मुख्य प्रत्याशी ही मैदान छोड़ गया तो हमारा चुनाव लड़ने का अधिकार ही उसके बाद शुरू होता है, जो हमें दिया जाए।
इंदौर हाईकोर्ट की डबल बैंच ने कांग्रेस के मोतीसिंह पटेल (सब्स्टीट्यूट कैंडिडेट) की अपील 4 मई को खारिज कर दी थी। इसके पूर्व हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने भी 30 अप्रैल को पटेल की याचिका खारिज की थी। इसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।
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इसके पहले हाईकोर्ट में दो बार याचिका खारिज हो चुकी
कांग्रेस नेता मोती सिंह पटेल के वकील विभोर खंडेलवाल ने बताया इंदौर में चौथे चरण में लोकसभा चुनाव है। यहां 13 मई को वोटिंग है, इससे पहले मामले की सुनवाई होना थी। हमने पहले इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। वहां से हमें चुनाव याचिका दायर करने की सलाह दी गई थी। क्योंकि, चुनाव याचिका इलेक्शन होने के बाद ही दायर हो सकती है, हमारे लिए यह अभी संभव नहीं है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी।
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कांग्रेस के B फॉर्म में मोतीसिंह सब्स्टीट्यूट कैंडिडेट
खंडेलवाल ने कहा कि हम तो मौजूदा चुनाव में ही अपनी हिस्सेदारी की मांग कर रहे थे क्योंकि कांग्रेस ने B फॉर्म में मुख्य प्रत्याशी अक्षय के साथ सब्स्टीट्यूट के रूप में मोतीसिंह पटेल का नाम था। इसके बावजूद उनका फॉर्म B के साथ निर्दलीय की तरह 10 प्रस्तावक नहीं होने के आधार पर रद्द किया गया। हमारा कहना था कि जब मुख्य प्रत्याशी ही मैदान छोड़ गया तो हमारा चुनाव लड़ने का अधिकार ही उसके बाद शुरू होता है, जो हमें दिया जाए।
हाईकोर्ट की डबल बैंच से खारिज हुई अपील
इंदौर हाईकोर्ट की डबल बैंच ने कांग्रेस के मोतीसिंह पटेल (सब्स्टीट्यूट कैंडिडेट) की अपील 4 मई को खारिज कर दी थी। इसके पूर्व हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने भी 30 अप्रैल को पटेल की याचिका खारिज की थी। इसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।
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