CM राइज स्कूल पर सवाल: एडमिशन रोक, घटिया निर्माण और शिक्षकों की कमी, क्या यही ‘क्वालिटी एजुकेशन’ का मॉडल?

Ramanand Tiwari | Apr 21, 2026, 23:52 IST
Share
mp cm rise
Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. CM राइज स्कूल प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े हुए हैं। एडमिशन पर रोक, घटिया निर्माण और शिक्षकों की कमी का आरोप। क्या यही ‘क्वालिटी एजुकेशन’ है?

News In Short

  • CM राइज स्कूलों में निजी स्कूलों के बच्चों के एडमिशन पर रोक।
  • निर्माण की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
  • कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी और असंतोष बढ़ रहा है।
  • समीक्षा बैठकों के बावजूद हालात नहीं सुधर रहे।
  • शिक्षा में माफिया का दबाव बढ़ने के आरोप।

News In Detail

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित CM राइज स्कूल प्रोजेक्ट पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस योजना को ‘बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ का मॉडल बताया गया था, वहीं अब एडमिशन रोक, घटिया निर्माण और शिक्षकों की कमी जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। लगातार समीक्षा बैठकों के बावजूद हालात नहीं सुधरने पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।

क्या है पूरा विवाद?

  • CM राइज (सांदीपनि) स्कूलों में निजी स्कूल के बच्चों के एडमिशन पर रोक।
  • निर्माण गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल।
  • कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी।
  • लगातार शिकायतों के बावजूद सुधार के ठोस परिणाम नहीं।

एडमिशन पर रोक: सबसे बड़ा विवाद

स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद निजी स्कूलों से आने वाले छात्रों के एडमिशन रोके जा रहे हैं। इस फैसले ने उस दावे पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें कहा गया था कि CM राइज स्कूल हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने का मंच बनेंगे।

विपक्ष का हमला: ‘शिक्षा में माफिया हावी’

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर “माफिया का दबाव” बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार निजी स्कूलों के प्रभाव में फैसले ले रही है, जिससे आम छात्रों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

जमीनी शिकायत: एडमिशन तक नहीं मिल रहा

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने कुछ छात्राओं के एडमिशन की सिफारिश की, तो अधिकारियों ने साफ मना कर दिया।
उनका कहना है कि अगर सरकारी स्कूलों में भी प्रवेश सीमित किया जाएगा, तो गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए विकल्प क्या बचेगा?

गुणवत्ता पर भी सवाल: भवन से पढ़ाई तक

CM राइज स्कूलों का सपना आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर शिक्षा का था, लेकिन अब...

  • भवन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
  • खेल मैदान और सुविधाएं अधूरी बताई जा रही हैं।
  • पढ़ाई के स्तर को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं।
यानी मध्यप्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन का वादा था, वही अब जांच के घेरे में है।

शिक्षकों की कमी और बढ़ता असंतोष

कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी की शिकायत है। दूसरी ओर, शिक्षक संगठनों में भी नाराजगी बढ़ रही है और आंदोलन की तैयारी की चर्चा है। ऐसे में पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होना तय माना जा रहा है।

समीक्षा बैठकों का असर क्यों नहीं?

शिक्षा मंत्री लगातार बैठकों और मॉनिटरिंग का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव नजर नहीं आ रहा। सवाल यह उठ रहा है कि अगर निगरानी हो रही है, तो फिर अव्यवस्थाएं क्यों बढ़ रही हैं?

बड़ा सवाल: सपना और हकीकत में कितना फर्क?

CM राइज स्कूलों को लेकर जो विजन पेश किया गया था, उसमें हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की बात थी। लेकिन जब एडमिशन ही सीमित हो जाए, संसाधन अधूरे हों और शिक्षक कम हों तो यह मॉडल कितना सफल है, इस पर बहस तेज हो गई है।

CM राइज स्कूल अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि सरकार की शिक्षा नीति की परीक्षा बन चुके हैं। अगर समय रहते एडमिशन, गुणवत्ता और संसाधनों से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हुआ, तो यह प्रोजेक्ट “मॉडल” से ज्यादा “मिसमैनेजमेंट” की मिसाल बन सकता है।

ये खबरें भी पढ़ें...

“नियम जरूरी, पर फैसला न्यायपूर्ण हो”: सिविल सेवा दिवस पर सीएस अनुराग जैन का स्पष्ट संदेश

वसुंधरा राजे के वायरल पत्र ने सियासत में मचाई हलचल, तीन कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में

ठेका प्रथा के शोषण पर सरकार के सामने आउटसोर्सकर्मियों ने बुलंद की आवाज

इंदौर के वंदे मातरम् विवाद और कांग्रेस पार्षदों के निगम सम्मेलन में नहीं जाने पर पार्टी की जांच शुरू, नेताओं के बयान दर्ज



Tags:
  • पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ
  • पूर्व मंत्री पीसी शर्मा
  • मध्यप्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन
  • स्कूल शिक्षा विभाग
  • CM राइज स्कूल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा