मध्यप्रदेश सहकारी संघ टेंडर के बिना चहेती फर्मों को दिला रहा ठेके

Sanjay Sharma | Dec 25, 2025, 23:03 IST
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सहकारिता विभाग के राज्य सहकारी संघ से जुड़ा एक गड़बड़झाला सामने आया है। मैन पावर और सुरक्षा गार्ड ठेकों में धांधली हुई। अधिकारियों ने भंडार क्रय नियमों की अनदेखी की, जिससे संघ को लाखों का नुकसान हुआ।

BHOPAL. अपने मुनाफे के लिए नियमों की अनदेखी और सरकार को चूना लगाने के मामलों की कमी नहीं है। एक मामले का पटाक्षेप होता नहीं कि दूसरा सामने आ जाता है। नया मामला सहकारिता विभाग से संबद्ध राज्य सहकारी संघ के गड़बड़झाले से जुड़ा है। संघ के मैन पावर और सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने के ठेकों में जमकर धांधली हुई है।

अधिकारियों ने अपने फायदे के लिए भंडार क्रय नियमों की अनदेखी की। इससे संघ को लाखों का नुकसान हुआ। अब मामले की शिकायत सीएस अनुराग जैन और सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव तक पहुंच चुकी है। सहकारिता आयुक्त आईएएस मनोज पुष्प ने जानकारी नहीं दी। उनका कहना था कि फिलहाल उन्हें शिकायत नहीं मिली है। अगर नियमों का उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।

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टेंडर प्रक्रिया को किया नजरअंदाज

राज्य सहकारी संघ का दायित्व सहकारिता विभाग और उसकी संस्थाओं को मैनपावर और सुरक्षा गार्ड सेवाएं मुहैया कराना है। संघ केवल इन संस्थाओं के लिए ही यह काम कर सकता है। इसके बावजूद, राज्य सहकारी संघ ने दूसरे विभागों और संस्थाओं के लिए भी मैनपावर और सुरक्षा सेवाएं मुहैया कराने के अनुबंध किए हैं। इसमें मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियमों की अनदेखी की गई। टेंडर प्रक्रिया को नजरअंदाज कर सीधे अपनी चहेती फर्मों को काम सौंप दिया गया। जबकि ऐसे अनुबंध टेंडर प्रक्रिया के बाद ही किए जा सकते हैं।

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अधिकारियों की मनमर्जी से नुकसान

सहकारिता विभाग के अलावा अन्य विभागों और संस्थाओं के लिए राज्य सहकारी संघ ने साल 2024 में मैन पावर और सुरक्षा सेवाएं लीं। संघ ने इन सेवाओं के लिए मैपकास्ट के साथ अनुबंध किया और निजी फर्म को काम सौंपा। इस काम के लिए फर्म के चयन में टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।

संघ के अधिकारियों ने अपनी चहेती फर्मों से सीधे अनुबंध करके उन्हें लाखों का काम सौंपा। संघ ने निर्वाचन कार्यालय और कलेक्ट्रेट को सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी उपलब्ध कराए। मैपकास्ट को 50 सुरक्षाकर्मी, 25 सफाईकर्मी और 45 मजदूरों की सेवा दी गई। यदि यह काम टेंडर प्रक्रिया से किया गया होता, तो संघ को 15 लाख से ज्यादा का घाटा नहीं होता।

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सरकार तक पहुंची शिकायत

राज्य सहकारी संघ के कुछ अधिकारियों के निर्णयों से संस्था को नुकसान होने का मामला अब सरकार तक पहुंच गया है। सहकारी संघ के अधिकारी बिना टेंडर दूसरी संस्थाओं को अनुबंध के आधार पर मैन पावर उपलब्ध कराने के सवाल पर चुप्पी साधे हैं।

संघ के अधिकारियों ने नियम विरुद्ध सहकारिता विभाग के मुख्यालय में 26 सुरक्षा कर्मी, 4 गनमैन, अब्दुल्लागंज में 10 सुरक्षाकर्मी और 2 गनमैन, गौतमनगर आवासीय परिसर में 3 सुरक्षाकर्मी, उज्जैन तारामंडल और डोंगला वेधशाला में 10 सुरक्षाकर्मी तैनात किए। अन्य संस्थाओं को भी सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए। टेंडर कराने के सवाल पर संघ के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।

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