कांग्रेस में ‘ट्रेनिंग’ बनाम ‘तनाव’ : संगठन सृजन के बीच अंदरूनी खींचतान पर बड़ा सवाल

Ramanand Tiwari | Apr 13, 2026, 22:47 IST
Share
mp-congress-sangathan-srijan-campaign-jit-patwari-vs-internal-politics
Photograph: (the sootr)

भोपाल में 15 से 18 अप्रैल तक कांग्रेस का बड़ा मंथन होने वाला है। ट्रेनिंग और समीक्षा के जरिए संगठन को मजबूत करने की तैयारी है, लेकिन गुटबाजी बड़ी चुनौती है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस एक तरफ संगठन सृजन अभियान के जरिए खुद को मजबूत करने में जुटी है, तो दूसरी तरफ पार्टी के भीतर जारी खींचतान बार-बार सामने आ रही है। 15 से 18 अप्रैल तक भोपाल में बड़े स्तर पर समीक्षा, ट्रेनिंग और बैठकों का दौर चलेगा, लेकिन सवाल यही है-क्या अंदरूनी खामियों पर भी उतनी ही सख्ती होगी?

संगठन सृजन या सिर्फ ‘कागजी कवायद’?

कांग्रेस ने संगठन को धार देने के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। राष्ट्रीय प्रभारी चल्ला वामशी चंद रेड्डी खुद भोपाल में डेरा डालेंगे और जिले-जिले का रिपोर्ट कार्ड देखेंगे।

लेकिन जमीनी हकीकत यह भी है कि कई जिलों में अब तक पूरी कार्यकारिणी तक खड़ी नहीं हो पाई है। ऐसे में यह कवायद कितनी असरदार होगी, इस पर सवाल उठने लगे हैं।

जिलाध्यक्षों का रिपोर्ट कार्ड-पर क्या निष्पक्ष होगी कार्रवाई?

भोपाल में 71 जिलाध्यक्षों से वन-टू-वन चर्चा होगी। पिछले महीनों के कामकाज का हिसाब लिया जाएगा और कमजोर प्रदर्शन पर कार्रवाई के संकेत भी हैं। हालांकि, पार्टी के भीतर ही चर्चा है कि कई फैसले पहले भी गुटबाजी की भेंट चढ़ते रहे हैं। ऐसे में क्या इस बार वाकई सख्त निर्णय हो पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी।

ट्रेनिंग की लंबी शृंखला, जमीन पर असर?

16 अप्रैल को महिला कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहेगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कामले और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक शामिल रहेंगे।

इसके बाद 17 अप्रैल को 1000 से ज्यादा ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन और ट्रेनिंग होगी। 18 अप्रैल को जिला प्रभारियों की बैठक के साथ पूरा प्लान फील्ड में उतारने की तैयारी है।

कांग्रेस का दावा है कि ट्रेनिंग के बाद एक मजबूत टीम मैदान में उतरेगी, लेकिन सवाल यही-क्या ट्रेनिंग से ही संगठन खड़ा हो जाता है?

संगठन महामंत्री का दावा

प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि कांग्रेस लगातार संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, कार्यकर्ताओं को व्यवस्थित ट्रेनिंग देकर जल्द ही फील्ड में सक्रिय रूप से उतारा जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत हो सके।

मुख्य तथ्य एक नजर में:

  • 15–18 अप्रैल तक भोपाल में संगठन सृजन पर बड़ा मंथन
  • राष्ट्रीय प्रभारी रेड्डी लेंगे जिलाध्यक्षों की सीधी समीक्षा
  • 71 जिलाध्यक्षों का रिपोर्ट कार्ड पहले से तैयार
  • 17 अप्रैल को 1006 ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन
  • महिला कांग्रेस और जिला प्रभारियों की अलग-अलग बैठकें
  • कमजोर प्रदर्शन पर कार्रवाई के संकेत

अंदरूनी खींचतान-सबसे बड़ी चुनौती

कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी दिक्कत संगठन नहीं, बल्कि आपसी तालमेल की कमी मानी जा रही है। राज्यसभा चुनाव से लेकर अलग-अलग कार्यक्रमों तक, दिग्गज नेताओं के बीच नूरा कुश्ती के आरोप लगते रहे हैं। कई जिलों में गुटबाजी खुलकर सामने आई है, जिससे कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं।

सवाल बड़ा है- नेतृत्व एकजुट या सिर्फ मंच साझा?

बैठकों और सम्मेलनों में बड़े नेता एक मंच पर जरूर दिखेंगे, लेकिन जमीनी स्तर पर तालमेल की कमी बार-बार उजागर होती रही है।

ऐसे में यह भी सवाल है कि क्या यह पूरा अभियान केवल ‘शो ऑफ स्ट्रेंथ’ बनकर रह जाएगा या वाकई संगठन में एकजुटता ला पाएगा?

क्या ट्रेनिंग से बदलेगी तस्वीर?

संगठन महामंत्री का दावा है कि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित होगी, डेटा बेस तैयार होगा और ट्रेनिंग के बाद कार्यकर्ता मजबूत तरीके से काम करेंगे।

लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा है कि जब तक शीर्ष स्तर पर खींचतान खत्म नहीं होती, तब तक नीचे का ढांचा पूरी तरह मजबूत होना मुश्किल रहेगा।

कांग्रेस ने संगठन को पटरी पर लाने के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया है-रिव्यू, ट्रेनिंग और जवाबदेही सब कुछ।
लेकिन असली परीक्षा कागज या मंच पर नहीं, बल्कि मैदान में होगी। सवाल साफ है-क्या कांग्रेस अंदरूनी संघर्ष से बाहर निकलकर इस पहल को जमीन पर उतार पाएगी, या यह भी एक और अधूरी कवायद बनकर रह जाएगी?

यह खबरें भी पढ़ें...

केंद्र सरकार का बड़ा फेरबदल: एमपी कैडर के पी. नरहरि सहित 48 IAS-IPS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

एमपी परिवहन एसआई भर्ती: नियमों की उड़ाई धज्जियां, चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल!

एमपी धार की बेटी का लखनऊ में जलवा: सीए छोड़ बनीं आईपीएस, ऐसी है ट्विंकल जैन की सक्सेस स्टोरी

एमपी में 8 हजार 720 पदों की भर्ती में केवल 2901 पर नियुक्ति, भटक रहे 5800 शिक्षक



Tags:
  • नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
  • प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी
  • मध्य प्रदेश कांग्रेस
  • राज्यसभा चुनाव
  • महिला कांग्रेस
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती