भाजपा युवा मोर्चा में ‘पुत्र मोह’ की जंग ! दिग्गजों की खींचतान में अटकी कार्यकारिणी, जमीन पर उठे बड़े सवाल
Ramanand Tiwari | Mar 21, 2026, 23:09 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा में बड़े नेताओं के बीच चल रही रस्साकसी और परिवारवाद के आरोपों के बीच कार्यकारिणी की घोषणा में देरी हो रही है। क्या यह स्थिति भाजपा की साख को प्रभावित करेगी?
BHOPAL. मध्यप्रदेश भाजपा में महिला मोर्चा और ओबीसी मोर्चा की कार्यकारिणी घोषणा कर दी गई है, लेकिन युवा मोर्चा की सूची अब भी अटकी हुई है। वजह-बड़े नेताओं के बीच अपने-अपने ‘चेहरों’ को आगे बढ़ाने की होड़। यही कारण है कि लंबे समय बाद भी सहमति नहीं बन पा रही और संगठन के भीतर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।
भाजपा संगठन ने काफी मशक्कत के बाद महिला मोर्चा और ओबीसी मोर्चा की कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। लेकिन इसके उलट, भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में अब तक नामों पर सहमति नहीं बन सकी है।
यह खबरें भी पढ़ें...
MP में शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश नहीं मिलेगा! बोर्ड परीक्षाओं और प्रशिक्षण के बीच कटेगी छुट्टी
एमपी पुलिस का दंगल : थाने में भिड़े एसआई और एएसआई, टीआई ने किया बीच-बचाव
युवा मोर्चा की कार्यकारिणी को लेकर संगठन के भीतर लगातार बैठकें चल रही हैं। वरिष्ठ नेता खुद इस प्रक्रिया को मॉनिटर कर रहे हैं, लेकिन सहमति बनने के बजाय खींचतान बढ़ती जा रही है। सूत्रों का दावा है कि कई दिग्गज नेता अपने-अपने करीबी और परिवार से जुड़े युवाओं को पद दिलाने की कोशिश में लगे हैं।
मालवा, महाकौशल, ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाना भी चुनौती बन गया है। हर क्षेत्र से प्रतिनिधित्व की मांग के चलते सूची और जटिल होती जा रही है। इसी वजह से अंतिम नाम तय करने में देरी हो रही है।
युवा मोर्चा की घोषणा में देरी से कार्यकर्ताओं में असंतोष धीरे-धीरे सामने आ रहा है। कई कार्यकर्ता उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें संगठन में मौका मिलेगा, लेकिन देरी से उनकी नाराजगी बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर भी कुछ जगहों पर नाराजगी के संकेत मिल चुके हैं।
जिला और तहसील स्तर पर पहले हुए संगठनात्मक नियुक्तियों में भी विवाद सामने आए थे। कुछ जगहों पर पैसे लेकर पद देने के आरोप लगे, तो कई कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर असंतोष जताया। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अनुशासन में रहने की सख्त हिदायत दी थी।
क्या
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या युवा मोर्चा में परिवारवाद हावी हो रहा है? क्या जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी होगी? और क्या इससे संगठन की साख पर असर पड़ेगा?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि कार्यकारिणी में संतुलन और पारदर्शिता नहीं दिखी, तो घोषणा के बाद असंतोष खुलकर सामने आ सकता है। ऐसी स्थिति में पार्टी को अनुशासन बनाए रखना चुनौती बन सकता है।
एमपी सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा, जल्द होगी डिलीवरी
जंगल खत्म करने में एमपी अव्वल, CSE रिपोर्ट में खुलासा, 23 हजार हेक्टेयर जंगल सिर्फ 5 साल में गायब
अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा नेतृत्व इस खींचतान को कैसे सुलझाता है। क्या दिग्गज नेता अपने ‘पसंदीदा चेहरों’ को जगह दिला पाएंगे, या संगठन संतुलन और कार्यकर्ता आधारित चयन को प्राथमिकता देगा-यही तय करेगा कि युवा मोर्चा की यह सूची संगठन को मजबूती देगी या नए विवाद खड़े करेगी।
महिला और ओबीसी मोर्चा घोषित, युवा मोर्चा अब भी उलझा
यह खबरें भी पढ़ें...
MP में शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश नहीं मिलेगा! बोर्ड परीक्षाओं और प्रशिक्षण के बीच कटेगी छुट्टी
एमपी पुलिस का दंगल : थाने में भिड़े एसआई और एएसआई, टीआई ने किया बीच-बचाव
युवा मोर्चा में ‘समन्वय’ नहीं, रस्साकसी ज्यादा
क्षेत्रीय संतुलन भी बना सिरदर्द
जमीनी कार्यकर्ताओं में बढ़ रही बेचैनी
पहले भी लग चुके हैं आरोप
क्या परिवारवाद का खतरा बढ़ रहा है?
घोषणा के बाद बढ़ सकता है विवाद?
मुख्य तथ्य (Key Points):
- युवा मोर्चा की सूची अब तक फाइनल नहीं
- बड़े नेताओं के बीच नामों को लेकर खींचतान
- क्षेत्रीय संतुलन भी बना बड़ा मुद्दा
- कार्यकर्ताओं में बढ़ रही नाराजगी
- पहले भी नियुक्तियों पर विवाद और आरोप लग चुके
एमपी सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा, जल्द होगी डिलीवरी
जंगल खत्म करने में एमपी अव्वल, CSE रिपोर्ट में खुलासा, 23 हजार हेक्टेयर जंगल सिर्फ 5 साल में गायब
अब नजर किस पर?
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman