एमपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, बिल भुगतान पर लोक अदालत जैसी छूट देगी कंपनी
Ramanand Tiwari | Nov 22, 2025, 11:43 IST
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दिसंबर 2025 में मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी (MPMKVVCL) उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने जा रही है। कंपनी ने कहा है उपभोक्ताओं को लोक अदालत जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPMKVVCL) अपने बिजली बिल बकायेदारों को एक नई सुविधा देने जा रही है।
बता दें कि पोर्टल पर अपना कंज्यूमर आईडी डालते ही उपभोक्ता को धारा-126 में लंबित मामले दिखाई देंगे।
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छूट का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता को यह सत्यापित करना होगा कि---
कंपनी के अनुसार, धारा-126 के तहत 10 लाख रुपए तक की सिविल दायित्व राशि वाले मामलों पर यह छूट लागू होगी।
छूट के अंतर्गत आने वाली श्रेणियां:
उपभोक्ताओं को दो प्रकार की राहत मिलेगी-
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कंपनी ने यह तय किया है कि बिजली अधिनियम 2003 की धारा-126 के तहत जो लंबित मामले हैं, उन्हें हल किया जाएगा। इन मामलों को लोक अदालत की तर्ज पर छूट देकर सुलझाया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन करने का मौका मिलेगा। आवेदन 1 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक किए जा सकेंगे।
1 से 31 दिसंबर तक आवेदन का मौका
- यह सुविधा 16 जिलों के उपभोक्ताओं को मिलेगी।
- उपभोक्ता 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।
- इस अवधि में किए गए आवेदन पर ही छूट का लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन ऐसे करें
- ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उपभोक्ताओं को कंपनी पोर्टल https://portal.mpcz.in/web/ पर जाना होगा।
- क्विक लिंक में उपलब्ध “Rebate As Lokadalat in Section 126” विकल्प पर क्लिक करना होगा।
- कंज्यूमर ID दर्ज करते ही धारा-126 के तहत दर्ज पूरा लंबित मामला स्क्रीन पर दिख जाएगा। इससे उपभोक्ता आगे प्रोसेस कर सकता है।
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छूट पाने के लिए किन बातों की होगी पुष्टि
- संबंधित परिसर पर कोई बाकी बिजली बिल नहीं होना चाहिए।
- धारा-127 के तहत अपीलीय प्राधिकरण या किसी न्यायालय में इस मामले से संबंधित कोई अपील लंबित नहीं होनी चाहिए।
- इसके बाद, उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान का विकल्प चुनकर आसानी से राशि जमा कर सकता है।
किन मामलों में मिलेगी लोक अदालत जैसी राहत
छूट के अंतर्गत आने वाली श्रेणियां:
- सभी घरेलू उपभोक्ता
- सभी कृषि उपभोक्ता
- 5 किलोवाट तक के गैर-घरेलू कनेक्शन
- 10 अश्वशक्ति (HP) तक के औद्योगिक कनेक्शन
- इन सभी श्रेणियों के उपभोक्ता अपना आवेदन संबंधित उप महाप्रबंधक के कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
छूट की गणना कैसे होगी
- आकलित राशि पर 20% की छूट (बिजली उपभोक्ताओं को राहत)
- निर्धारण आदेश की तारीख से 30 दिन बाद लगने वाले 16% चक्रवृद्धि ब्याज पर 100% की छूट
- बशर्ते कि मामले पर धारा-127 के अंतर्गत अपील लंबित न हो।
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एक ही कनेक्शन पर कई केस हैं?
- यदि किसी एक कनेक्शन पर धारा-126 के कई मामले दर्ज हैं, तो सभी मामलों का भुगतान एक साथ करना अनिवार्य होगा।
- ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को अपने वितरण केंद्र/जोन कार्यालय से संपर्क कर विशेष आवेदन करना होगा।
- दिसंबर माह बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है।
- धारा-126 के मामलों में भारी राहत पाकर उपभोक्ता न सिर्फ लंबित प्रकरण सुलझा सकेंगे, बल्कि ब्याज और आकलित राशि में भी उल्लेखनीय छूट का लाभ उठा सकेंगे।
क्या है धारा-126?
- धारा-126 भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की महत्वपूर्ण धारा है, जो बिजली चोरी और गलत उपयोग से जुड़े मामलों का समाधान करती है।
- यदि कोई व्यक्ति अवैध तरीके से बिजली का उपयोग करता है या मीटर में छेड़छाड़ करता है, तो उसे जुर्माना और सजा हो सकती है।
- इस धारा के तहत, बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं से बिजली चोरी या मीटर में गड़बड़ी के मामलों में जुर्माना वसूल सकती हैं।
- प्रक्रिया के तहत, उपभोक्ता को पहले नोटिस दिया जाता है और फिर उसे मामला सुलझाने का मौका मिलता है।
- अगर मामला हल नहीं होता, तो जुर्माना और अन्य दंड लगाए जा सकते हैं।
- लोक अदालत जैसी व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को राहत देने का मौका मिलता है, जिससे वे समय रहते मामले का निपटारा कर सकते हैं और जुर्माना कम हो सकता है।
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