मंडल-निगम अध्यक्षों की CM हाउस में क्लास, शिवप्रकाश-जामवाल ने बनाई दूरी, सत्ता-संगठन ने दिया साफ संदेश
Ramanand Tiwari | May 18, 2026, 20:48 IST
Photograph: (the sootr)
भोपाल में नए मंडल, निगम, बोर्ड और आयोग अध्यक्ष-उपाध्यक्षों को सीएम हाउस में औपचारिक रजिस्ट्रेशन और प्रशिक्षण दिया गया। पीछे असली मकसद था सत्ता और संगठन के बीच सामंजस्य बनाना रहा। वरिष्ठ नेताओं ने प्रशिक्षण से दूरी बनाई।
भोपाल में नवनियुक्त मंडल, निगम, बोर्ड और आयोगों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों की एंट्री इस बार सिर्फ औपचारिक नहीं थी। सीएम हाउस में बाकायदा रजिस्ट्रेशन हुआ, हाजिरी दर्ज की गई, टाइम टेबल, डायरी और साहित्य बांटा गया। लेकिन इस पूरी कवायद के पीछे सत्ता और संगठन का असली मकसद था- शुरुआत में ही “कंट्रोल और संदेश” देना।
दिलचस्प यह रहा कि राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने इन नए पदाधिकारियों को सीधे तौर पर प्रशिक्षण देने से दूरी बनाए रखी। उन्होंने खुद को मंत्रियों तक सीमित रखा। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर फुसफुसाहट तेज रही कि क्या संगठन को पहले दिन से ही नए चेहरों की कार्यशैली पर भरोसा नहीं?
दरअसल मामला सिर्फ नियुक्तियों का नहीं, बल्कि उन स्वागत रैलियों का भी था, जिनमें कई नवनियुक्त अध्यक्षों ने शक्ति प्रदर्शन कर दिया। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ईंधन बचाने और पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील कर चुके हैं।
इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया। सत्ता और संगठन ने साफ कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों का आचरण ऐसा होना चाहिए, जिससे जनता में सही संदेश जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अध्यक्ष-उपाध्यक्षों से कहा कि वे जल्दबाजी में फैसले न लें। पहले अपने विभाग को समझें, उसकी खामियां पहचानें और फिर उसे आगे बढ़ाने की रणनीति बनाएं।
उन्होंने साफ कहा कि जिस विभाग की जिम्मेदारी मिली है, उसे सिर्फ “पद” की तरह नहीं बल्कि “परफॉर्मेंस मॉडल” की तरह देखें। योजनाओं को जनता तक पहुंचाने, पारदर्शिता बढ़ाने और विभाग की कमजोरियों को दूर करने पर काम करें। जरूरत पड़े तो मुख्यमंत्री और वरिष्ठ जिम्मेदार लोगों से सीधे सलाह लें।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कड़े शब्दों में कहा कि आपसी भाईचारे और तालमेल से काम करें। किसी भी प्रकार की कंट्रोवर्सी, आरोप-प्रत्यारोप और दिखावे वाली राजनीति से बचें। पार्टी की छवि खराब करने वाला कोई कदम बर्दाश्त नहीं होगा। यानी संदेश साफ था-नए पदाधिकारी “पावर सेंटर” बनने की कोशिश न करें, बल्कि संगठन की लाइन पर काम करें।
बैठक में एंट्री के बाद सभी का रजिस्ट्रेशन हुआ। कौन मौजूद है और कौन नहीं, इसकी बाकायदा एंट्री दर्ज की गई। साहित्य, डायरी, पेन और टाइम टेबल दिया गया। इसके बाद वित्तीय, सामान्य प्रशासन विभाग और अन्य विषयों पर अलग-अलग सेशन आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी ने अलग-अलग विभागों के अध्यक्षों से वन-टू-वन चर्चा भी की। फोकस सिर्फ एक था-काम में पारदर्शिता और विवादों से दूरी।
बैठक में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव और सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेन्द्र गोयल से भी सवाल-जवाब हुए।
वीरेन्द्र गोयल ने सफाई दी कि उनकी रैली में सामान्य ट्रैफिक के वाहनों को जोड़कर वीडियो वायरल किए गए। वहीं रेखा यादव ने कहा कि उनका दौरा आयोग के कार्यक्रम के तहत था और वे ईवी कार से गई थीं। स्वागत के दौरान कुछ वीडियो एडिट कर वायरल किए गए।
हालांकि सत्ता और संगठन ने शुरुआत में ही सख्ती दिखाकर संदेश देने की कोशिश की है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह “नसीहत मॉडल” जमीन पर असर दिखाएगा?
या फिर आने वाले दिनों में मंडल-निगमों में वही पुरानी पावर पॉलिटिक्स, विवाद और शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा?
फिलहाल इतना तय है कि भाजपा संगठन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नए अध्यक्ष-उपाध्यक्षों को खुली छूट देने के मूड में बिल्कुल नहीं दिख रहे।
यह खबरें भी पढ़ें...
भोपाल में सीएम मोहन यादव ने अध्यक्षों से रैली पर पूछे सवाल, वीरेन्द्र और रेखा ने दी सफाई
सीट से गायब मिले सरकारी कर्मचारी तो लगेगी ‘शॉर्ट लीव’, एमपी में शुरु होगी ‘अटेंडेंस’ की नई व्यवस्था
एमपी में बढ़ रहे बीपी के पेशेंट, हर चौथा व्यक्ति हाई बीपी का शिकार, हार्ट पर पड़ रहा असर
एमपी में 5 हजार पेसा मोबिलाइजर्स हुए बेरोजगार : पंचायत राज संचालनालय ने समाप्त की सेवाएं
दिलचस्प यह रहा कि राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने इन नए पदाधिकारियों को सीधे तौर पर प्रशिक्षण देने से दूरी बनाए रखी। उन्होंने खुद को मंत्रियों तक सीमित रखा। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर फुसफुसाहट तेज रही कि क्या संगठन को पहले दिन से ही नए चेहरों की कार्यशैली पर भरोसा नहीं?
PM मोदी की अपील और नेताओं की रैलियां
इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया। सत्ता और संगठन ने साफ कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों का आचरण ऐसा होना चाहिए, जिससे जनता में सही संदेश जाए।
CM की दो टूक- “पहले विभाग समझो, फिर फैसला लो”
उन्होंने साफ कहा कि जिस विभाग की जिम्मेदारी मिली है, उसे सिर्फ “पद” की तरह नहीं बल्कि “परफॉर्मेंस मॉडल” की तरह देखें। योजनाओं को जनता तक पहुंचाने, पारदर्शिता बढ़ाने और विभाग की कमजोरियों को दूर करने पर काम करें। जरूरत पड़े तो मुख्यमंत्री और वरिष्ठ जिम्मेदार लोगों से सीधे सलाह लें।
संगठन की चेतावनी- “कंट्रोवर्सी से दूर रहें”
CM हाउस में क्या-क्या हुआ?
मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी ने अलग-अलग विभागों के अध्यक्षों से वन-टू-वन चर्चा भी की। फोकस सिर्फ एक था-काम में पारदर्शिता और विवादों से दूरी।
रेखा यादव और वीरेन्द्र गोयल से सवाल-जवाब
वीरेन्द्र गोयल ने सफाई दी कि उनकी रैली में सामान्य ट्रैफिक के वाहनों को जोड़कर वीडियो वायरल किए गए। वहीं रेखा यादव ने कहा कि उनका दौरा आयोग के कार्यक्रम के तहत था और वे ईवी कार से गई थीं। स्वागत के दौरान कुछ वीडियो एडिट कर वायरल किए गए।
बड़ा सवाल अब भी कायम
या फिर आने वाले दिनों में मंडल-निगमों में वही पुरानी पावर पॉलिटिक्स, विवाद और शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा?
फिलहाल इतना तय है कि भाजपा संगठन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नए अध्यक्ष-उपाध्यक्षों को खुली छूट देने के मूड में बिल्कुल नहीं दिख रहे।
यह खबरें भी पढ़ें...
भोपाल में सीएम मोहन यादव ने अध्यक्षों से रैली पर पूछे सवाल, वीरेन्द्र और रेखा ने दी सफाई
सीट से गायब मिले सरकारी कर्मचारी तो लगेगी ‘शॉर्ट लीव’, एमपी में शुरु होगी ‘अटेंडेंस’ की नई व्यवस्था
एमपी में बढ़ रहे बीपी के पेशेंट, हर चौथा व्यक्ति हाई बीपी का शिकार, हार्ट पर पड़ रहा असर
एमपी में 5 हजार पेसा मोबिलाइजर्स हुए बेरोजगार : पंचायत राज संचालनालय ने समाप्त की सेवाएं
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari