सरकार से नहीं आई योजना की राशि तो RDVV ने छात्रों का रोका एग्जाम, HC ने लगाई फटकार
Neel Tiwari | Sept 17, 2026, 15:11 IST
MP CM jankalyan shiksha yojana rdvv
मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना में फीस को लेकर विवाद सामने आया। RDVV ने सरकार से फीस नहीं मिलने पर छात्रों को परीक्षा से रोका। छात्रों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को फटकार लगाई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- छात्रों ने मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना से प्रवेश लिया था।
- योजना के तहत प्रवेश और परीक्षा फीस सरकार को देनी थी।
- फीस नहीं मिलने पर यूनिवर्सिटी ने छात्रों को परीक्षा से रोका।
- छात्रों को परीक्षा देने से रोका गया।
- हाई कोर्ट ने छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।
सरकार और RDVV के बीच फीस को लेकर विवाद
यूनिवर्सिटी की ओर से कोर्ट में कहा गया कि छात्रों ने संस्थान को फीस नहीं दी। इसी कारण उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। यूनिवर्सिटी ने पाठ्यक्रमों को स्व-वित्तीय भी बताया। उसके अनुसार इन पाठ्यक्रमों में फीस देना जरूरी है।
योजना में छात्रों की फीस को लेकर क्या व्यवस्था है
इस प्रावधान के तहत पात्र पोस्टग्रेजुएट छात्रों को राहत है। ऐसे छात्रों को मेस फीस और कॉशन मनी देनी होती है।। प्रवेश और नामांकन फीस सरकार को देनी होती है। परीक्षा फीस भी सरकार द्वारा दी जानी होती है।
यानी फीस भुगतान को लेकर छात्रों की जिम्मेदारी सीमित थी। इसी वजह से विवाद सरकार और यूनिवर्सिटी के बीच था। छात्रों को इस विवाद का भुगतान नहीं करना था। इसके बावजूद विवाद का असर उनकी परीक्षा पर पड़ा।
फीस विवाद के कारण छात्रों की परीक्षा अटकी
अन्य याचिकाकर्ता छात्र पहले तीन सेमेस्टर की परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास कर चुके थे। उन्हें चौथे सेमेस्टर की परीक्षा देनी थी। उन्हें एक प्रश्नपत्र में बैठने की अनुमति मिली थी। लेकिन दूसरे प्रश्नपत्र से उन्हें रोक दिया गया।
हाई कोर्ट ने छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दी
कोर्ट ने साफ किया कि यह अनुमति अंतिम नहीं है। यह अनुमति याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। यानी फीस विवाद पर अभी अंतिम फैसला बाकी है।
फिलहाल छात्रों की परीक्षा को रोकने की स्थिति नहीं रहेगी।
सरकार और यूनिवर्सिटी का विवाद छात्रों पर नहीं पड़ेगा
इससे फीस विवाद के बीच उनकी परीक्षा नहीं रुकेगी। अंतिम फैसला आगे की सुनवाई के बाद होगा।
हाई कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा
उन्हें आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। कोर्ट ने प्रमाणित प्रति आज ही देने का निर्देश दिया। मामले की आगे की कार्रवाई जवाब मिलने के बाद होगी।
इसके बाद कोर्ट पूरे विवाद पर फैसला कर सकता है।
शिवांकी तिवारी समेत छात्रों की याचिका पर सुनवाई
विश्वविद्यालय की ओर से श्रेयस पंडित कोर्ट में उपस्थित हुए। मामले की सुनवाई जस्टिस विशाल मिश्रा ने की। हाई कोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया।
अब फीस विवाद पर आगे की सुनवाई होगी
अंतिम फैसला आने तक छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति है। इससे उनकी पढ़ाई फिलहाल फीस विवाद से अलग रहेगी। आगे की सुनवाई में पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
FAQ
- मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना का मामला क्या है?
यह मामला योजना के तहत फीस भुगतान से जुड़ा है। - RDVV ने छात्रों को परीक्षा से क्यों रोका?
यूनिवर्सिटी ने फीस जमा नहीं होने को कारण बताया। - RDVV परीक्षा मामले में हाई कोर्ट ने छात्रों के लिए क्या आदेश दिया?
कोर्ट ने छात्रों को संबंधित परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दी।
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