एमपी में राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश निकले, मॉनिटरिंग गायब!

Ramanand Tiwari | May 26, 2026, 07:30 IST
Share
mp administrative
mp administrative

मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के ट्रांसफर के बाद मॉनिटरिंग गेप सामने आया। चार अधिकारियों को एकतरफा कार्यमुक्त किया गया। प्रशासनिक हलकों में सवाल यह है कि जवाबदेही अफसरों की होगी या सिस्टम की।

मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले के बाद मॉनिटरिंग सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने जिन अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए थे, उनकी जॉइनिंग और रिलीविंग की स्थिति पर लंबे समय तक कोई ठोस निगरानी नहीं हुई। अब विभाग ने चार अधिकारियों को एकतरफा कार्यमुक्त किया और सख्ती का संदेश देने की कोशिश की। चर्चा इस बात की है कि प्रशासनिक जवाबदेही अफसरों की होगी या सिस्टम की।

आदेश जारी हुए, लेकिन फॉलोअप नहीं दिखा

शासन द्वारा ट्रांसफर आदेश जारी होने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत अधिकारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना होता है। लेकिन इस मामले में कई अधिकारी पुराने जिलों में ही काम करते रहे और विभागीय स्तर पर समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। अब सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त कर दिया है।

सवालों में विभागीय मॉनिटरिंग सिस्टम

प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि जब ट्रांसफर आदेश शासन स्तर से जारी हुए थे, तब उनकी क्रियान्वयन स्थिति की नियमित समीक्षा क्यों नहीं हुई? क्या विभागीय स्तर पर यह देखा गया कि किन अधिकारियों ने नई पोस्टिंग जॉइन की और किन मामलों में प्रक्रिया लंबित रही? यही वजह है कि अब यह मामला सिर्फ ट्रांसफर नहीं, बल्कि प्रशासनिक मॉनिटरिंग का मुद्दा बन गया है।

अचानक सख्ती से बढ़ी चर्चा

GAD ने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। साथ ही कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश के बाद यदि कोई अधिकारी पुराने स्थान पर कार्य करता पाया गया तो उसका वेतन आहरित नहीं किया जाए। हालांकि विभाग की इस कार्रवाई को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या यह वास्तविक अनुशासनात्मक कदम है या फिर देरी से हुई औपचारिक कार्रवाई?

क्या अब बदलेगी कार्य संस्कृति?

सरकारी विभागों में ट्रांसफर के बाद रिलीविंग और जॉइनिंग को लेकर अक्सर देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें विभागीय निगरानी और जवाबदेही दोनों पर सवाल उठे हैं। अब देखना होगा कि यह कार्रवाई आगे प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में सुधार लाती है या फिर मामला सिर्फ आदेशों तक सीमित रह जाता है।

प्रशासनिक कामकाज पर भी पड़ा असर

सूत्रों के अनुसार जिन स्थानों पर अधिकारियों की नई पदस्थापना हुई थी, वहां कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बनी रही। कई जगह अतिरिक्त प्रभार के भरोसे व्यवस्थाएं चलती रहीं, जिससे निर्णय प्रक्रिया और विभागीय समन्वय पर असर पड़ा।

इन अधिकारियों को किया गया एकतरफा कार्यमुक्त

सोहन कनाश संयुक्त कलेक्टर बड़वानी से अपर कलेक्टर अलीराजपुर बने।
विजय कुमार डेहरिया डिप्टी कलेक्टर सागर से डिप्टी कलेक्टर छतरपुर हुए।
संतोष मुदगल प्रभारी डिप्टी कलेक्टर रायसेन से प्रभारी उप संचालक, सामाजिक न्याय, ग्वालियर नियुक्त।
राकेश चौरसिया प्रभारी डिप्टी कलेक्टर कटनी से प्रभारी डिप्टी कलेक्टर रीवा बने।

असली सवाल अब भी बाकी

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक जवाबदेही और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। यदि ट्रांसफर आदेशों के पालन की नियमित समीक्षा होती, तो शायद मामला एकतरफा कार्यमुक्ति तक नहीं पहुंचता। अब नजर इस बात पर रहेगी कि शासन भविष्य में ऐसे मामलों के लिए कोई मजबूत ट्रैकिंग व्यवस्था बनाता है या नहीं।

ये भी पढ़ें...

इंदौर में जलसंकट में महापौर बोले, कांग्रेस पार्षद टैंकर बेच रहे हैं और प्रदर्शन के नाम पर नौटंकी कर रहे

क्या जनसंवाद मिशन बदलेगा भाजपा का जमीनी कनेक्शन या सिर्फ अभियान बनकर रह जाएगा?

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: बर्खास्तगी के बाद भी नहीं रोकी जा सकती ग्रेच्युटी, कहा- यह कर्मचारी की मेहनत की कमाई

एमपी में बनेगा नया ओंकारेश्वर अभयारण्य, क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन बढ़ेगा

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • सामान्य प्रशासन विभाग
  • GAD
  • राज्य प्रशासनिक सेवा
  • डिप्टी कलेक्टर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा