MP से गुजरेगा ईस्ट वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर, 6 राज्यों को जोड़ेगा
Anjali Dwivedi | Feb 03, 2026, 12:12 IST
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मध्य प्रदेश से होकर नया ईस्ट वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरेगा, जो पश्चिम बंगाल के डांकुनी से सूरत तक 6 राज्यों को जोड़ेगा। इस खास मालगाड़ी ट्रैक से औद्योगिक कंटेनर और बल्क कार्गो तेजी से चल सकेंगे, जिससे एमपी बड़ा इकोनॉमिक हब बन सकता है।
News In Short
- रेल बजट 2026 के बाद केंद्र ने नया ईस्ट वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मंजूर किया है।
- यह कॉरिडोर डांकुनी से सूरत तक जाएगा और मध्य प्रदेश इसके बीच का अहम केंद्र होगा।
- ट्रैक पर सिर्फ मालगाड़ियां चलेंगी, जिससे कंटेनर और बल्क कार्गो तेजी से पहुंचेंगे।
- प्रोजेक्ट से एमपी के औद्योगिक इलाकों की कनेक्टिविटी पश्चिमी बंदरगाहों और पूर्वी खदानों से सीधे बढ़ेगी।
- प्रदेश में पहले से 1.18 लाख करोड़ के रेल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, नया कॉरिडोर इसे और ताकत देगा।
News In Detail
इसके बाद माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा इसी खास ट्रैक पर शिफ्ट किया जाएगा। यह कॉरिडोर देश के पूर्वी हिस्से की खदानों और पश्चिमी बंदरगाहों को जोड़ेगा। बीच में पड़ने वाले मध्य प्रदेश के औद्योगिक इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा।
डांकुनी से सूरत तक, ऐसे जुड़ेंगे 6 राज्य
इस कनेक्टिविटी से पूर्व के खनिज क्षेत्रों से पश्चिम के बंदरगाहों तक माल पहुंचाना आसान होगा। रेल मंत्री के मुताबिक, इससे उद्योगों को देश के किसी भी पश्चिमी पोर्ट तक सामान भेजने की सुविधा मिलेगी।
सिर्फ मालगाड़ियों के लिए खास ट्रैक, क्या बदलेगा
ट्रांजिट टाइम घटेगा तो लॉजिस्टिक कॉस्ट भी कम हो सकती है। अब तक मालगाड़ियां अक्सर पैसेंजर ट्रेनों के कारण लेट हो जाती थीं। डेडिकेटेड ट्रैक से यह समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
MP में चल रहे 1.18 लाख करोड़ के रेल प्रोजेक्ट
नया फ्रेट कॉरिडोर इन्हीं प्रोजेक्ट के नेटवर्क से जुड़कर कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। सरकार का फोकस यह है कि माल और यात्री दोनों कॉरिडोर साफ अलग नजर आएं, ताकि दोनों तरह का ट्रैफिक बिना टकराव के सुचारु चल सके।
मालवा के लिए इंदौर मनमाड़ प्रोजेक्ट क्यों है गेम चेंजर
इंदौर जैसे बड़े औद्योगिक शहर के लिए यह कनेक्टिविटी बहुत अहम मानी जा रही है। कारोबारियों के लिए समय और लागत दोनों में बचत हो सकती है।
MP में 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन, क्या असर पड़ेगा
फ्रेट कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट से यह फायदा और बढ़ जाएगा। इलेक्ट्रिफिकेशन से प्रदूषण और ऑपरेटिंग कॉस्ट दोनों कम होते हैं। इन सब कारणों से एमपी को रेलवे का बड़ा हब बनाने की रणनीति दिखाई देती है।
FAQ
- ईस्ट वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर क्या है?
यह एक खास रेल कॉरिडोर है, जहां सिर्फ मालगाड़ियां चलेंगी और जो पश्चिम बंगाल के डांकुनी से गुजरात के सूरत तक 6 राज्यों को जोड़ेगा। - इससे मध्य प्रदेश को क्या बड़ा फायदा होगा?
कॉरिडोर एमपी के औद्योगिक क्षेत्रों को पूर्वी खदानों और पश्चिमी बंदरगाहों से सीधे जोड़ेगा, जिससे लॉजिस्टिक कॉस्ट घटने और निवेश बढ़ने की संभावना है। - अभी एमपी में कितने बड़े रेल प्रोजेक्ट चल रहे हैं?
प्रदेश में लगभग 1.18 लाख करोड़ के रेल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिसमें नए ट्रैक, अपग्रेड और इलेक्ट्रिफिकेशन शामिल हैं।
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