MP IAS Transfer : पहली बार मध्य प्रदेश के 17 जिलों की कमान अफसर बिटियाओं के हाथ
Sourabh Bhatnagar | Oct 01, 2025, 14:43 IST
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एमपी सरकार ने मंगलवार को 24 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर के आदेश जारी किए, जिसमें महिलाओं को प्रमुख जिलों की कमान सौंपी गई। अब प्रदेश के 17 जिलों की कमान महिलाओं के हाथों में है।
मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा फेरबदल किया। इस फेरबदल में 24 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर (MP IAS Transfer) के आदेश जारी किए गए।
सरकार ने पन्ना, नरसिंहपुर, सिवनी, आलीराजपुर, डिंडोरी, निवाड़ी और रतलाम जैसे जिलों में नई महिला कलेक्टरों की नियुक्ति की है। इसके साथ ही राज्य के कुल 55 जिलों में से 17 जिलों में अब महिला कलेक्टरों का पदस्थापन किया गया है। यानी संभवतः ऐसा पहली बार है जब राज्य के एक तिहाई जिलों की कमान महिलाओं के पास है।
यह कदम न सिर्फ महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा भी देता है।
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कभी बालाघाट जिले के किरनापुर की गलियों से निकलने वाली एक छात्रा... आज कलेक्टर हैं। यह कहानी है आईएएस शीतला पटले की, जिनकी जीवन यात्रा संघर्ष, संकल्प और सफलता की जीवंत मिसाल है।
शीतला पटले का जन्म बालाघाट जिले के किरनापुर कस्बे में हुआ। उनके पिता कृषि विभाग में एसडीओ रहे और मां शिक्षिका। बेहद अनुशासित और पढ़ाई को प्राथमिकता देने वाले परिवार से आने के कारण शीतला बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं। स्कूली दिनों में उनके शिक्षकों को यह अंदाजा हो गया था कि यह लड़की एक दिन बड़ी अधिकारी बनेगी।
शीतला ने 9वीं तक की पढ़ाई किरनापुर से की। इसके बाद उन्होंने ऑल इंडिया स्कॉलरशिप एग्जाम दिया और चयनित होकर इंग्लैंड चली गईं। अब जरा सोचिए, हिंदी मीडियम छात्रा को अचानक इंग्लैंड में इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई करनी पड़ी, पर शीतला ने कभी इस चुनौती को कमजोरी नहीं बनने दिया।
जहां बहुत से लोग भाषा की दीवार में उलझ जाते हैं, वहीं शीतला ने उस दीवार पर सीढ़ियां बनाईं। इंग्लैंड से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जर्मनी गईं और वहीं से डिग्री हासिल की।
नाम: शीतला पटले
जन्म दिनांक: 29 मई 1988
जन्म स्थान: किरनापुर (बालाघाट)
एजुकेशन: बीएससी
बैच: 2014 मध्यप्रदेश
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भारत की 21वीं सदी में जब बेटियों को लेकर अब भी कुछ लोग ये सोचते हैं कि आखिर इन्हें पढ़ाकर मिलेगा क्या? तब वहीं कुछ बेटियां ऐसे सवालों का जवाब अपने काम, साहस और ईमानदारी से दे रही हैं। ऐसी ही IAS सोनिया मीना। उनकी कहानी सिर्फ एक अफसर की नहीं, बल्कि मेहनतकश सोच की है। रेत माफिया उनसे खौफ खाते हैं।
14 मई 1989 को राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में जन्मीं IAS सोनिया मीणा वरिष्ठ IAS टीकाराम मीना की बेटी हैं। वे केरल कैडर के IAS रह चुके हैं। यह कहानी एक अफसर की बेटी तक सीमित नहीं है, क्योंकि सोनिया ने खुद साबित किया कि वो अपने पिता के पदचिन्हों पर चलने के लिए नहीं, बल्कि खुद की पहचान रचने के लिए बनी हैं।
सोनिया ने राजस्थान से स्कूलिंग की। फिर लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए किया। JNU से पॉलीटिकल साइंस में एमए की पढ़ाई पूरी की और वहीं से UPSC की तैयारी की शुरुआत की। साल 2012 में जब पहली बार परीक्षा दी तो देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास करते हुए 36वीं रैंक हासिल की। ये बात यूं ही नहीं कह दी जाती कि बेटियों को मौका दो, वो खुद मिसाल बन जाती हैं। सोनिया ने यह साबित किया है।
नाम: सोनिया मीना
जन्म दिनांक: 14-05-1989
जन्म स्थान: सवाई माधोपुर जिला
एजुकेशन: B.A. (Pol.Sc), M.A. (Pol.Sc.)
बैच: RR; 2013 (मध्यप्रदेश)
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कहते हैं कि सपनों से बढ़कर कुछ नहीं होता। अगर आप ठान लें तो हर असंभव काम को भी पूरा कर सकते हैं। ठीक ऐसा ही कर दिखाया है आईएएस प्रतिभा पाल ने।
15 अप्रैल 1988 को उत्तर प्रदेश के बरेली में जन्मी प्रतिभा प्रतिभाशाली रही हैं। जहां एक ओर बच्चे बचपन में खेल-खिलौने, गुड्डा-गुड़ियों के साथ खेलते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रतिभा किताबों में ही अपना सारा दिन बिता दिया करतीं थीं। उन्हें बचपन से ही कविताएं लिखने और पढ़ने का शौक रहा।
प्रतिभा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरेली के स्कूल से हासिल की। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन में बीए किया, लेकिन वे इतने में कहां रुकने वाली थीं। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने एमए हिस्ट्री से पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया।
कॉलेज के दौरान ही प्रतिभा ने तय कर लिया था कि उन्हें प्रशासनिक सेवा में जाना है और अफसर बनकर देश की सेवा में अपना योगदान देना है। उन्होंने सिविल सेवा में कड़ी मेहनत से मुकाम हासिल किया और 2012 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं। उन्हें मध्यप्रदेश कैडर मिला।
नाम: प्रतिभा पाल
जन्म दिनांक: 15-04-1988
जन्म स्थान: बरेली, उत्तरप्रदेश
एजुकेशन: B.A., M.A. (Hist.)
बैच: RR; 2012 (मध्यप्रदेश)
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20 दिसंबर 1984 को जन्मीं रुचिका ने इंजीनियरिंग की। फिर 2010 में आईपीएस के लिए चुनी गईं। लेकिन रुकना उनकी फितरत नहीं थी। वे यूपीएससी के कांटेभरे रास्ते पर दौड़तीं रहीं। कलेक्टर बनने का सपना था और यह सपना अगले ही साल आईपीएस की हैदराबाद में ट्रेनिंग करते हुए आल इंडिया रैंक 50 प्राप्त कर पूरा कर लिया। वे 11 मार्च 2024 से ग्वालियर कलेक्टर हैं।
देश के दिल में बसने वालीं रुचिका चौहान मूलत: मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी और मालवा की मिट्टी इंदौर में की। 12वीं तक गणित स्ट्रीम में पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंजीनियर बनने का सपना देखा और इसे पूरा करने में खुद को पूरी तरह झोंक दिया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और वे श्रीगोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) इंदौर में दाखिला मिल गया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकॉम इंजीनियरिंग में बीई किया। विज्ञान के प्रति उनकी ललक का ही परिणाम था कि वे बीई में फर्स्ट डिवीजन से पास हुईं, लेकिन यह उनकी मंजिल नहीं थी, महज एक पड़ाव था।
आईएएस रुचिका चौहान की शादी आईपीएस शैलेंद्र सिंह चौहान के साथ हुई है। आईपीएस शैलेंद्र को यूपीएससी में 227वीं रैंक मिली थी, जबकि आईपीएस में देश में वे 17वीं रैंक पर थे। शैलेंद्र और रुचिका दोनों ने 2006 में एसजीएसआईटीएस से साथ में बीई की पढ़ाई की। दोनों का प्रेम यहीं परवान भी चढ़ा। 2011 में दोनों ने शादी कर ली। बाद में शैलेंद्र ने सीएससी नोएडा में तीन साल तक बतौर सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल काम भी किया। इसके बाद सिविल सर्विसेस में जाने की ललक पैदा हुई और दूसरे ही प्रयास में 2011 में आईआरएस चुन लिए गए। लेकिन उन्होंने आईपीएस बनने का सपना नहीं छोड़ा. जबकि उनसे एक साल पहले 2010 में ही उनकी पत्नी रुचिका चौहान आईपीएस बन चुकी थीं।
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मध्य प्रदेश के कटनी जिले की अदिति गर्ग का सफर उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं। विदेश में पढ़ाई और शानदार करियर के अवसर छोड़कर उन्होंने मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना और यूपीएससी परीक्षा में 54वीं रैंक प्राप्त कर वे 2015 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं।
कटनी जिले के छोटे से गाँव धरवारा से निकलकर अदिति ने यह साबित कर दिया कि मजबूत संकल्प, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
नाम: अदिति गर्ग मंदसौर कलेक्टर
जन्मदिनांक: 15-12-1983
जन्मस्थान: कटनी
एजुकेशन: एमएससी (इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस) यूके
बैच: 2015
कैडर: मध्यप्रदेश
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वाराणसी की बेटी प्रीति यादव आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। 2016 बैच की यह IAS अधिकारी बताती हैं कि सफलता किसी एक रात का चमत्कार नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की लम्बी यात्रा है। अपने कठिन संघर्ष, सही रणनीति और आत्मविश्वास के बल पर UPSC में ऑल इंडिया रैंक 145 हासिल की थी।
प्रीति यादव का जन्म वाराणसी, उत्तर प्रदेश के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता उत्तर प्रदेश सरकार में इंजीनियर थे और माता एक गृहिणी। तीन भाई-बहनों में प्रीति सबसे बड़ी थीं। उनके पति दिलीप कुमार यादव ( IAS DILIP KUMAR YADAV ) भी आईएएस हैं और वो दो प्यारे बच्चों की माँ हैं। कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
नाम: आईएएस प्रीति यादव
जन्म: 25-12-1991
जन्मस्थान: वाराणसी, उत्तरप्रदेश
एजुकेशन: बीटेक
बैच: 2016
कैडर: एमपी
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ऋजु बाफना 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उनकी कार्यशैली हमेशा तेज़-तर्रार और पारदर्शी रही, जिसके चलते वे जल्दी ही आम जनता के बीच लोकप्रिय हो गईं।
रिजु बाफना का जन्म 28-9-1988 को छत्तीसगढ़ में हुआ था। उनकी पढ़ाई-लिखाई हमेशा से उत्कृष्ट रही है और बचपन से ही वह शिक्षा के प्रति गंभीर रहीं। रिजु बाफना के पिता एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जबकि उनकी माता रेलवे विभाग में डॉक्टर के पद पर कार्यरत थीं।
रिजु बाफना के पति भी आईएएस अफसर हैं। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से पूरी की। इसके बाद वर्ष 2011 में रिजु ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
नाम: रिजु बाफना
जन्म: 28-09-1988
जन्मस्थान: छतीसगढ़
एजुकेशन: एमए अर्थशास्त्र
बैच: 2014
केडर: मध्यप्रदेश
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नाम: नेहा मीना
जन्म तिथि: 13 दिसंबर 1986
निवास: राजस्थान
यूपीएससी में चयन: 01 सितंबर 2014
शिक्षा: B.A. (Hons.) Economics,
M.A. Economics
सर्विस: Asstt. Collector Dhar, Asstt. Collector, Indore SDO (Rev.) Bagli (Dewas), CEO Zila Panchayat, Indore, ADM neemuch और Collector, Jhabua.
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एमपी सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल में कुछ विवाद भी सामने आए हैं। भिंड जिले में भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा से कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि इसके कारण ही कलेक्टर को हटाया गया। यह विवाद खासतौर पर किसानों को खाद न मिल पाने और रेत चोरी के मामलों को लेकर था। इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति को भी प्रभावित किया।
डिंडोरी कलेक्टर आईएएस नेहा मारव्या के खिलाफ भी शिकायतें आई थीं। इन शिकायतों में आरोप लगाया गया कि कलेक्टर जनसुनवाई में जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करतीं और विकास कार्यों में रुकावट डालती हैं। बताया जा रहा है कि इसके कारण ही उन्हें डिंडोरी कलेक्टर के पद से हटा कर विमुक्त घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु जनजाति विभाग का संचालक बना दिया गया।
सरकार ने पन्ना, नरसिंहपुर, सिवनी, आलीराजपुर, डिंडोरी, निवाड़ी और रतलाम जैसे जिलों में नई महिला कलेक्टरों की नियुक्ति की है। इसके साथ ही राज्य के कुल 55 जिलों में से 17 जिलों में अब महिला कलेक्टरों का पदस्थापन किया गया है। यानी संभवतः ऐसा पहली बार है जब राज्य के एक तिहाई जिलों की कमान महिलाओं के पास है।
यह कदम न सिर्फ महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा भी देता है।
इन महिला अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
- आईएएस उषा परमार
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- आईएएस रजनी सिंह को नरसिंहपुर की कलेक्टर नियुक्त किया गया।
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- आईएएस नीतू माथुर को आलीराजपुर की कलेक्टर नियुक्त किया गया।
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- आईएएस अंजू पवन भदौरिया को डिंडौरी की कलेक्टर नियुक्त किया गया।
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- जमुना भिड़े को निवाड़ी की कलेक्टर नियुक्त किया गया।
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- मिशा सिंह को रतलाम की कलेक्टर नियुक्त किया गया।
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- शीतला पटले (पूर्व नरसिंहपुर कलेक्टर) को सिवनी की कलेक्टर नियुक्त किया गया।
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कभी बालाघाट जिले के किरनापुर की गलियों से निकलने वाली एक छात्रा... आज कलेक्टर हैं। यह कहानी है आईएएस शीतला पटले की, जिनकी जीवन यात्रा संघर्ष, संकल्प और सफलता की जीवंत मिसाल है।
शीतला पटले का जन्म बालाघाट जिले के किरनापुर कस्बे में हुआ। उनके पिता कृषि विभाग में एसडीओ रहे और मां शिक्षिका। बेहद अनुशासित और पढ़ाई को प्राथमिकता देने वाले परिवार से आने के कारण शीतला बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं। स्कूली दिनों में उनके शिक्षकों को यह अंदाजा हो गया था कि यह लड़की एक दिन बड़ी अधिकारी बनेगी।
शीतला ने 9वीं तक की पढ़ाई किरनापुर से की। इसके बाद उन्होंने ऑल इंडिया स्कॉलरशिप एग्जाम दिया और चयनित होकर इंग्लैंड चली गईं। अब जरा सोचिए, हिंदी मीडियम छात्रा को अचानक इंग्लैंड में इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई करनी पड़ी, पर शीतला ने कभी इस चुनौती को कमजोरी नहीं बनने दिया।
जहां बहुत से लोग भाषा की दीवार में उलझ जाते हैं, वहीं शीतला ने उस दीवार पर सीढ़ियां बनाईं। इंग्लैंड से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जर्मनी गईं और वहीं से डिग्री हासिल की।
कॅरियर पर एक नजर
जन्म दिनांक: 29 मई 1988
जन्म स्थान: किरनापुर (बालाघाट)
एजुकेशन: बीएससी
बैच: 2014 मध्यप्रदेश
अभी ये महिला कलेक्टर संभाल रहीं इन जिलों की जिम्मेदारी
- नर्मदापुरम कलेक्टर: IAS सोनिया मीना
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भारत की 21वीं सदी में जब बेटियों को लेकर अब भी कुछ लोग ये सोचते हैं कि आखिर इन्हें पढ़ाकर मिलेगा क्या? तब वहीं कुछ बेटियां ऐसे सवालों का जवाब अपने काम, साहस और ईमानदारी से दे रही हैं। ऐसी ही IAS सोनिया मीना। उनकी कहानी सिर्फ एक अफसर की नहीं, बल्कि मेहनतकश सोच की है। रेत माफिया उनसे खौफ खाते हैं।
14 मई 1989 को राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में जन्मीं IAS सोनिया मीणा वरिष्ठ IAS टीकाराम मीना की बेटी हैं। वे केरल कैडर के IAS रह चुके हैं। यह कहानी एक अफसर की बेटी तक सीमित नहीं है, क्योंकि सोनिया ने खुद साबित किया कि वो अपने पिता के पदचिन्हों पर चलने के लिए नहीं, बल्कि खुद की पहचान रचने के लिए बनी हैं।
पहले ही प्रयास में पाई 36वीं रैंक
प्रोफाइल पर एक नजर
जन्म दिनांक: 14-05-1989
जन्म स्थान: सवाई माधोपुर जिला
एजुकेशन: B.A. (Pol.Sc), M.A. (Pol.Sc.)
बैच: RR; 2013 (मध्यप्रदेश)
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रीवा कलेक्टर :
IAS प्रतिभा पाल
0b3b4f65-017
कहते हैं कि सपनों से बढ़कर कुछ नहीं होता। अगर आप ठान लें तो हर असंभव काम को भी पूरा कर सकते हैं। ठीक ऐसा ही कर दिखाया है आईएएस प्रतिभा पाल ने।
15 अप्रैल 1988 को उत्तर प्रदेश के बरेली में जन्मी प्रतिभा प्रतिभाशाली रही हैं। जहां एक ओर बच्चे बचपन में खेल-खिलौने, गुड्डा-गुड़ियों के साथ खेलते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रतिभा किताबों में ही अपना सारा दिन बिता दिया करतीं थीं। उन्हें बचपन से ही कविताएं लिखने और पढ़ने का शौक रहा।
प्रतिभा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरेली के स्कूल से हासिल की। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन में बीए किया, लेकिन वे इतने में कहां रुकने वाली थीं। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने एमए हिस्ट्री से पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया।
कॉलेज के दौरान ही प्रतिभा ने तय कर लिया था कि उन्हें प्रशासनिक सेवा में जाना है और अफसर बनकर देश की सेवा में अपना योगदान देना है। उन्होंने सिविल सेवा में कड़ी मेहनत से मुकाम हासिल किया और 2012 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं। उन्हें मध्यप्रदेश कैडर मिला।
प्रोफाइल पर एक नजर
जन्म दिनांक: 15-04-1988
जन्म स्थान: बरेली, उत्तरप्रदेश
एजुकेशन: B.A., M.A. (Hist.)
बैच: RR; 2012 (मध्यप्रदेश)
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ग्वालियर कलेक्टर: IAS रुचिका चौहान
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20 दिसंबर 1984 को जन्मीं रुचिका ने इंजीनियरिंग की। फिर 2010 में आईपीएस के लिए चुनी गईं। लेकिन रुकना उनकी फितरत नहीं थी। वे यूपीएससी के कांटेभरे रास्ते पर दौड़तीं रहीं। कलेक्टर बनने का सपना था और यह सपना अगले ही साल आईपीएस की हैदराबाद में ट्रेनिंग करते हुए आल इंडिया रैंक 50 प्राप्त कर पूरा कर लिया। वे 11 मार्च 2024 से ग्वालियर कलेक्टर हैं।
देश के दिल में बसने वालीं रुचिका चौहान मूलत: मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी और मालवा की मिट्टी इंदौर में की। 12वीं तक गणित स्ट्रीम में पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंजीनियर बनने का सपना देखा और इसे पूरा करने में खुद को पूरी तरह झोंक दिया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और वे श्रीगोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) इंदौर में दाखिला मिल गया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकॉम इंजीनियरिंग में बीई किया। विज्ञान के प्रति उनकी ललक का ही परिणाम था कि वे बीई में फर्स्ट डिवीजन से पास हुईं, लेकिन यह उनकी मंजिल नहीं थी, महज एक पड़ाव था।
कुछ निजी, कुछ सार्वजनिक भी
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मंदसौर कलेक्टर: IAS अदिति गर्ग
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मध्य प्रदेश के कटनी जिले की अदिति गर्ग का सफर उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं। विदेश में पढ़ाई और शानदार करियर के अवसर छोड़कर उन्होंने मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना और यूपीएससी परीक्षा में 54वीं रैंक प्राप्त कर वे 2015 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं।
कटनी जिले के छोटे से गाँव धरवारा से निकलकर अदिति ने यह साबित कर दिया कि मजबूत संकल्प, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
प्रोफाइल पर एक नजर
जन्मदिनांक: 15-12-1983
जन्मस्थान: कटनी
एजुकेशन: एमएससी (इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस) यूके
बैच: 2015
कैडर: मध्यप्रदेश
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आगर मालवा कलेक्टर : IAS प्रीति यादव
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वाराणसी की बेटी प्रीति यादव आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। 2016 बैच की यह IAS अधिकारी बताती हैं कि सफलता किसी एक रात का चमत्कार नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की लम्बी यात्रा है। अपने कठिन संघर्ष, सही रणनीति और आत्मविश्वास के बल पर UPSC में ऑल इंडिया रैंक 145 हासिल की थी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा
प्रोफाइल पर एक नजर
जन्म: 25-12-1991
जन्मस्थान: वाराणसी, उत्तरप्रदेश
एजुकेशन: बीटेक
बैच: 2016
कैडर: एमपी
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शाजापुर कलेक्टर: IAS ऋजु बाफना
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ऋजु बाफना 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उनकी कार्यशैली हमेशा तेज़-तर्रार और पारदर्शी रही, जिसके चलते वे जल्दी ही आम जनता के बीच लोकप्रिय हो गईं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
रिजु बाफना के पति भी आईएएस अफसर हैं। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से पूरी की। इसके बाद वर्ष 2011 में रिजु ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
प्रोफाइल पर एक नजर
जन्म: 28-09-1988
जन्मस्थान: छतीसगढ़
एजुकेशन: एमए अर्थशास्त्र
बैच: 2014
केडर: मध्यप्रदेश
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झाबुआ कलेक्टर:
आईएएस नेहा मीना
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प्रोफाइल पर एक नजर
जन्म तिथि: 13 दिसंबर 1986
निवास: राजस्थान
यूपीएससी में चयन: 01 सितंबर 2014
शिक्षा: B.A. (Hons.) Economics,
M.A. Economics
सर्विस: Asstt. Collector Dhar, Asstt. Collector, Indore SDO (Rev.) Bagli (Dewas), CEO Zila Panchayat, Indore, ADM neemuch और Collector, Jhabua.
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मैहर कलेक्टर : IAS रानी बाटड
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बड़वानी कलेक्टर: IAS जयति सिंह
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खरगोन कलेक्टर :
आईएएस भव्या मित्तल
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विवाद और प्रशासनिक फेरबदल
डिंडोरी कलेक्टर की शिकायतें
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