पोस्टिंग से नाखुश एमपी के तीन आईएएस अधिकारियों ने मांगी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति
Sourabh Bhatnagar | May 22, 2026, 09:24 IST
mp ias officers central deputation application
मध्यप्रदेश में अच्छी पोस्टिंग न मिलने से नाखुश तीन आईएएस अधिकारियों ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन दिया है। इनमें 2010 बैच के अभिजीत अग्रवाल, 2011 बैच के मोहित बुंदस और सौरभ कुमार सुमन शामिल हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश में तीन आईएएस अधिकारी अपनी पोस्टिंग से नाखुश हैं।
- इन तीनों ने केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति (डेप्युटेशन) के लिए आवेदन दिया है।
- तीनों अधिकारी 2010 और 2011 बैच के हैं।
- मप्र कैडर के 41 आईएएस पहले से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।
- केंद्र सरकार ने आईएएस अधिकारियों की मिड टर्म करियर ट्रेनिंग भी शुरू की है।
कौन हैं ये तीन अफसर?
तीसरे अफसर IAS सौरभ कुमार सुमन भी 2011 बैच के आईएएस हैं। उनके पास पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक आयुक्त का पद है। तीनों अधिकारियों का मानना है कि उन्हें बेहतर और अहम पद मिलने चाहिए था।
2010-11 बैच के अफसरों का हाल
जब किसी अफसर को उसकी वरिष्ठता या अनुभव के हिसाब से काम नहीं मिलता, तो वह केंद्र में जाने का रास्ता चुनता है। यही तीनों अफसरों ने भी किया।
mp-ias-officers
मध्य प्रदेश कैडर में कितने IAS?
यानी Madhya Pradesh IAS cadre से हर दसवां आईएएस अफसर फिलहाल केंद्र में काम कर रहा है। यह संख्या कम नहीं है।
केंद्र ने मांगी अफसरों की लिस्ट
यह सूची मिड टर्म करियर ट्रेनिंग यानी एमसीटीपी (MCTP - Mid Term Career Training Programme) के फेज-4 के लिए मांगी गई है।
केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात आईएएस अधिकारियों के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इसका मकसद अफसरों को बदलती जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है।
प्रतिनियुक्ति क्यों बनती है पहली पसंद?
राज्य में जब कोई अफसर खुद को हाशिए पर महसूस करता है, तो वह केंद्र को बेहतर विकल्प मानता है। मप्र में यह प्रवृत्ति पहले भी देखी गई है।
क्या राज्य सरकार रोक सकती है?
इन तीनों अफसरों के आवेदन पर अब राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों का निर्णय मायने रखेगा।
FAQ
- प्रश्न 1: केंद्रीय प्रतिनियुक्ति क्या होती है और इसके लिए कैसे आवेदन करते हैं?
उत्तर: जब कोई राज्य कैडर का आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय या विभाग में काम करने के लिए जाता है, तो इसे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कहते हैं। इसके लिए अधिकारी को अपने राज्य सरकार के माध्यम से केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग यानी डीओपीटी को आवेदन भेजना होता है। राज्य सरकार की सहमति के बाद केंद्र सरकार उपयुक्त पद पर नियुक्ति करती है। - प्रश्न 2: मध्यप्रदेश कैडर में कितने आईएएस हैं और कितने केंद्र में हैं?
उत्तर: मध्यप्रदेश कैडर में कुल 391 आईएएस अधिकारी हैं। इनमें से 350 अधिकारी राज्य शासन के अधीन विभिन्न विभागों में पदस्थ हैं। वहीं 41 आईएएस अधिकारी पहले से ही केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। - प्रश्न 3: मिड टर्म करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम क्या है और यह किसके लिए है?
उत्तर: मिड टर्म करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम यानी एमसीटीपी केंद्र सरकार का एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत आईएएस अधिकारियों के लिए चलाया जाता है। इसका उद्देश्य अफसरों को देश की बदलती जरूरतों के अनुसार अपडेट करना है। केंद्रीय कार्मिक विभाग ने अभी इसके फेज-4 की तैयारी शुरू की है और मप्र से 2011, 2012 और 2013 बैच के अफसरों की सूची मांगी है।
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