मध्य प्रदेश में बिजली दरों के बदलाव की घोषणा में देरी: 1 अप्रैल से नहीं होंगी नई दरें
Sandeep Kumar | Mar 26, 2025, 19:58 IST
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मध्य प्रदेश में आगामी 1 अप्रैल से बिजली की नई दरें लागू नहीं होंगी, क्योंकि राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अब तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। इससे बिजली उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है।
मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अब तक नई बिजली दरों को लेकर कोई सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की है। इसके कारण, आगामी 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई दरें फिलहाल प्रभावी नहीं होंगी। आयोग के नियमों के अनुसार, जब तक सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की जाती, तब तक नई दरें लागू नहीं हो सकतीं। यदि सूचना जारी होती, तो दरें अगले दिन से 7 दिन बाद लागू होतीं।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 2025-26 के लिए बिजली दरों में 7.52% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। हालांकि विद्युत नियामक आयोग ने 24 मार्च तक सार्वजनिक सूचना नहीं की तो। जिससे नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो सकती थीं। हालांकि, अब तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है, जिससे बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
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विद्युत नियामक आयोग की जिम्मेदारी है कि वह बिजली दरों में बदलाव की घोषणा सार्वजनिक सूचना के माध्यम से करे। इसके बाद ही, एक निर्धारित अवधि के बाद नई दरें लागू होती हैं। इस प्रक्रिया के तहत, यदि सूचना समय पर जारी नहीं की जाती, तो प्रस्तावित दरों में देरी हो सकती है।
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एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 2025-26 के लिए बिजली दरों में 7.52 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता, तो उपभोक्ताओं को अधिक बिल का सामना करना पड़ता। हालांकि, अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है।
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✅ मध्य प्रदेश में आगामी 1 अप्रैल से बिजली की नई दरें लागू नहीं होंगी, क्योंकि राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अब तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की है।
✅ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 2025-26 के लिए बिजली दरों में 7.52% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, सार्वजनिक सूचना जारी न होने के कारण यह बढ़ोतरी फिलहाल लागू नहीं हो रही है।
✅ विद्युत नियामक आयोग के नियमों के मुताबिक, जब तक सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की जाती, नई दरें लागू नहीं हो सकतीं।
✅ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता, तो उपभोक्ताओं को अधिक बिल का सामना करना पड़ता।
✅अब तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है और नई दरों का प्रभाव टल गया है।
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प्रस्तावित 7.52% बढ़ोतरी का असर
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विद्युत नियामक आयोग की भूमिका
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बिजली दरों की बढ़ोतरी का प्रस्ताव
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5 बिंदुओं में समझिए पूरी स्टोरी
✅ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 2025-26 के लिए बिजली दरों में 7.52% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, सार्वजनिक सूचना जारी न होने के कारण यह बढ़ोतरी फिलहाल लागू नहीं हो रही है।
✅ विद्युत नियामक आयोग के नियमों के मुताबिक, जब तक सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की जाती, नई दरें लागू नहीं हो सकतीं।
✅ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता, तो उपभोक्ताओं को अधिक बिल का सामना करना पड़ता।
✅अब तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है और नई दरों का प्रभाव टल गया है।
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