MP स्टेट बार काउंसिल चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने तय की डेडलाइन, 30 अप्रैल तक अनिवार्य मतदान

Neel Tiwari | Feb 06, 2026, 23:35 IST
Share
mp state bar council election
Photograph: (thesootr)

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव के लिए 30 अप्रैल 2026 तक समयसीमा तय की। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी हाई-पावर्ड कमेटी करेगी।

News in short

  • सुप्रीम कोर्ट ने MP स्टेट बार काउंसिल चुनाव को लेकर सख्त आदेश जारी किया
  • 30 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराना अनिवार्य, कोई और विस्तार नहीं
  • जस्टिस रवि शंकर झा की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी गठित
  • कार्यकाल समाप्त होने के बाद देरी पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
  • करीब 1 लाख अधिवक्ताओं के अधिकार और कल्याण योजनाओं से जुड़ा मामला

News in detail

मध्य प्रदेश के करीब एक लाख से अधिक अधिवक्ताओं के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी और निर्णायक राहत सामने आई है। लंबे समय से टलते आ रहे स्टेट बार काउंसिल चुनावों को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने सख्त समय-सीमा तय कर दी है। जस्टिस रवि शंकर झा की निगरानी में 30 अप्रैल 2026 तक हर हाल में चुनाव प्रक्रिया पूरी करानी होगी।

कार्यकाल खत्म होने के बाद भी चुनाव न होने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष हुई। कोर्ट ने रिकॉर्ड पर यह तथ्य लिया कि एमपी स्टेट बार काउंसिल की निर्वाचित कार्यकारिणी का निर्धारित कार्यकाल अक्टूबर 2025 में ही समाप्त हो चुका था।

इसके बावजूद लंबे समय तक चुनाव प्रक्रिया शुरू न होना अदालत को गंभीर लापरवाही प्रतीत हुई। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्वाचित संस्था का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव न कराना अधिवक्ताओं के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।



BCI द्वारा दिए गए विस्तार के बाद भी नहीं मिली राहत

सुनवाई के दौरान भारतीय विधिज्ञ परिषद (Bar Council of India – BCI) ने सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया कि एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 8 के अंतर्गत मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल को छह महीने का अतिरिक्त विस्तार प्रदान किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार तो किया, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि यह विस्तार अंतिम था। कोर्ट ने कहा कि अब किसी भी परिस्थिति में और समय नहीं दिया जाएगा और तय समय-सीमा के भीतर नई निर्वाचित परिषद का गठन अनिवार्य है।

ये खबर भी पढ़ें...

संपत्ति विवाद: डॉ. हेमलता की जमीन पर सफाई देने प्रेस वार्ता में घिरे डॉ. सुमित जैन

निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए हाई-पावर्ड कमेटी

चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने एक हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी के गठन का आदेश दिया है। इस कमेटी की अध्यक्षता पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रवि शंकर झा करेंगे।

कमेटी नामांकन प्रक्रिया, मतदान की तिथि, मतदाता सूची, मतदान व्यवस्था और मतगणना सहित पूरी चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करेगी, ताकि किसी भी स्तर पर विवाद या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।

अधिवक्ताओं के लिए क्यों बेहद अहम है यह चुनाव

मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल प्रदेश के लगभग एक लाख से अधिक अधिवक्ताओं का प्रतिनिधित्व करती है। चुनाव में देरी के चलते अधिवक्ता कल्याण योजनाएं प्रभावित हो रही थीं।

मृत्यु दावा राशि, चिकित्सा सहायता, आर्थिक सहयोग और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के निर्णय नई परिषद के अभाव में लंबित थे। इसके अलावा वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक मामलों की सुनवाई और समितियों का पुनर्गठन भी चुनाव पर निर्भर था, जिससे न्यायिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा था।

ये खबर भी पढ़ें...

MP हाई कोर्ट में कमिश्नर ऑफ ओथ्स के पदों पर निकली भर्ती, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

नए वकीलों और पंजीयन प्रक्रिया पर भी पड़ा असर

चुनाव न होने का सीधा असर नए अधिवक्ताओं के एनरोलमेंट और प्रैक्टिस सर्टिफिकेट से जुड़ी नीतियों पर भी पड़ा। नई परिषद के गठन के बिना कई अहम नीतिगत फैसले नहीं लिए जा पा रहे थे। युवा अधिवक्ताओं में इसे लेकर असंतोष बढ़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को इसी असंतोष के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

किस मामले में आया आदेश

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश ‘एम. वरधन बनाम भारत संघ’ (Writ Petition Civil No. 1319/2023) मामले में पारित किया गया है। इस याचिका के माध्यम से देशभर की विभिन्न राज्य बार काउंसिलों में समय पर चुनाव न होने के मुद्दे को उठाया गया था। मध्य प्रदेश से संबंधित आवेदनों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब स्पष्ट और बाध्यकारी समय-सीमा तय कर दी है।

ये खबर भी पढ़ें...

उज्जैन सीवरेज प्रोजेक्ट पर हाईकोर्ट करेगा निगरानी, 31 मार्च की डेडलाइन

यह दिया है सुप्रीम कोर्ट ने आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य बार काउंसिल के चुनावों को लेकर निर्देश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस जोयमालया बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की डिविजनल बेंच ने मध्य प्रदेश के संदर्भ में, कोर्ट ने नोट किया कि बार काउंसिल का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में समाप्त हो गया था।

अब यह चुनाव 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से कराने का आदेश दिया गया है। जिसकी निगरानी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय समिति करेगी। वहीं, राजस्थान राज्य बार काउंसिल के लिए चुनाव निर्देश और समिति का गठन पहले ही हो जाने के कारण, कोर्ट ने संबंधित आवेदन को निष्प्रभावी मानते हुए निपटा दिया है।

ये खबर भी पढ़ें...

सवाल पूछा… और मंत्री विजय शाह निकल लिए

अब आगे क्या

अब स्टेट बार काउंसिल और जस्टिस रवि शंकर झा की अध्यक्षता वाली चुनाव समिति के समक्ष सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। आने वाले दिनों में समिति की पहली बैठक हो सकती है। मतदाता सूची को अपडेट करने का काम तेजी से शुरू होगा, इसके बाद विस्तृत चुनाव अधिसूचना और आचार संहिता जारी की जाएगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप से राज्य में बार काउंसिल की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और अधिवक्ताओं को जवाबदेह नेतृत्व मिलेगा।

कीवर्ड्स:
MP State Bar Council, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव समयसीमा, अधिवक्ता कल्याण, हाई पावर्ड कमेटी, चुनाव प्रक्रिया

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • MP State Bar Council
  • एमपी स्टेट बार काउंसिल
  • जस्टिस सूर्यकांत
  • चुनाव प्रक्रिया
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा