एआईजी राजेश मिश्रा को बचाने में जुटी हाईप्रोफाइल लॉबी, जांच रिपोर्ट सबमिट, एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं
Sourabh Bhatnagar | Mar 09, 2026, 15:31 IST
aig rajesh mishra allegations fashion designer
मध्यप्रदेश पुलिस के एआईजी राजेश मिश्रा पर जयपुर की फैशन डिजाइनर के साथ उत्पीड़न और उसके पैसों पर ऐश करने के गंभीर आरोप लगभग साबित हो चुके हैं, फिर भी कार्रवाई का नाम नहीं है।
Bhopal. साल 2025 के सबसे चर्चित और विवादित मामलों में शामिल इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय से एमपी गृह विभाग तक पहुंच चुकी है। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है।
एमपी पुलिसमुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक यह सवाल गूंज रहा है कि जब आरोपों की पुष्टि हो चुकी है तो आखिर राजेश मिश्रा पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक ताकतवर लॉबी सक्रिय है, जो हर हाल में राजेश मिश्रा को बचाने में जुटी है। जांच रिपोर्ट को आगे बढ़ाने की बजाय फाइल दबा दी गई है।
दरअसल, इस पूरे मामले के पीछे सबसे बड़ी वजह मिश्रा का प्रस्तावित आईपीएस अवॉर्ड माना जा रहा है। अगले साल उन्हें आईपीएस अवॉर्ड होना है। यदि इस बीच विभागीय जांच शुरू हो जाती है तो आईपीएस बनने का रास्ता बंद हो सकता है।
यही कारण है कि फिलहाल फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि यदि मिश्रा को पहले आईपीएस अवॉर्ड मिल गया तो उसके बाद मामला वर्षों तक जांच की फाइलों में घूमता रहेगा और उनके करियर पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
पूरे विवाद की शुरुआत 2025 में हुई थी, जब राजस्थान की एक फैशन डिजाइनर ने मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल राजेश मिश्रा पर धोखाधड़ी, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।
मामला सामने आते ही उस समय के डीजीपी कैलाश मकवाना ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तरुण नायक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी दौरान जनवरी 2026 में मिश्रा को सीआईडी से हटाकर पीटीआरआई भेज दिया गया था, ताकि जांच प्रभावित न हो।
महिला ने अपनी शिकायत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उसका कहना था कि फरवरी 2025 में एक शादी समारोह के दौरान उसकी मुलाकात राजेश मिश्रा से हुई थी। इसके बाद मिश्रा ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं और फैशन बुटीक के बिजनेस में साझेदारी का लालच दिया। भरोसा जीतने के बाद धीरे-धीरे उससे पैसे खर्च करवाने शुरू किए गए।
आरोप है कि जयपुर के एक होटल में दोनों साथ ठहरे थे, जहां करीब एक लाख रुपए का बिल महिला ने चुकाया था। इसके अलावा एआईजी राजेश मिश्राने महिला के पैसों से अपने परिवार के लिए करीब तीन लाख रुपए के कपड़े खरीदे।
मामला यहीं नहीं रुका। महिला के मुताबिक लगभग 27 लाख रुपए की ज्वेलरी भी उसके पैसों से खरीदी गई थी। मिश्रा ने बाद में यह रकम लौटाने का वादा किया, मगर कुछ समय बाद उनका फोन ही ब्लॉक कर दिया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि यात्राओं के दौरान महंगे होटलों में ठहरने, शॉपिंग करने और महंगे गिफ्ट लेने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया गया। कई मौकों पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी मानसिक दबाव डाला गया। पीड़िता का कहना है कि जब उसने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो मिश्रा ने उससे दूरी बना ली और संपर्क खत्म कर दिया।
इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज आरोप नलखेड़ा के महाभारतकालीन बगलामुखी मंदिर से जुड़ा है। महिला का दावा है कि वहां दोनों ने पति-पत्नी के रूप में हवन किया था। इस दौरान मंदिर में मौजूद लोगों के सामने खुद को दंपती बताया गया। बाद में अक्टूबर 2025 के बाद अचानक मिश्रा ने महिला का फोन उठाना बंद कर दिया और पूरी तरह संपर्क खत्म कर दिया।
पीड़िता ने जब खुद को ठगा हुआ महसूस किया तो कोर्ट के माध्यम से पुलिस तक शिकायत पहुंचाई। जांच के दौरान उसने कई सबूत भी पेश किए। इनमें होटल के बिल, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, ज्वेलरी खरीद की रसीदें, क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट और कई तस्वीरें शामिल बताई जा रही हैं। जांच अधिकारियों को कई होटलों के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें दोनों साथ दिखाई देते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में डीआईजी तरुण नायक ने करीब 20 पेज की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में महिला द्वारा लगाए गए अधिकांश आरोपों की पुष्टि हो चुकी है। यानी जांच ने उन दावों को लगभग सही पाया है, जिन्हें लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि जब जांच में आरोपों की पुष्टि हो चुकी है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। पुलिस महकमे के भीतर भी इस मामले को लेकर असंतोष की चर्चा है। कई अधिकारी मानते हैं कि यदि इतने गंभीर आरोपों के बाद भी कार्रवाई टलती रही तो यह पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करेगा।
फिलहाल मामला गृह विभाग के पास है और सभी की नजरें इसी पर टिकी हैं कि एमपी सरकार इस पर क्या फैसला लेती है, लेकिन जिस तरह फाइल आगे बढ़ने की बजाय रुकी हुई है। उससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं किसी प्रभावशाली दबाव के कारण इस पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश तो नहीं हो रही।
वहीं, इस मामले में द सूत्र ने गृह विभाग के एसीएस आईएएस शिव शेखर शुक्ला से उनका पक्ष जानने के लिए उन्हें मैसेज किया, लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जैसे ही उनकी ओर से वर्जन आएगा, हम उसे भी अपनी खबर में शामिल करेंगे।
![c231db35-9c6]()
ये खबरें भी पढ़ें...
जयपुर की फैशन डिजाइनर के पैसों पर ऐश करते थे AIG राजेश मिश्रा, जांच में आरोप सिद्ध!
एआईजी राजेश मिश्रा पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, सबूत के बाद भी जांच का ड्रामा कर रही मध्यप्रदेश पुलिस
यूपी के दो जांबाज IPS राजस्थान में लेंगे सात फेरे, जानें इस पावर कपल की लव स्टोरी
IPS Transfers MP: पुलिस महकमे में तबादलों की तैयारी, 2020 बैच के IPS को मिलेगी फील्ड पोस्टिंग
एमपी पुलिसमुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक यह सवाल गूंज रहा है कि जब आरोपों की पुष्टि हो चुकी है तो आखिर राजेश मिश्रा पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक ताकतवर लॉबी सक्रिय है, जो हर हाल में राजेश मिश्रा को बचाने में जुटी है। जांच रिपोर्ट को आगे बढ़ाने की बजाय फाइल दबा दी गई है।
स्थिति यह है कि अब तक मिश्रा को न तो कोई नोटिस जारी हुआ है और न ही उनसे किसी प्रकार का स्पष्टीकरण मांगा गया है। यानी आरोप गंभीर, सबूत मौजूद, जांच पूरी… फिर भी कार्रवाई शून्य है।
यही कारण है कि फिलहाल फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि यदि मिश्रा को पहले आईपीएस अवॉर्ड मिल गया तो उसके बाद मामला वर्षों तक जांच की फाइलों में घूमता रहेगा और उनके करियर पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
मिश्रा को सीआईडी से हटाया था
मामला सामने आते ही उस समय के डीजीपी कैलाश मकवाना ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तरुण नायक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी दौरान जनवरी 2026 में मिश्रा को सीआईडी से हटाकर पीटीआरआई भेज दिया गया था, ताकि जांच प्रभावित न हो।
महिला ने किए थे चौंकाने वाले खुलासे
आरोप है कि जयपुर के एक होटल में दोनों साथ ठहरे थे, जहां करीब एक लाख रुपए का बिल महिला ने चुकाया था। इसके अलावा एआईजी राजेश मिश्राने महिला के पैसों से अपने परिवार के लिए करीब तीन लाख रुपए के कपड़े खरीदे।
rajesh mishra aig (2)
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि यात्राओं के दौरान महंगे होटलों में ठहरने, शॉपिंग करने और महंगे गिफ्ट लेने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया गया। कई मौकों पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी मानसिक दबाव डाला गया। पीड़िता का कहना है कि जब उसने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो मिश्रा ने उससे दूरी बना ली और संपर्क खत्म कर दिया।
पति-पत्नी के रूप में किया हवन
पीड़िता ने जब खुद को ठगा हुआ महसूस किया तो कोर्ट के माध्यम से पुलिस तक शिकायत पहुंचाई। जांच के दौरान उसने कई सबूत भी पेश किए। इनमें होटल के बिल, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, ज्वेलरी खरीद की रसीदें, क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट और कई तस्वीरें शामिल बताई जा रही हैं। जांच अधिकारियों को कई होटलों के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें दोनों साथ दिखाई देते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में डीआईजी तरुण नायक ने करीब 20 पेज की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में महिला द्वारा लगाए गए अधिकांश आरोपों की पुष्टि हो चुकी है। यानी जांच ने उन दावों को लगभग सही पाया है, जिन्हें लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।
और ठंडे बस्ते में चली गई जांच रिपोर्ट
फिलहाल मामला गृह विभाग के पास है और सभी की नजरें इसी पर टिकी हैं कि एमपी सरकार इस पर क्या फैसला लेती है, लेकिन जिस तरह फाइल आगे बढ़ने की बजाय रुकी हुई है। उससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं किसी प्रभावशाली दबाव के कारण इस पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश तो नहीं हो रही।
वहीं, इस मामले में द सूत्र ने गृह विभाग के एसीएस आईएएस शिव शेखर शुक्ला से उनका पक्ष जानने के लिए उन्हें मैसेज किया, लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जैसे ही उनकी ओर से वर्जन आएगा, हम उसे भी अपनी खबर में शामिल करेंगे।
c231db35-9c6
ये खबरें भी पढ़ें...
जयपुर की फैशन डिजाइनर के पैसों पर ऐश करते थे AIG राजेश मिश्रा, जांच में आरोप सिद्ध!
एआईजी राजेश मिश्रा पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, सबूत के बाद भी जांच का ड्रामा कर रही मध्यप्रदेश पुलिस
यूपी के दो जांबाज IPS राजस्थान में लेंगे सात फेरे, जानें इस पावर कपल की लव स्टोरी
IPS Transfers MP: पुलिस महकमे में तबादलों की तैयारी, 2020 बैच के IPS को मिलेगी फील्ड पोस्टिंग
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari