मध्यप्रदेश में कर्मचारियों-अधिकारियों की पदोन्नति के नए नियम जारी, प्रमोशन कमेटी में शामिल होंगे ये अधिकारी
Manish Kumar | Jun 19, 2025, 18:11 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के पदोन्नति के लिए नए नियमों का गजट नोटिफिकेशन जारी किया। यह निर्णय मोहन कैबिनेट की बैठक में लिया गया था। नए नियमों में योग्यता, वरिष्ठता और उपयुक्तता पर ध्यान दिया गया है।
BHOPAL. मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के पदोन्नति के नए नियमों को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। मध्य प्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2025 को मंजूरी देने का फैसला मंगलवार को मोहन कैबिनेट ने लिया था। अब इस पदोन्नति प्रक्रिया की शुरुआत की जाएगी।
यह निर्णय हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया था। 19 जून 2025, गुरुवार को इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। मध्य प्रदेश सरकार ने पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर जो नए नियम जारी किए हैं, उनमें योग्यता, वरिष्ठता और कार्य दक्षता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उच्च वेतनमान के पदों पर पदोन्नति "योग्यता और वरिष्ठता" के आधार पर होगी। अन्य सभी पदों पर पदोन्नति "वरिष्ठता और उपयुक्तता" के आधार पर की जाएगी। शेष सभी नियम पदोन्नति के लिए समान रूप से लागू होंगे।
विभाग के संवर्ग में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए आरक्षित पदों की गणना की जाएगी। अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित पदों की संख्या कुल पदों का 20% होगी।
अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित पदों की संख्या कुल पदों का 16% होगी। X और Y का मान 0 से 1 तक होगा, जो प्रशासनिक दक्षता पर आधारित होगा। इनका निर्धारण राज्य शासन द्वारा विभागीय समिति के माध्यम से होगा।
आमतौर पर, X=1 और Y=1 निर्धारित किया जाएगा और यदि कुछ अलग निर्धारण करना हो, तो मुख्य सचिव की समिति से अनुमोदन लिया जाएगा।
X और Y का निर्धारण पांच वर्षों के लिए होगा (2024 से 2028 तक)। हर पांच साल बाद इसे पुनः निर्धारित किया जाएगा।
ये भी पढ़ें...
अब नहीं लगेगा पदोन्नति में ब्रेक, एमपी में 2 साल में एक बार होगी डीपीसी बैठक
पदोन्नति पर कर्मचारी संगठनों में फिर तकरार, सपाक्स ने सिरे से नकारा
फिर अड़ेगा एमपी में कर्मचारी प्रमोशन का घोड़ा, अजाक्स खुश तो सपाक्स लेने वाला है बड़ा एक्शन
सीएम मोहन यादव का ऐतिहासिक फैसला, बंपर नौकरी और प्रमोशन का रास्ता किया साफ
राज्य शासन द्वारा पदोन्नति के लिए प्रत्येक संवर्ग के पदों का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए एक समिति बनाई जाएगी, जो निर्णय लेगी। समिति के अध्यक्ष विभाग के सचिव और विभागाध्यक्ष सचिव होंगे। इसके साथ ही, जीएडी (सामान्य प्रशासन विभाग) का उपसचिव या उससे उच्च रैंक का एक अधिकारी भी समिति में शामिल होगा।
यदि इन तीनों में से कोई सदस्य एससी वर्ग का नहीं है, तो एक सेकेंड क्लास एससी अधिकारी को भी समिति में शामिल किया जाएगा। इसी तरह, अगर एसटी वर्ग का कोई सदस्य नहीं है, तो एक सेकेंड क्लास एसटी अधिकारी को भी समिति में शामिल किया जाएगा।
प्रत्येक चयन वर्ष के लिए एक बार बैठक होगी। 31 दिसंबर 2025 तक की रिक्तियों के लिए विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। बाद में, प्रत्येक चयन वर्ष के लिए बैठक सितंबर से नवंबर तक आयोजित होगी। यदि किसी वर्ष की बैठक नहीं होती, तो अगली बैठक में पिछली बैठक का विचार किया जाएगा। अनुपलब्ध पदों को रिक्त माना जाएगा।
कर्मचारी की सेवा की अवधि (service period) उस चयन वर्ष तक की जाएगी, जिस वर्ष की पदोन्नति के लिए समिति की बैठक हो रही हो। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई कर्मचारी दिसंबर 2021 में फीडर संवर्ग या सेवा में शामिल हुआ है, तो 31 दिसंबर 2025 को उसकी पांच वर्ष की प्रमोशन योग्य सेवा पूरी हो जाएगी।
नियमों के अनुसार, कर्मचारी की सीआर (Confidential Report) का निर्धारण उस चयन वर्ष की पदोन्नति के लिए समिति की बैठक के आधार पर किया जाएगा, और यह पिछले 5 वित्तीय वर्षों की होनी चाहिए। अगर इन 5 वर्षों में से अधिकतम दो सीआर उपलब्ध नहीं हैं, तो विभागीय पदोन्नति समिति 2 पुराने सालों सहित कुल सात वर्षों की सीआर को पदोन्नति के लिए आधार बना सकती है।
जीएडी ने नियमों में कहा है कि यदि कर्मचारी निलंबित है, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी है, या किसी आपराधिक आरोप में कोर्ट में चालान पेश किया गया है, तो ऐसे मामलों में खाली पदों को अस्थायी रूप से भरा जाएगा।
जब कर्मचारी दोषमुक्त होगा, तब सीलबंद अनुशंसा को खोला जाएगा और पात्र होने पर पदोन्नति की तारीख से उसे पदोन्नति दी जाएगी। इसके अलावा, कर्मचारी को संवर्ग के खाली पद में समायोजित किया जाएगा।
अगर कोई खाली पद नहीं है, तो सबसे बाद में पदोन्नति पाने वाले व्यक्ति को डिमोट कर उस पद के लिए पदोन्नति दी जा सकती है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃
🤝💬👩👦👨👩👧👧
प्रमोशन | अधिकारियों का प्रमोशन | मोहन यादव | सीएम डॉ.मोहन यादव । डिमोशन | प्रमोशन में आरक्षण
यह निर्णय हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया था। 19 जून 2025, गुरुवार को इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। मध्य प्रदेश सरकार ने पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर जो नए नियम जारी किए हैं, उनमें योग्यता, वरिष्ठता और कार्य दक्षता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पदोन्नति हेतु आधार और नियम...
पदोन्नति का आधार
आरक्षित पदों की गणना
अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित पदों की संख्या कुल पदों का 16% होगी। X और Y का मान 0 से 1 तक होगा, जो प्रशासनिक दक्षता पर आधारित होगा। इनका निर्धारण राज्य शासन द्वारा विभागीय समिति के माध्यम से होगा।
आमतौर पर, X=1 और Y=1 निर्धारित किया जाएगा और यदि कुछ अलग निर्धारण करना हो, तो मुख्य सचिव की समिति से अनुमोदन लिया जाएगा।
पांच वर्षों के लिए निर्धारण
ये भी पढ़ें...
अब नहीं लगेगा पदोन्नति में ब्रेक, एमपी में 2 साल में एक बार होगी डीपीसी बैठक
पदोन्नति पर कर्मचारी संगठनों में फिर तकरार, सपाक्स ने सिरे से नकारा
फिर अड़ेगा एमपी में कर्मचारी प्रमोशन का घोड़ा, अजाक्स खुश तो सपाक्स लेने वाला है बड़ा एक्शन
सीएम मोहन यादव का ऐतिहासिक फैसला, बंपर नौकरी और प्रमोशन का रास्ता किया साफ
नीचे देखें जारी किया गया नोटिफिकेशन
बनाई जाएंगी विभागीय पदोन्नति समिति (DPC)
यदि इन तीनों में से कोई सदस्य एससी वर्ग का नहीं है, तो एक सेकेंड क्लास एससी अधिकारी को भी समिति में शामिल किया जाएगा। इसी तरह, अगर एसटी वर्ग का कोई सदस्य नहीं है, तो एक सेकेंड क्लास एसटी अधिकारी को भी समिति में शामिल किया जाएगा।
विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक
सर्विस पीरियड का ऐसे होगा कैलकुलेशन
सीआर निर्धारण का यह होगा फार्मूला
प्रमोशन के लिए ये होंगे अपात्र
जब कर्मचारी दोषमुक्त होगा, तब सीलबंद अनुशंसा को खोला जाएगा और पात्र होने पर पदोन्नति की तारीख से उसे पदोन्नति दी जाएगी। इसके अलावा, कर्मचारी को संवर्ग के खाली पद में समायोजित किया जाएगा।
अगर कोई खाली पद नहीं है, तो सबसे बाद में पदोन्नति पाने वाले व्यक्ति को डिमोट कर उस पद के लिए पदोन्नति दी जा सकती है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃
🤝💬👩👦👨👩👧👧
प्रमोशन | अधिकारियों का प्रमोशन | मोहन यादव | सीएम डॉ.मोहन यादव । डिमोशन | प्रमोशन में आरक्षण
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari