गुरुजी, पहले सॉल्व करें सवाल, फिर लगेगी स्कूल में ई-अटेंडेंस!
Amresh Kushwaha | Aug 18, 2026, 08:30 IST
स्कूल में ई-अटेंडेंस
मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के लिए अब कैप्चा जरूरी होगा। सही जोड़-घटाव का जवाब देने पर ही हाजिरी दर्ज होगी। सर्वर का लोड कम करने के लिए यह बदलाव किया गया है। वहीं, 15 मिनट का ग्रेस पीरियड भी मिलेगा।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था में बदलाव हुआ है।
- अब हाजिरी लगाने से पहले कैप्चा हल करना होगा।
- सही जोड़-घटाव का जवाब देने पर ही अटेंडेंस दर्ज होगी।
- शिक्षकों को 15 मिनट का ग्रेस पीरियड भी मिलेगा।
- यह बदलाव सर्वर का लोड कम करने के लिए किया गया है।
क्या है नई व्यवस्था
यह बदलाव अचानक नहीं हुआ है। इसके पीछे एक बड़ी तकनीकी वजह है। प्रदेश में तीन लाख से ज्यादा शिक्षक और अतिथि शिक्षक हैं। यह सभी हर दिन ई-अटेंडेंस लगाते हैं। जब सभी शिक्षक एक ही समय पर लॉगइन करते हैं, तो ऐप और सर्वर पर भारी दबाव पड़ता है। इससे सर्वर धीमा हो जाता है या कई बार बंद भी हो जाता है।
सर्वर पर बढ़ते लोड की समस्या
विभाग ने सर्वर की क्षमता भी बढ़ाई है। इससे ज्यादा शिक्षकों के एक साथ लॉगइन करने पर भी सिस्टम आसानी से काम कर सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों बदलावों से अटेंडेंस व्यवस्था ज्यादा स्थिर होगी। शिक्षकों को बार-बार तकनीकी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
समय और ग्रेस पीरियड का नियम
यदि किसी शिक्षक को किसी खास वजह से देरी होती है, तो उसके लिए भी रास्ता रखा गया है। ऐसे शिक्षक अपने प्राचार्य को व्हॉट्सएप पर सूचना दे सकते हैं। हालांकि इस सुविधा का बार-बार इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। विभाग चाहता है कि शिक्षक तय समय पर ही स्कूल पहुंचें।
आयुक्त ने खुद दिखाई पहल
आयुक्त ने यह भी कहा कि शिक्षकों का स्कूल में समय पर मौजूद रहना जरूरी है। यदि शिक्षक पूरे समय स्कूल में रहेंगे, तो पढ़ाई की गुणवत्ता खुद बेहतर होगी। उनका मानना है कि इसका सीधा असर परीक्षा परिणामों पर भी दिखेगा। इसी वजह से अटेंडेंस व्यवस्था को सख्त और भरोसेमंद बनाया जा रहा है।
आगे क्या बदलेगा
शिक्षकों के लिए यह बदलाव शुरुआत में थोड़ा नया लग सकता है। लेकिन विभाग का मानना है कि लंबे समय में यह फायदेमंद रहेगा। सर्वर की समस्या कम होगी और अटेंडेंस प्रक्रिया आसान बनेगी। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया भी सामने आएगी।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQ
- मध्यप्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस में कैप्चा क्यों जोड़ा गया है?
सर्वर का लोड कम करने के लिए कैप्चा जोड़ा गया है। प्रदेश में तीन लाख से ज्यादा शिक्षक एक साथ अटेंडेंस लगाते हैं, जिससे सर्वर पर दबाव पड़ता था। कैप्चा से एक साथ लॉगइन रिक्वेस्ट नियंत्रित होंगी और सिस्टम स्थिर रहेगा। - अटेंडेंस लगाने का समय और ग्रेस पीरियड क्या है?
पहली पाली में सुबह 10:30 बजे और दूसरी पाली में शाम 4:15 बजे तक अटेंडेंस दर्ज करनी होगी। इसके अलावा 15 मिनट का ग्रेस पीरियड भी दिया जाएगा, ताकि देरी होने पर भी हाजिरी लग सके। - यदि किसी शिक्षक को अटेंडेंस लगाने में देरी हो जाए तो क्या करना होगा?
ऐसे शिक्षक अपने प्राचार्य को व्हॉट्सएप के जरिए सूचना दे सकते हैं। हालांकि यह सुविधा बार-बार इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी। विभाग चाहता है कि शिक्षक तय समय पर ही अटेंडेंस दर्ज करें।
35 हजार शिक्षकों के 100% वेतन पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित, जल्द आ सकता है बड़ा आदेश
लाड़ली बहना योजना का फिर होगा सर्वे! मध्यप्रदेश सरकार कराएगी रियलिटी चेक
मध्यप्रदेश में बनेंगे 5 नए एयरपोर्ट, नीमच, सागर, छिंदवाड़ा समेत 5 शहरों को सौगात
मध्यप्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस विजय सिंह ने छोड़ा रतन टाटा ट्रस्ट का पद
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA