भोपाल-इंदौर के लिए बनेगा स्पेशल वॉटर प्लान, बिना इजाजत निजी बोरवेल खोदने पर सरकार की सख्ती
Kaushiki | Jun 03, 2026, 09:40 IST
bhopal indore metropolitan water management plan
मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में पानी और सीवेज की समस्या दूर होगी। सीएम मोहन यादव ने नया वाटर प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही करने वाले अफसरों को कड़ी चेतावनी दी गई है। अब जल निगम का नाम भी बदल दिया गया है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल और इंदौर के लिए नया सरफेस वाटर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
- जल निगम का नाम अब बदलकर जल एवं सीवेज प्रबंधन बोर्ड कर दिया गया है।
- सीएम ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा जैसी दूषित पानी की घटना दोबारा न हो।
- उज्जैन में गंदे पानी के भराव को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त नाराजगी जताई है।
- सूखे क्षेत्रों में पांच किलोमीटर के दायरे में निजी बोरवेल पर रोक लगेगी।
भोपाल-इंदौर के लिए बनेगा वाटर प्लान
इसके तहत दोनों बड़े शहरों के लिए मास्टर प्लान बनेगा। यह मास्टर प्लान मुख्य रूप से सतही जल पर आधारित होगा। अब सीवेज प्रबंधन और जल स्रोतों के संरक्षण पर भी काम होगा। सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर कदम उठा रही है। इसके लिए तालाबों की मरम्मत और सुरक्षा की जाएगी।
अब सीवेज सफाई पर रहेगा फोकस
आने वाले समय में शहरों में गंदा पानी बड़ी चुनौती बनेगा। इसलिए विभाग का मुख्य फोकस अब सीवेज के सही निपटारे पर होगा। गांवों में भी सीवेज मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी। नदियों और तालाबों को साफ रखने के लिए यह जरूरी कदम है। गंदे पानी को सीधे नदियों में मिलने से रोका जाएगा। नए बोर्ड को इसके लिए पूरी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। अधिकारी अब नई कार्ययोजना बनाने में जुट गए हैं।
भागीरथपुरा कांड पर भड़के सीएम
लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर अब सीधी कार्रवाई की जाएगी। जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। भागीरथपुरा जैसी घटना सरकारी तंत्र की बड़ी चूक को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने इसे एक सबक की तरह लेने को कहा है। अब हर इलाके में पानी की जांच नियमित रूप से की जाएगी।
उज्जैन की जल निकासी पर जताई नाराजगी
सीएम ने उज्जैन के लिए एक बेहतर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। शहर के धार्मिक महत्व को देखते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी। गंदे पानी के भराव को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा।
निजी बोरवेल पर सरकार की सख्ती
भूजल (जल संरक्षण) को बचाने के लिए सरकार कानून मजबूत कर रही है। अब हर घर के लिए वाटर रीचार्ज पिट बनाना अनिवार्य हो सकता है। बारिश के पानी को सहेजने के लिए यह फैसला लिया गया है। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना भी लग सकता है।
FAQ
- भोपाल-इंदौर के लिए सरफेस वाटर मास्टर प्लान क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार भोपाल और इंदौर के प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए एक व्यापक सरफेस वाटर मास्टर प्लान बनाएगी। इसमें दोनों शहरों के जल स्रोतों, सीवेज प्रबंधन और भविष्य की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। - भागीरथपुरा कांड क्या था और सरकार इसे लेकर क्या कदम उठा रही है?
भागीरथपुरा कांड इंदौर में दूषित पेयजल और सीवेज के मिलने से जुड़ी घटना थी। मुख्यमंत्री ने बैठक में इसका जिक्र करते हुए निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई नहीं जानी चाहिए। शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने और सप्लाई चेन में सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। - निजी बोरवेल पर सरकार क्या नई नीति लाने वाली है?
जहां पेयजल की आपूर्ति बोरवेल पर निर्भर है और गर्मियों में जलस्तर सूख जाता है, वहां पांच किलोमीटर के दायरे में निजी बोरवेल को अनुमति नहीं दी जाएगी। बिना अनुमति बोरवेल खोदने पर रोक लगाई जाएगी और निजी रिवायती पिट को अधिकृत करने की दिशा में भी काम होगा।
ट्विशा शर्मा सुसाइड केस: समर्थ ने लगाए कई आरोप, पूर्व जज गिरिबाला ने कोर्ट में रखी अनोखी मांग
अफसरों की संपत्ति: ससुराल से मिली प्रॉपर्टी कैसे बना रही अफसरों को अमीर?
आज दिल्ली दौरे पर रहेंगे सीएम मोहन यादव, राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों पर हो सकती है चर्चा
सीएम मोहन यादव ने जिसे बताया कांग्रेस का भागा दूल्हा, वह अक्षय बम बीजेपी में आकर भी अधर में
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari