मध्य प्रदेश सरकार लाएगी सीएम केयर योजना, 10 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 19, 2025, 16:51 IST
CM care scheme
मध्य प्रदेश सरकार अपने 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिये सीएम केयर नामक नई स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने योजना को मंजूरी दे दी है।
MP News: मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर नामक नई स्वास्थ्य बीमा योजना( Health Insurance Scheme) शुरू करने जा रही है, जिससे 10 लाख से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों के लिए 20 लाख तक और पेंशनर्स के लिए 5 लाख तक इलाज कैशलेस होगा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था को और अधिक सरल और सुलभ बनाएगी, जहां कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे और वे सीधे कैशलेस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। योजना के तहत अब तक जो रिम्बर्समेंट प्रणाली थी, उससे हटकर सीधे कैशलेस सुविधा दी जाएगी ।
वर्तमान में, कर्मचारियों को इलाज कराने के बाद खर्च की गई राशि के लिए अपने संबंधित विभागों में आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए डॉक्टर या मेडिकल बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होती है।
अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख तक के क्लेम की मंजूरी संभागीय अस्पताल के डीन की अध्यक्षता वाली कमेटी देती है।
5 लाख से 20 लाख तक के क्लेम के लिए उच्च स्तर की कमेटी निर्णय लेती है।
बाह्य रोगी इलाज में एक साल में अधिकतम 20 हजार रुपये तक का रिम्बर्समेंट मिलता है।
ये भी पढ़ें:
कैशलेस इलाज योजना में लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार
लंबा इंतजार: रिम्बर्समेंट मिलने में महीनों लग जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बजट की कमी: अधिकांश बजट शहरों के कर्मचारियों पर खर्च हो जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों या फील्ड कर्मचारियों तक बजट नहीं पहुंच पाता।
आर्थिक दबाव: इलाज के लिए कर्मचारियों को पहले खुद भुगतान करना पड़ता है, जो कई बार मुश्किल हो जाता है।
ये भी पढ़ें
रोड एक्सीडेंट में कैशलेस इलाज स्कीम में देरी, SC ने अफसरों की लापरवाही पर जताई नाराजगी
वित्त एवं स्वास्थ्य विभाग ने योजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया है । मुख्यमंत्री के साथ अंतिम बातचीत के बाद इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी । इस योजना के लागू होने से कर्मचारियों की पुरानी मांग पूरी होगी और इलाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुविधा बढ़ेगी ।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था को और अधिक सरल और सुलभ बनाएगी, जहां कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे और वे सीधे कैशलेस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। योजना के तहत अब तक जो रिम्बर्समेंट प्रणाली थी, उससे हटकर सीधे कैशलेस सुविधा दी जाएगी ।
वर्तमान रिम्बर्समेंट प्रक्रिया
अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख तक के क्लेम की मंजूरी संभागीय अस्पताल के डीन की अध्यक्षता वाली कमेटी देती है।
5 लाख से 20 लाख तक के क्लेम के लिए उच्च स्तर की कमेटी निर्णय लेती है।
बाह्य रोगी इलाज में एक साल में अधिकतम 20 हजार रुपये तक का रिम्बर्समेंट मिलता है।
ये भी पढ़ें:
कैशलेस इलाज योजना में लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार
रिम्बर्समेंट प्रक्रिया की मुख्य समस्याएं
बजट की कमी: अधिकांश बजट शहरों के कर्मचारियों पर खर्च हो जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों या फील्ड कर्मचारियों तक बजट नहीं पहुंच पाता।
आर्थिक दबाव: इलाज के लिए कर्मचारियों को पहले खुद भुगतान करना पड़ता है, जो कई बार मुश्किल हो जाता है।
ये भी पढ़ें
रोड एक्सीडेंट में कैशलेस इलाज स्कीम में देरी, SC ने अफसरों की लापरवाही पर जताई नाराजगी
जल्द ही मिलेगी मजूरी
FAQ
- ‘सीएम केयर’ योजना क्या है और किसे लाभ मिलेगा?
यह योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज सुविधा प्रदान करने के लिए शुरू की जा रही है, जिसमें इलाज की सीमा कर्मचारियों के लिए 20 लाख और पेंशनर्स के लिए 5 लाख रुपये तक होगी। - अभी इलाज की प्रक्रिया कैसे होती है?
वर्तमान में कर्मचारी इलाज के बाद खर्च की राशि का रिम्बर्समेंट लेने के लिए अपने विभाग में आवेदन करते हैं, जिसे मंजूरी के लिए कई स्तरों से गुजरना पड़ता है और इसमें काफी देरी होती है। - ‘सीएम केयर’ योजना से क्या बदलाव आएंगे?
इस योजना के लागू होने के बाद कर्मचारी पहले से भुगतान किए बिना सीधे कैशलेस इलाज करवा सकेंगे, जिससे इलाज की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और आसान हो जाएगी।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari