चीतों का घर बना एमपी: कूनो के बाद अब गांधीसागर में बसाए जाएंगे चीते, अफ्रीका की लगी मुहर...
Amresh Kushwaha | May 15, 2024, 11:03 IST
MP के चीते
मध्य प्रदेश में कूनो के बाद अब चीतों के लिए गांधी सागर अभयारण्य में दूसरा घर बनकर तैयार हो गया है। इसके लिए अभी चीतों के भोजन का भी प्रबंध किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में कूनो के बाद अब गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को बसाने की तैयारी है। मंदसौर के गांधीसागर अभयारण्य में चीतों के लिए 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ा बनकर तैयार हो गया है। वहां पर सभी अनुकूल व्यवस्थाएं हैं। जल्द ही यहां अफ्रीका से चीते आएंगे।
अफ्रीका से चीतों ( Leopards ) को लाने पर अफ्रीका की टीम ने अपनी मुहर भी लगा दी। ऐसे में अब सर्दी में ही चीतों का आगमन गांधीसागर अभयारण्य ( Gandhisagar Sanctuary ) में होगा। वन विभाग की ओर से यहां चीतों के खाने की व्यवस्था के लिए मशक्कत की जा रही है। अधिकारियों के समक्ष वर्तमान में सबसे अधिक समस्या चीतों के लिए खाने की है।
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मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रावली कुड़ी में 28 किमी लंबा बाड़ा बनकर तैयार हो गया है। यह 64 वर्ग किमी में फैला हुआ है। चीतों के लिए प्रति वर्ग किलोमीटर 20 शाकाहारी वन्य प्राणी की आवश्यकता होती है। लेकिन वर्तमान में प्रति वर्ग किलोमीटर 15 ही शाकाहारी वन्य प्राणी हैं। 1250 वन्य प्राणी अभी तीन सेंचुरी से आना शेष हैं। उससे पहले बारिश में ही मानक के अनुसार प्रति वर्ग किलोमीटर 20 शाकाहारी वन्य प्राणियों की संख्या हो जाएगी।
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अधिकारियों ने बताया कि चीतों के लिए 8 क्वॉरंटीन बाड़े बनाए गए है, जिनमें चीतों को रखा जाएगा। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। एक मेडिकल यूनिट भी बनाई है, जिसमें चीतों का उपचार हो सके। हाल ही कुछ दिनों पहले अफ्रीका की टीम ने भी हरी झंडी दे दी है। बारिश के बाद ठंड के मौसम में चीते गांधीसागर लाए जाएंगे।
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श्योपुर स्थित कूनो में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 8 चीते लाए गए। इनमें से 7 वयस्क चीतों की मौत हो चुकी है। फिलहाल 13 वयस्क चीते कूनो में हैं। मध्य प्रदेश के गांधी सागर में पहले चरण में दक्षिण अफ्रीका से 5- 8 चीते लाए जाएंगे। मौका देखने आए दल ने गांधीसागर अभयारण्य की आबोहवा को चीतों के लिए अनुकूल माना है।
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गांधीसागर वनविभाग के एसडीओ राजेश मंडवालिया ने कहा कि बारिश के बाद सर्दी में चीतों को अफ्रीका से यहां लाया जाएगा। वर्तमान में प्रति वर्ग किमी 15 शाकाहारी वन्य प्राणी है। प्रति वर्ग किमी 20 वन्य प्राणियों की जरूरत है। बारिश के बाद और वन्य प्राणी लाए जाएंगे।
अफ्रीका की टीम ने लगाई मुहर
अफ्रीका से चीतों ( Leopards ) को लाने पर अफ्रीका की टीम ने अपनी मुहर भी लगा दी। ऐसे में अब सर्दी में ही चीतों का आगमन गांधीसागर अभयारण्य ( Gandhisagar Sanctuary ) में होगा। वन विभाग की ओर से यहां चीतों के खाने की व्यवस्था के लिए मशक्कत की जा रही है। अधिकारियों के समक्ष वर्तमान में सबसे अधिक समस्या चीतों के लिए खाने की है।
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प्रति किमी हों 20 वन्य प्राणी, अभी हैं 15
मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रावली कुड़ी में 28 किमी लंबा बाड़ा बनकर तैयार हो गया है। यह 64 वर्ग किमी में फैला हुआ है। चीतों के लिए प्रति वर्ग किलोमीटर 20 शाकाहारी वन्य प्राणी की आवश्यकता होती है। लेकिन वर्तमान में प्रति वर्ग किलोमीटर 15 ही शाकाहारी वन्य प्राणी हैं। 1250 वन्य प्राणी अभी तीन सेंचुरी से आना शेष हैं। उससे पहले बारिश में ही मानक के अनुसार प्रति वर्ग किलोमीटर 20 शाकाहारी वन्य प्राणियों की संख्या हो जाएगी।
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8 क्वॉरंटीन बाड़े, सीसीटीवी भी लगाए
अधिकारियों ने बताया कि चीतों के लिए 8 क्वॉरंटीन बाड़े बनाए गए है, जिनमें चीतों को रखा जाएगा। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। एक मेडिकल यूनिट भी बनाई है, जिसमें चीतों का उपचार हो सके। हाल ही कुछ दिनों पहले अफ्रीका की टीम ने भी हरी झंडी दे दी है। बारिश के बाद ठंड के मौसम में चीते गांधीसागर लाए जाएंगे।
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MP की आबोहवा आई पसंद
श्योपुर स्थित कूनो में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 8 चीते लाए गए। इनमें से 7 वयस्क चीतों की मौत हो चुकी है। फिलहाल 13 वयस्क चीते कूनो में हैं। मध्य प्रदेश के गांधी सागर में पहले चरण में दक्षिण अफ्रीका से 5- 8 चीते लाए जाएंगे। मौका देखने आए दल ने गांधीसागर अभयारण्य की आबोहवा को चीतों के लिए अनुकूल माना है।
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बारिश के बाद और लाएंगे वन्य प्राणी - राजेश मंडवालिया
गांधीसागर वनविभाग के एसडीओ राजेश मंडवालिया ने कहा कि बारिश के बाद सर्दी में चीतों को अफ्रीका से यहां लाया जाएगा। वर्तमान में प्रति वर्ग किमी 15 शाकाहारी वन्य प्राणी है। प्रति वर्ग किमी 20 वन्य प्राणियों की जरूरत है। बारिश के बाद और वन्य प्राणी लाए जाएंगे।
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